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मन के नाम से नफ़रत बेचने का मीडिया व्यापार!

बुधवार,मई 18, 2022
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दुनियाभर में बालश्रम के समूल उन्‍मूलन के मकसद से यहां डरबन में अंतरराष्‍ट्रीय श्रम संगठन (आईएलओ) के 5वें सम्‍मेलन का आगाज किया गया। 2025 तक बालश्रम के खात्‍मे का लक्ष्‍य रखा गया है। ऐसे में सम्‍मेलन की महत्‍ता और बढ़ जाती है। इसमें कभी बाल मजदूरी ...
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एक अनमोल विरासत मुंबई में है जिसे छत्रपति शिवाजी महाराज वास्तु संग्रहालय के नाम से आज जाना जाता है।इसका पूर्व नाम प्रिंस ऑफ़ वेल्स म्यूज़ियम था।
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टेराकोटा का आशय पकी हुई मिट्टी से है। यह इटालियन शब्द है।गीली मिट्टी को पकाकर जो उपादान निर्मित किए जाते हैं उन्हें टेराकोटा शिल्प के नाम से जाना जाता है।
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“नारदमुनि’ शब्द का उपयोग अज्ञानी लोग हमेशा से ही इधर की उधर लगाई-बुझाई करने वाले चरित्र धारित लोगों के लिए करते हैं। उन्हें यह जानना बेहद जरुरी है कि आखिर वे नारद जी के बारे में समझते कितना हैं? आजकल धार्मिक चलचित्रों और धारावाहिकों में नारद जी का ...
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आलसी और अकर्मण्य होना न केवल राष्ट्र के लिए बल्कि स्वास्थ्य के लिए भी नुकसानदेह है। अनेकानेक बीमारियों का बढ़ना इसी आलसी प्रवृत्ति का परिणाम है। डायबिटीज, डिप्रेशन, हाइपरटेंशन एवं मोटापा जैसी बीमारियां बढ़ रही हैं। कुछ लोगों ने इसीलिए सक्रिय होना ...
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भगवान बुद्ध भारत की सांस्कृतिक विरासत की अमूल्य धरोहर है। उनका समग्र जीवन दर्शन मानवीय कल्याण के हितार्थ ज्ञान की खोज के लिए मात्र 29 वर्ष की आयु में परम वैभव के साम्राज्य और सांसारिक सुखों के आकर्षण के परित्याग की पराकाष्ठा है। उनका जन्म 583 ईसा ...
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आज भी भारत में ऐसे अनेक संग्रहालय हैं जिनका दौरा किये बिना भारत की सांस्कृतिक इतिहास या संस्कृति की जानकारी अधूरी ही रहती है।सरकारों द्वारा इन संग्रहालयों का निर्माण और संचालन किया जा रहा है।
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दरअसल भारत के स्वतंत्र होने के पश्चात, सन 1950 में भाषावार प्रान्तों के गठन के दौरान अपने जन्म से ही मध्य प्रदेश, विषमरूपी एकत्रीकरण/ हेटेरोजीनस असेम्बलेज से बना प्रदेश है।
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अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी के अनुसार भारत की अर्थव्यवस्था में परमाणु ऊर्जा का योगदान सिर्फ 3.3 प्रतिशत है। परमाणु ऊर्जा के इस योगदान को हम फ़्रांस देश के परमाणु ऊर्जा के योगदान से जोड़ कर देखें तो वहां की परमाणु ऊर्जा का योगदान 70.6 प्रतिशत है। ...
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इन दिनों मन में उठा एक सहज और बुनियादी सवाल यह हैं कि भारत में सबसे ताकतवर शक्ति कौन सी हैं? प्रायः इसका उत्तर शाय़द एकदम यही आएगा कि सत्तारूढ़ जमात और उसके सहयोगी या आनुषंगिक संगठन या समूह आज के भारत में सबसे ताकतवर शक्ति हैं। पर देखा जाय तो स्पष्ट ...
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कोटा से स्नातक की पढ़ाई, जर्मनी से स्नातकोत्तर और सिंगापुर में निवास, इतने विविध प्रांतों-देशों की यात्रा करने वाली शार्दुला जी जब इंदौर आती हैं तो मालवा की मिठास उनकी आमद से और भी दुगुनी हो जाती है।
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1 अप्रैल से बुखार, खांसी-जुकाम, शुगर, बीपी, अस्थमा,इन्फेक्शन, हाई ब्लड प्रेशर और एनीमिया के इलाज में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां महंगी हो गई।
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“जिस स्त्री की विवाह के पश्चात मायके से ऑनलाइन कोचिंग जारी रहती है... वो स्त्री "परिवार खंडन" की डिग्री शीघ्र ही प्राप्त कर लेती है...!!” ठीक इसका उलट भी तो होता है-जिस पुरुष की विवाह के पश्चात ‘मायके’ से ऑनलाइन कोचिंग जारी रहती है...वो पुरुष ...
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लंबे समय से ऐसा लग रहा था, जैसे राज ठाकरे राजनीति में सक्रिय हैं ही नहीं। उन्होंने मस्जिदों में लाउडस्पीकर से अजान रोकने और अवैध लाउडस्पीकर हटाने की मांग कर घोषणा कर दी कि अगर 3 मई तक नहीं हुआ तो वे दोगुनी आवाज में जगह-जगह हनुमान चालीसा का पाठ ...
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किसी दुःखद प्रसंग में भी किसी की सुखद स्मृतियां याद आने लगे तो समझ लीजिए उस व्यक्ति का वलय कितना सकारात्मक, ओजवान् रहा होगा। संतूर के जनक कहलाने वाले शिवकुमार शर्मा चले गए...वे तो चले गए लेकिन साथी से भी अधिक कोई गहरा रिश्ता हो तो ऐसे मित्र बांसुरी ...
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का असली स्वरूप कौन सा है? केंद्र की सत्ता में 8 साल और उसके पहले गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में 12 साल गुज़ार लेने के बाद भी इस बात का ठीक से पता लगना कठिन है कि मोदी अपने असली अवतार में क्या हैं! क्या वे वही हैं जो विदेश ...
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आज मुझे मेरी नानी बहुत याद आ रही हैं। मैं उनके बड़े करीब थी। उनसे मैंने बहुत सी कहानियां बचपन में सुनीं। हमारे परिवार में बच्चों, खासकर लड़कियों, पर कुछ भी थोपने की परंपरा नहीं रही। उनकी बातें सुनी जाती थीं। जाहिर है हम सभी बहनें हर विषय पर छोटी ...
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इतना ही नहीं, दुनिया में खाने-पीने को लेकर इस परिवर्तन के पीछे कोरोना संक्रमण है। यानी कोरोना के दौरान दुनिया ने माना कि अच्‍छे स्‍वास्‍थ्‍य के लिए मांसाहार नहीं, शाकाहार जीवनशैली अपनाना होगी।
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मध्यप्रदेश की जनता गृहमंत्री डा नरोत्तम मिश्रा को एक सफल राजनेता के रूप में तो कई दशकों से जानती हैं परंतु उनके स्वयं के लिए धर्म और अध्यात्म हमेशा राजनीति से ऊपर रहे हैं। अध्यात्म में उनकी अटूट आस्था है ‌‌।उनकी रोजाना की दिनचर्या पूजा अर्चना से ही ...
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