Hanuman Chalisa

जब नानक जी का यज्ञोपवित संस्कार हुआ, पढ़ें गुरुदेव का प्रेरक प्रसंग

बालक नानक के पिता कल्याणराय ने उनका यज्ञोपवीत कराने के लिए अपने इष्ट संबंधियों एवं परिचितों को निमंत्रित किया। बालक नानक को आसन पर बिठाकर जब पुरोहितों ने उन्हें कुछ मंत्र पढ़ने को कहा, तो उन्होंने उसका प्रयोजन पूछा। 
 
पुरोहित समझाते हुए बोले, 'तुम्हारा यज्ञोपवित संस्कार हो रहा है। धर्म की मर्यादा के अनुसार यह पवित्र सूत का डोरा प्रत्येक हिंदू को इस संस्कार में धारण कराया जाता है। धर्म के अनुसार यज्ञोपवित संस्कार पूर्ण होने के बाद तुम्हारा दूसरा जन्म होगा। इसीलिए तुम्हें भी इसी धर्म में दीक्षित कराया जा रहा है।' 
 
'मगर यह तो सूत का है, क्या यह गंदा न होगा?' बालक ने प्रश्न किया।
 
'हां, पर साफ भी तो हो सकता है।'
 
'और टूट भी सकता है न?'
 
'हां, पर नया भी तो धारण किया जा सकता है।'
 
नानक फिर कुछ सोचकर बोले, 'अच्छा, मगर मृत्यु के उपरांत यह भी तो शरीर के साथ जलता होगा? यदि इसे धारण करने से भी मन, आत्मा, शरीर तथा स्वयं यज्ञोपवित में पवित्रता नहीं रहती, तो इसे धारण करने से क्या लाभ?'
 
पुरोहित और अन्य लोग इस तर्क का उत्तर न दे पाए। तब बालक नानक बोले, 'यदि यज्ञोपवित ही पहनाना है तो ऐसा पहनाओ कि जो न टूटे, न गंदा हो और न बदला जा सके। जो ईश्वरीय हो, जिसमें दया का कपास हो, संतोष का सूत हो। ऐसा यज्ञोपवित ही सच्चा यज्ञोपवित है। पुरोहित जी! क्या आपके पास ऐसा यज्ञोपवित है?' ...और यह सुन सब अवाक्‌ रह गए, उनसे कोई उत्तर न देते बना।
 
सच ही कहा गया है कि पूत के पांव पलने में ही दिखाई देने लगते हैं। उन्हें संत ही होना था।

ALSO READ: गुरु नानक देव : एक महान संत जिनके उपदेशों का कोई अंत नहीं

Show comments

सभी देखें

देवशयनी एकादशी 2026: कई शुभ योगों का दुर्लभ संयोग, ये 5 उपाय जरूर करें

सूर्य का शनि के पुष्य नक्षत्र में गोचर, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों पर इसका प्रभाव

सूर्य का कर्क राशि में गोचर, जानें मेष से मीन तक सभी 12 राशियों का राशिफल

Chaturmas 2026: वर्ष 2026 में चातुर्मास कब से कब तक रहेगा?

हरतालिका तीज 2026 कब है? जानें व्रत की सही तिथि, पूजा का शुभ मुहूर्त और महत्व

सभी देखें

16 July Birthday: आपको 16 जुलाई, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 16 जुलाई 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

सूर्य के दक्षिणायन होने का धार्मिक और वैज्ञानिक महत्व क्या है?

सूर्य का कर्क राशि में गोचर: कर्क संक्रांति से देश, दुनिया और आपके जीवन पर क्या होगा असर?

नवरात्रि और अंक ज्योतिष : क्या संख्या ‘9’ केवल एक अंक है या आत्मपरिवर्तन का सांस्कृतिक सूत्र?

अगला लेख