माओवादियों के निशाने पर दिल्ली...

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रिपोर्ट में कहा गया कि छत्तीसगढ़ में कांग्रेस नेताओं सहित 27 लोगों की हत्या के बाद नक्सलियों का हौसला काफी बढ़ गया है। अब वे अपने प्रभावक्षेत्र के बाहर भी भाकपा-माओवादी की गतिविधियों का विस्तार करना चाहते हैं और लक्ष्य तय कर हत्याएं करने को महत्वपूर्ण विकल्प मान रहे हैं।

खुफिया एजेंसियों द्वारा तैयार की गई इस रिपोर्ट में कहा गया है कि माओवादियों को हाल फिलहाल में काफी नुकसान झेलना पड़ा है और जगदलपुर में शनिवार को किया गया हमला राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आने के माओवादियों के प्रयास का परिणाम था। साथ ही वे अपनी उपस्थिति वाली जगहों पर रह रहे लोगों पर अपने प्रभाव को फिर से स्थापित करना चाहते थे।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लोगों का ध्यान खींचने और अपने कैडरों का हौंसला बढ़ाने के लिहाज से अधिक से अधिक फायदा हासिल करने की कोशिश में माओवादी अब बड़े पैमाने पर हिंसा फैलाने की कोशिश करेंगे और शहरी इलाकों में आसानी से शिकार बनाये जा सकने वाले लोगों को निशाने पर लेंगे।

नई दिल्ली| भाषा| पुनः संशोधित बुधवार, 29 मई 2013 (19:45 IST)
नई दिल्ली। खुफिया रिपोर्ट के अनुसार माओवादी आने वाले महीनों में दिल्ली जैसे बडे शहरों में लक्ष्य तय कर हत्याएं कर सकते हैं क्योंकि वे बड़े पैमाने पर हिंसा फैलाने के मौके तलाश रहे हैं।
सरकारी सूत्रों ने कहा कि माओवादियों की निराशा का अंदाजा उनके शीर्ष नेताओं के बीच हुई बातचीत को सुनकर लगाया जा सकता है। सुरक्षा एजेंसियों ने माओवादियों के कुछ शीर्ष नेताओं के बीच होने वाली बातचीत सुनी है जो छत्तीसगढ़, झारखंड और ओडिशा के घने जंगलों में छिपे हुए हैं। (भाषा)



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