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गुरु नानक जयंती 2021 : गुरु प्रकाश पर्व आज, जानिए परंपराएं और 15 खास बातें

आज गुरु नानक देव जी (Guru Nanak Jayanti 2021) का प्रकाश पर्व है। प्रकाश पर्व या गुरु पर्व का सिख धर्म में बहुत महत्व है। प्रतिवर्ष कार्तिक महीने की पूर्णिमा तिथि के दिन सिख धर्म के संस्थापक गुरु, गुरु नानक देव की जयंती अथवा गुरु पूर्णिमा को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यूं तो यह पर्व पवित्र भावनाओं के साथ मनाया जाने वाला उत्‍सव है।

यहां जानिए प्रकाशोत्‍सव के दिन किस तरह से परंपराओं का निर्वाह किया जाए और कैसे मनाएं यह पर्व-  
 
1. गुरु नानक देव जी Guru Nanak Jayanti के प्रकाशोत्सव पर सर्वप्रथम प्रातःकाल स्नानादि करके पांच वाणी का 'नित नेम' करें।
 
2. स्वच्छ वस्त्र पहनकर गुरुद्वारा साहिब जाएं और मत्था टेकें।
 
3. गुरु स्वरूप सात संगत के दर्शन करें।
 
4. गुरुवाणी, कीर्तन सुनें।
 
5. गुरुओं के इतिहास का श्रवण करें।
 
6. सच्चे दिल से अरदास सुनें।
 
7. अपनी सच्ची कमाई में से 10वां हिस्सा धार्मिक कार्य व गरीबों की सेवा के लिए दें।
 
8. संगत व गुरुघर की सेवा करें।
 
9. गुरु के लंगर में जाकर सेवा करें।
 
10. गुरु नानक देव जी का जन्म रात्रि लगभग 1 बजकर 40 मिनट पर हुआ था। अतः इसके लिए रात्रि जागरण किया जाता है।
 
11. रात को पुनः दीवान सजता है अतः वहां कीर्तन, सत्संग आदि करें।
 
12. जन्म के बाद सामूहिक अरदास में शामिल हों।
 
13. कड़ा-प्रसाद लें व एक दूसरे को बधाई दें।
 
14. गुरु महाराज के प्रकाश (जन्म) के समय फूलों की बरखा एवं आतिशबाजी करें।
 
15. इस दिन सिख धर्म में आस्था रखने वाले लोग मत्था टेकने हेतु गुरुद्वारे जाकर सच्चे मन से प्रार्थना करके नानक देव जी का आशीष प्राप्त करते हैं।

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