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चीन में 'गुलाम' है मीडिया, फिर भी....

Updated: बुधवार, 19 जुलाई 2017 (14:22 IST)
नई दिल्ली। चीन में मीडिया को उतनी स्वतंत्रता नहीं है जितनी किसी अन्य लोकतांत्रिक देश में होती है क्योंकि चीन पर अभी भी वामपंथियों का शासन है जो कि अपने हर काम में अत्यधिक सख्ती बरतता है। सरकारी पाबंदी के बावजूद दुनिया में सबसे ज्यादा अखबार वहीं छपते हैं। लेकिन इन सबके बावजूद भी दुनिया में सबसे ज्यादा अखबार वहीं पढ़े जाते हैं। आंकड़ों के मुताबिक चीन में अखबार की प्रतिदिन 96.6 मिलियन 96 करोड़ से अधिक प्रतियां बिकती हैं। इसके बाद भारत का नंबर आता है जहां विभिन्न अखबारों की प्रतिदिन 78.7 मिलियन (78 करोड़) प्रतियां बिकती हैं।
 
भारत और चीन के इस मुकाबले में सबसे ज्यादा प्रतियां अंग्रेजी और क्षेत्रीय भाषाओं में प्रकाशित होती है। समाचार पत्रों से आय के मामले में भी चीन आगे है, यहां के अखबारी विज्ञापनों में करीब 128 प्रतिशत की वृद्धि हुई। पर जहां तक चीनी मीडिया का प्रश्न है तो वहां का प्रमुख अंग्रेजी समाचार पत्र  'द ग्लोबल टाइम्स' बिक्री और प्रसार के मामले में सबसे आगे रहता है। विदित हो कि द ग्लोबल  टाइम्स को समाचार पत्रों की विश्वसनीयता में भी सबसे अच्छा स्थान है। 2001 से 2006 के आंकड़ों के मुताबिक चीन में अखबारों में विज्ञापन के राजस्व में लगभग 128 फीसदी की बढ़ोतरी हुई है। चीनी मीडिया में दबदबे की बात करें तो चीनी सरकार का मुखपत्र 'द ग्लोबल टाइम्स' सब पर भारी है, चीन के इस समाचार पत्र को अंतरराष्ट्रीय स्थान भी हासिल हैं।
 
सरकारी मीडिया 'द ग्लोबल टाइम्स' एक राष्ट्रवादी टेबलॉयड अखबार है जो कि दो भाषाओं, चीनी और  अंग्रेजी, में प्रकाशित होता है। चीनी कम्युनिस्ट पार्टी का ये मुखपत्र 1993 में चीनी भाषा में प्रकाशित हुआ। 20 अप्रैल 2009 को 'ग्लोबल टाइम्स' के अंग्रेजी एडिशन की शुरुआत हुई। समय के साथ-साथ द ग्लोबल टाइम्स की पहुंच सारी दुनिया में है। ग्लोबल टाइम्स ने 20 फरवरी, 2013 को अपना अंग्रेजी संस्करण लॉन्च किया। 
 
यह चीनी और अंग्रेजी में एक साथ एक यूएस संस्करण की शुरुआत करने के लिए चीन का पहला दैनिक समाचार पत्र है। हालांकि ग्लोबल टाइम्स के अमेरिकी संस्करण में इसके अंग्रेजी संस्करण में 24 पृष्ठों और चीनी संस्करण में 16 पृष्ठ हैं। इसकी खासियत यह है कि चीनी भाषा के संस्करण में अंतरराष्ट्रीय मुददों पर ज्यादा जोर दिया जाता है। लेकिन अंग्रेजी भाषा के संस्करण चीन की घरेलू  घटनाओं पर अधिक जानकारी देते हैं और सरकारी पक्ष रखा जाता है।
 
समाचार पत्र के अंग्रेजी भाषा के संस्करण ने चीन के दो प्रमुख महानगरों के पाठकों को अधिक  जानकारी प्रदान करने के लिए दो स्थानीय संस्करण भी लॉन्च किए हैं जिनमें सितंबर 2009 में मैट्रो  बीजिंग और अप्रैल 2010 में मैट्रो शंघाई प्रमुख है।
 
1950 से 2000 के बीच चीन में अखबारों के प्रकाशन में करीब 10 गुना की बढ़ोतरी हुई। 2004 में  चीन में 400 तरह के विभिन्न अखबारों का प्रकाशन शुरू हुआ, जिनका 80 मिलियन (आढ़ करोड) रहा, जो कि किसी भी देश का सबसे अधिक आंकड़ा है। विभिन्न तरह के पाठकों को ध्यान में रखते हुए  चीन में विविध अखबारों के प्रकाशन में लगातार इजाफा हुआ है। 
 
आज की तारीख में चीन में 39 अखबारों के प्रकाशन समूह है, जैसे बीजिंग डेली न्यूज पेपर ग्रुप, वेंहुई शिनमिन एसोसिएटेड न्यूजपेपर्स ग्रुप, गुआंगझू डेली न्यूज पेपर्स ग्रुप आदि शामिल रहे हैं। 1987 में  चीन में दो समाचार एजेंसी थीं सिन्हुआ न्यूज एजेंसी और चाइना न्यूज सर्विस। इसके अलावा चीन का  सरकारी मीडिया 'द ग्लोबल टाइम्स' प्रमुख है जिसे सरकारी कदमों की जानकारी सबसे पहले मिलती रही है।
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