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महिला समानता दिवस : जानिए महिलाओं के 11 अधिकार

Updated: गुरुवार, 25 अगस्त 2022 (22:00 IST)
भारतीय कानून में महिलाओं को 11 अलग-अलग अधिकार मिले हैं। आइए विस्तार से जानते हैं.
 
1-समान वेतन का अधिकार
मेहनताने की बात हो तो जेंडर के आधार पर भेदभाव नहीं कर सकते। किसी कामकाजी महिला को पुरुष की बराबरी में सैलरी लेने का अधिकार है। 
 
2-गरिमा और शालीनता का अधिकार
महिला को गरिमा और शालीनता से जीने का अधिकार मिला है। मेडिकल परीक्षण के दौरान महिला की मौजूदगी होना चाहिए। 
 
3-दफ्तर या कार्यस्थल पर उत्पीड़न से सुरक्षा
अगर किसी महिला के खिलाफ दफ्तर में या कार्यस्थल पर शारीरिक उत्पीड़न या यौन उत्पीड़न होता है, तो उसे शिकायत दर्ज करने का अधिकार है। 
 
4-घरेलू हिंसा के खिलाफ अधिकार
भारतीय संविधान की धारा 498 के अंतर्गत पत्नी, महिला लिव-इन पार्टनर या किसी घर में रहने वाली महिला को घरेलू हिंसा के खिलाफ आवाज उठाने का अधिकार मिला है। पति, मेल लिव इन पार्टनर या रिश्तेदार अपने परिवार के महिलाओं के खिलाफ जुबानी, आर्थिक, जज्बाती या यौन हिंसा नहीं कर सकते। 
 
5-पहचान जाहिर नहीं करने का अधिकार
किसी महिला की निजता की सुरक्षा का अधिकार हमारे कानून में दर्ज है। अगर कोई महिला यौन उत्पीड़न का शिकार हुई है तो वह अकेले डिस्ट्रिक्ट मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज करा सकती है। 
 
6-मुफ्त कानूनी मदद का अधिकार
लीगल सर्विसेज अथॉरिटीज एक्ट के मुताबिक बलात्कार की शिकार महिला को मुफ्त कानूनी सलाह पाने का अधिकार है। 
 
7-रात में महिला को नहीं कर सकते गिरफ्तार
किसी महिला आरोपी को सूर्यास्त के बाद या सूर्योदय से पहले गिरफ्तार नहीं कर सकते। किसी से अगर उसके घर में पूछताछ कर रहे हैं तो यह काम महिला कांस्टेबल या परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में होना चाहिए। 
 
8-वर्चुअल शिकायत दर्ज करने का अधिकार
कोई भी महिला वर्चुअल तरीके से अपनी शिकायत दर्ज कर सकती है। इसमें वह ईमेल का सहारा ले सकती है। महिला चाहे तो रजिस्टर्ड पोस्टल एड्रेस के साथ पुलिस थाने में चिट्ठी के जरिये अपनी शिकायत भेज सकती है। 
 
9-अशोभनीय भाषा का नहीं कर सकते इस्तेमाल
किसी महिला (उसके रूप या शरीर के किसी अंग) को किसी भी तरह से अशोभनीय, अपमानजनक या नैतिकता को भ्रष्ट करने वाले रूप में प्रदर्शित नहीं कर सकते। ऐसा करना दंडनीय अपराध है। 
 
10- महिला का पीछा नहीं कर सकते
आईपीसी की धारा 354D के तहत वैसे किसी भी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होगी जो किसी महिला का पीछे करे, बार-बार मना करने के बावजूद संपर्क करने की कोशिश करे या किसी भी इलेक्ट्रॉनिक कम्युनिकेशन जैसे इंटरनेट, ईमेल के जरिये मॉनिटर करने की कोशिश करे। 
 
11-जीरो एफआईआर का अधिकार
किसी महिला के खिलाफ अगर अपराध होता है तो वह किसी भी थाने में या कहीं से भी एफआईआर दर्ज करा सकती है। इसके लिए जरूरी नहीं कि कंप्लेंट उसी थाने में दर्ज हो जहां घटना हुई है। जीरो एफआईआर को बाद में उस थाने में भेज दिया जाएगा जहां अपराध हुआ हो। 

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