suvichar

यौन हिंसा मामला : उच्चतम न्यायालय ने दाती महाराज से उच्च न्यायालय जाने को कहा

Updated: मंगलवार, 23 अक्टूबर 2018 (00:58 IST)
नई दिल्ली। उच्चतम न्यायालय ने यौन हिंसा के मामले में आरोपी स्वयंभू उपदेशक दाती महाराज से सोमवार को कहा कि पीड़िता द्वारा अदालत से सूचना छिपाए जाने संबंधी अपनी शिकायत के समाधान के लिए वे दिल्ली उच्च न्यायालय जाएं। हालांकि शीर्ष अदालत ने दाती महाराज को उच्च न्यायालय द्वारा मामले के अंतिम रूप से निपटाए जाने के बाद फिर उसके पास आने की छूट प्रदान की है।
 
 
न्यायमूर्ति एनवी रमण और न्यायमूर्ति एमएम शांतानागौदर ने दाती महाराज की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता मुकुल रोहतगी से कहा कि वे यौन हिंसा के इस मामले को सीबीआई को सौंपने का आदेश देने वाले उच्च न्यायालय के पास जाएं। रोहतगी ने कहा कि जिस याचिकाकर्ता की याचिका पर उच्च न्यायालय ने सीबीआई जांच का आदेश दिया है, उसने यह तथ्य छिपाया कि उन्हीं वकीलों द्वारा दायर गई आपराधिक याचिका उच्च न्यायालय ने खारिज कर दी थी और यहां तक कि शीर्ष अदालत में भी याचिका वापस ले ली गई थी।
 
रोहतगी ने कहा कि उन्होंने न्यायालय के साथ छल करके आपराधिक अवमानना की है। उन्होंने इस बात का खुलासा नहीं किया कि सीबीआई जांच की उनकी याचिका उच्च न्यायालय पहले ही खारिज कर चुका है। पीठ ने कहा कि दाती महाराज ये शिकायतें उच्च न्यायालय के समक्ष रख सकते हैं जिसके पास यह मामला लंबित है।
 
इसके बाद रोहतगी ने याचिका वापस लेने की अनुमति मांगी और कहा कि उन्हें उच्च न्यायालय द्वारा इसका अंतिम फैसला करने के बाद शीर्ष अदालत आने की अनुमति प्रदान की जाए। पीठ ने याचिका वापस लेने की अनुमति देते हुए इसे खारिज कर दिया और उच्च न्यायालय के अंतिम आदेश के बाद फिर शीर्ष अदालत आने की छूट प्रदान कर दी।
 
दाती महाराज ने यौन हिंसा का मामला केंद्रीय जांच ब्यूरो को सौंपने के उच्च न्यायालय के 3 अक्टूबर के आदेश को चुनौती दी थी। दाती मदनलाल उर्फ दाती महाराज और उनके 3 भाइयों तथा 1 महिला के खिलाफ 7 जून को दक्षिण दिल्ली के फतेहपुर बेरी थाने में एक शिकायत दायर की गई थी और 11 जून को प्राथमिकी दर्ज हुई थी।
 
दाती महाराज की एक अनुयायी ने उन पर दिल्ली और राजस्थान के आश्रमों में उसका बलात्कार करने का आरोप लगाया है। इस मामले में पुलिस ने 22 जून को दाती महाराज से पूछताछ की थी। आरोपी दाती महाराज का दावा है कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया जा रहा है। (भाषा)

Avadh Ojha : 30-40 करोड़ लोगों को निपटा दूंगा, भगवान मुझे कभी सत्ता में मत लाना, अब सत्ता की कुर्सी से क्यों डर रहे हैं अवध ओझा

रेल यात्रियों को क्या फायदा होगा, 7 हाई-डेंसिटी रेल नेटवर्क को फोर-लेन करने की मिली मंजूरी

1.43 लाख का iPhone 14 Pro ऑर्डर किया, बॉक्स में निकला नकली चीनी फोन, अब कंपनी देगी करीब ₹1.7 लाख

ब्रिटेन में क्यों फंसे हैं विजय माल्या? भगोड़े कारोबारी ने किया बड़ा दावा

मजिस्ट्रेट की इतनी हिम्मत..? छात्र को नोटिस भेजने पर भड़के CJI, ग्रेटर नोएडा प्रशासन को लगाई कड़ी फटकार

बैंक स्ट्राइक से सितंबर में बिगड़ सकता है कामकाज का शेड्यूल, जानिए कब-कब हड़ताल पर हैं कर्मचारी

गुजरात विधानसभा में अत्याधुनिक पोर्टेबल अस्पताल 'BHISHM Cube-R300' की प्रदर्शनी, महज 12 मिनट में होता है तैयार

बिना बीज के खिलते हैं रहस्यमयी फूल, जानिए हनोल के महासू देवता मंदिर की खास बातें

सोचा था iPhone 18 प्रो आएगा तो 17 सस्ता होगा, Apple ने उल्टा बढ़ा दी कीमत, बने Memes

यात्री परिवहन विजन समिट-2026: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव 11 सितंबर को करेंगे दो दिवसीय समिट का शुभारंभ

अगला लेख