CAA- NRC के खिलाफ भीम आर्मी का भारत बंद, आजाद बोले- BJP को होगा बहुजनों की ताकत का अहसास

Last Updated: रविवार, 23 फ़रवरी 2020 (09:24 IST)
नई दिल्ली। भीम आर्मी और उससे जुड़े संगठनों ने प्रमोशन में आरक्षण देने, भारतीय नागरिकता कानून (CAA) और एनपीआर (NPR) को वापस लेने की मांग को लेकर रविवार को का आह्वान किया है। सोशल मीडिया पर भीम आर्मी से जुड़े लोग भारत बंद को लेकर लगातार वीडियो, फोटो शेयर कर रहे हैं। चंद्र शेखर आजाद ने ट्वीट कर कहा है कि ऐतिहासिक भारत बंद की शुरुआत हो गई है। भाजपा सरकार को बंद से बहुजनों की ताकत का पता चलेगा।
भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर ने यहां सीएए और एनआरसी के विरोध में चल रहे धरने को समर्थन दिया था। ने बंद को सफल बनाने के लिए संबंधित संगठनों के पदाधिकारियों के साथ रणनीति बनाई थी। बंद को देखते हुए देश के कई राज्यों में सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं।
चंद्रशेखर आजाद ने हैशटैग #23फरवरी_भारत_बंद के साथ ट्वीट कर कहा कि 'ऐतिहासिक भारत बंद की शुरुआत जाफराबद सीलमपुर दिल्ली से कर दी गई है, दिल्ली के साथी जाफराबाद पहुंचे। आज संवैधानिक दायरे में रहते हुए पूरा भारत बंद किया जाएगा।
भाजपा सरकार को बहुजनों की ताकत का एहसास करवाया जाएगा। दिल्ली के जाफराबाद में भी शाहीन बाग की तरह सीएए के खिलाफ महिलाएं प्रदर्शन कर रही हैं। भीम आर्मी से जुड़े कई लोगों के ट्वीट को भी चंद्रशेखर आजाद ने रीट्वीट किया है। ट्‍वीट्‍स के साथ वीडियो भी ट्‍वीट किए गए हैं। इनमें सीलमपुर में महिलाओं ने रात से ही मुख्य सड़क को बंद कर दिया है और वे धरने पर बैठी हैं।

भीम आर्मी प्रमुख चंद्रशेखर के 23 फरवरी को भारत बंद के ऐलान पर पश्चिमी यूपी को अलर्ट पर रखा गया है। 2अप्रैल 2018 को जहां-जहां हिंसा हुई, वहां बड़ी संख्या पुलिस फोर्स को तैनात किया गया है।
भागवत को दी चुनाव लड़ने की चुनौती : इससे पहले भीम आर्मी के प्रमुख चंद्रशेखर आजाद ने शनिवार को राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रमुख मोहन भागवत को उनके संगठन के 'मनुवादी' एजेंडे के वास्तविक जनसमर्थन को परखने के लिए सीधे चुनाव लड़ने की चुनौती दी।

संघ मुख्यालय के निकट यहां रेशीमबाग मैदान में भीम आर्मी कार्यकर्ताओं की बैठक को संबोधित करते हुए आजाद ने 'मनुवाद' को खत्म करने के लिए संघ पर प्रतिबंध की मांग की।


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