Hanuman Chalisa

नरक चतुर्दशी की पूजा कब करें?

Updated: शुक्रवार, 10 नवंबर 2023 (18:33 IST)
When is Narak Chaturdashi 2023: नरक चतुर्दशी का पर्व का त्योहार इस बार 2 दिन मनाया जाएगा। 11 नवंबर 2023 की रात को नरक चतुर्दशी की पूजा होगी और 12 नवंबर को सुबह रूप चौदस का अभ्यंग स्नान होगा। इस दिन सुबह जल्दी उठकर स्नान करने से सौंदर्य की प्राप्ति होती है और सभी तरह के संकटर दूर होते हैं।
 
कार्तिक शुक्ल चतुर्दशी तिथि 2023:
चतुर्दशी तिथि प्रारम्भ- 11 नवम्बर 2023 को दोपहर 01:57 से।
चतुर्दशी तिथि समाप्त- 12 नवम्बर 2023 को दोपहर 02:44 तक।
 
नोट : चूंकि इस दिन प्रात: स्नान करने का महत्व है इसलिए 12 नवंबर को यह त्योहार मनाया जाएगा। लेकिन जो लोग माता कालिका, हनुमानजी और यमदेव की पूजा करने जा रहे हैं वे 11 नवंबर को यह पर्व मनाएंगे। अधिकतर जगहों पर 11 नवंबर को ही यह त्योहार मनाया जाएगा।
 
अभ्यंग स्नान समय : 12 नवंबर 2024 को  सुबह 05:28 से 06:41 के बीच।
 
नरक चतुर्दशी पूजा के शुभ मुहूर्त 11 नवंबर 2023:-
ब्रह्म मुहूर्त: प्रात: 04:55 से 05:47 के बीच।
प्रातः सन्ध्या : प्रात: 05:21 से 06:40 के बीच।
अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:43 से दोपहर 12:27 तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 01:53 से 02:36 तक।
गोधूलि मुहूर्त : शाम 05:30 से 05:56 तक।
अमृत काल : शाम 06:57 से 08:39 तक।
निशीथ पूजा मुहूर्त : रात्रि 11:39 से 12:32 तक।
 
रूप चौदस पूजा के शुभ मुहूर्त 12 नवंबर 2023:-
अभ्यंग स्नान समय : सुबह 05:28 से 06:41 के बीच।
अभिजीत मुहूर्त : सुबह 11:43 से दोपहर 12:27 तक।
विजय मुहूर्त: दोपहर 01:53 से 02:36 तक।
अमृत काल : शाम 05:40 से 07:20 तक।
गोधूलि मुहूर्त : शाम 05:29 से 05:56 तक।
सायाह्न सन्ध्या : शाम 05:29 से 06:48 तक।
 

Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

वरलक्ष्मी व्रत की पूजा सामग्री, पूजा विधि, शुभ मुहूर्त और आरती

इस समय भूलकर भी न बांधें अपने भाई की कलाई पर राखी, जानें शुभ मुहूर्त

Raksha Bandhan 2026: रक्षाबंधन पर नहीं बांध पाए राखी? इन 4 शुभ तिथियों में से किसी एक दिन बांधें राखी

28 अगस्त 2026 को वर्ष का दूसरा चंद्र ग्रहण: संपूर्ण जानकारी, सूतक काल और राशिफल

नेपाल में जलप्रलय और भविष्य मालिका: क्या 600 साल पुराने श्लोक में मिलती है ऐसी आपदा की भविष्यवाणी? जानें सच

अगला लेख