Hanuman Chalisa

कालसर्प योग में राहत देता है श्री सर्प सूक्त का पाठ..., अवश्य पढ़ें...

Updated: गुरुवार, 27 जुलाई 2017 (12:58 IST)
*  श्री सर्प सूक्त का पाठ कालसर्प योग में लाभदायी
 
जिस किसी भी जातक की जन्मपत्रिका में कालसर्प योग होता है, तो उसका जीवन अत्यंत कष्टदायी होता है। इस योग से पीड़‍ित जातक मन ही मन घुटता रहता है। उसका जीवन कुंठा से भर जाता है, वह नीरस हो जाता है।

जीवन में उसे अनेक प्रकार की परेशानियां उठानी पड़ती हैं। ऐसे जातक को श्री सर्प सूक्त का पाठ बहुत राहत देता है, क्योंकि कालसर्प योग में श्री सर्प सूक्त का पाठ बहुत लाभदायी माना गया है। 
 
 श्री सर्प सूक्त का पाठ - 
 
ब्रह्मलोकेषु ये सर्पा शेषनाग परोगमा:।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीतो मम सर्वदा।।1।।
 
इन्द्रलोकेषु ये सर्पा: वासु‍कि प्रमुखाद्य:।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीतो मम सर्वदा।।2।।
 
कद्रवेयश्च ये सर्पा: मातृभक्ति परायणा।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीतो मम सर्वदा।।3।।
 
इन्द्रलोकेषु ये सर्पा: तक्षका प्रमुखाद्य।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीतो मम सर्वदा।।4।।
 
सत्यलोकेषु ये सर्पा: वासुकिना च रक्षिता।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीतो मम सर्वदा।।5।।
 
मलये चैव ये सर्पा: कर्कोटक प्रमुखाद्य।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीतो मम सर्वदा।।6।।
 
पृथिव्यां चैव ये सर्पा: ये साकेत वासिता।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीतो मम सर्वदा।।7।।
 
सर्वग्रामेषु ये सर्पा: वसंतिषु संच्छिता।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीतो मम सर्वदा।।8।।
 
ग्रामे वा यदि वारण्ये ये सर्पप्रचरन्ति।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीतो मम सर्वदा।।9।।
 
समुद्रतीरे ये सर्पाये सर्पा जंलवासिन:।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीतो मम सर्वदा।।10।।
 
रसातलेषु ये सर्पा: अनन्तादि महाबला:।
नमोस्तुतेभ्य: सर्पेभ्य: सुप्रीतो मम सर्वदा।।11।।

 
 

 
Show comments

सभी देखें

मंगल का मृगशिरा नक्षत्र में गोचर, 3 राशियों को रहना होगा 12 अगस्त तक सावधान

Rationalism: सत्य की वैज्ञानिक खोज: देकार्त का बुद्धिवाद और आधुनिक दर्शन का जन्म

मिथुन में मार्गी बुध का प्रभाव: भारत समेत दुनिया में होंगे ये बड़े बदलाव

Rakhi 2026: कब है रक्षा बंधन का त्योहार, राखी बांधने का शुभ मुहूर्त?

चातुर्मास में सुख-समृद्धि लाने के लिए इन 4 महीनों में राशि के अनुसार ये खास उपाय

सभी देखें

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 04 अगस्‍त 2026: मंगलवार का पंचांग और शुभ समय

12 अगस्त 2026 का सूर्य ग्रहण: 100 साल बाद इस देश में दिन में छाएगा अंधेरा, जानिए कहां-कहां दिखेगा

कामिका एकादशी 2026: व्रत कब रखा जाएगा? जानिए पूजा का शुभ मुहूर्त, पारण समय और महत्व

Mangala Gauri Vrat 2026: श्रावण मास 2026: मंगला गौरी व्रत का महत्व, पूजन विधि और मुहूर्त

सावन 2026: क्यों माना जाता है इसे सबसे पवित्र और आध्यात्मिक महीना?

अगला लेख