महिला के पेट से निकाली गईं 838 पथरियां
Publish Date: Thu, 2 Mar 2017 (17:31 IST)
Updated Date: Thu, 2 Mar 2017 (17:33 IST)
नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के फोर्टिस अस्पताल में डॉक्टरों की टीम ने एक बुजुर्ग महिला के पित्ताशय का सफल ऑपरेशन कर 838 पथरियां निकाली हैं। अस्पताल का दावा है कि पित्ताशय से इतनी अधिक संख्या में पथरियां निकाला जाना अब तक का एक रिकॉर्ड है।
इस ऑपरेशन को शालीमारबाग स्थित फोर्टिस अस्पताल के गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल सर्जरी विभाग के डॉक्टर अमित जावेद के नेतृत्व में विशेषज्ञों की एक टीम ने अंजाम दिया। ऑपरेशन के लिए लैप्रोस्कोपिक सर्जरी की विधि अपनाई गई।
डॉक्टर जावेद ने ऑपरेशन की जटिलताओं और मरीज के स्वास्थ्य की स्थिति का हवाला देते हुए गुरुवार को यहां बताया कि पित्ताशय में पथरी का ऑपरेशन कोई नई बात नहीं है लेकिन यह मामला अपने आप में काफी अलग था।
उन्होंने बताया कि महिला मरीज की आयु 60 वर्ष की होने तथा उसे उच्च रक्तचाप और दिल की बीमारी के कारण ऑपरेशन करना काफी कठिन काम था। मरीज को पेट में दर्द, जी मिचलाने और बुखार की शिकायत बार-बार होने पर ऐसा संदेह किया गया कि उसे पित्ताशय का कैंसर हो सकता है।
उन्होंने बताया कि इस आधार पर पित्ताशय का सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड कराया गया। अल्ट्रासाउंड में रोगी के पित्ताशय में असामान्य सूजन थी। पित्ताशय की दीवारें भी अपेक्षाकृत काफी मोटी हो गई थीं। इस पर लैप्रोस्कोपिक तकनीक से पित्ताशय का ऑपरेशन किया गया। पित्ताशय को साथ लगे लिवर के हिस्से के साथ हटाया गया और किसी तरह के संक्रमण से बचाव के लिए एक पाउच में रखा गया। पित्ताशय को खोलने पर उसमें छोटी-बड़ी 838 पथरियां पाई गईं।
पथरियां वयस्कों के मामले में पित्ताशय या पित्तवाहिनी में बॉइल पिगमेंट, कोलेस्ट्रॉल और कैल्शियम साल्ट से मिलकर बने असामान्य कण होते हैं। ये बीमारी पुरुषों की अपेक्षा महिलाओं में अधिक पाई जाती है।
डॉक्टर जावेद के अनुसार इन पथरियों की वजह से पित्ताशय में जलन होती है। अपच के कारण पेट में बेहद दर्द होता है और गैस की शिकायत जैसे लक्षण दिखते हैं। समय रहते इसका इलाज नहीं हुआ तो यह पीलिया, गंभीर संक्रमण और पैंक्रियाटाइटिस का कारण बन जाता है। इससे पित्ताशय में कैंसर होने का जोखिम भी रहता है। (वार्ता)