Hanuman Chalisa

संतुष्ट‍ि क्या है ?

Updated: शनिवार, 25 मार्च 2017 (16:58 IST)
'संतुष्ट‍ि' एक बड़ा ही प्यारा और आनंदित कर जाने वाला शब्द है। संतुष्टि मस्तिष्क की उस अवस्था को दर्शाता है, जब भीतर से खुशी होती है और लगने लगता है - ऑल इज वेल। वर्तमान और निकट भविष्य सुखद प्रतीत होने लगता है। 
 
परंतु एक प्रश्न लगातार हमारे जीवन से जुड़ा रहता है कि जीवन के सफर में क्या कभी संतुष्टि मिलती है? क्या यह एक अस्थाई अवस्था है? क्या जीवनपर्यन्त संतुष्ट रहा जा सकता है?
 
बड़े-बड़े योगमुनि, महापुरुष यही प्रवचन देते हैं कि जो भी पास है उसी में ही संतुष्टि मान लेने का नाम जीवन है। पर फिर भी मनुष्य का मन विचलित रहता है। क्या जीवन का नाम एक जगह पर रुक जाना है? 
 
नहीं, जीवन तो एक निरंतर चलते रहने वाला सफर है, जिसमें आप कभी थोड़ी देर रुक कर थोड़ा सुस्ता तो सकते हैं पर कहीं भी मंज़िलों का नाम देकर अंतिम सांस तक ठहर नहीं सकते हैं। यदि ऐसा हुआ तो समझिए कि जीवन के कोई मायने नहीं। 
 
कहने का तात्पर्य यह है कि मनुष्य को प्रगतिशील ही रहना है। और साथ ही मुश्किलों में भी मुस्कुराना है। जो पाया है उसमें संतोष करना है, पर फिर साथ ही जीवन को सार्थक बनाने हेतु भी प्रयासरत रहना है।
 
अमेरिकन लेखक होली ब्लैक का लिखा एक विचार ....
 
" If curiosity killed the cat, it was satisfaction that brought it back-"

लेखक के बारे में
तरसेम कौर
Show comments

सभी देखें

नशे की लत से उबरने के लिए कौनसी थेरेपी और कदम होते हैं सबसे असरदार

बारिश के मौसम में जरूर पिएं ये 5 हेल्दी ड्रिंक्स, शरीर को देंगे इम्युनिटी, एनर्जी और अंदरूनी गर्माहट

डेंगू और चिकनगुनिया से बचाव के लिए अपनाएं ये जरूरी उपाय, मच्छरों से ऐसे करें खुद की सुरक्षा

Hiccups Relief Tips: बार-बार हिचकी क्यों आती है? जानें कारण और आसान उपचार

बरसात के मौसम में ये 5 आसान योगासन कर सकते हैं आपकी इम्युनिटी की रक्षा

सभी देखें

घर पर BP चेक करते समय न करें ये गलतियां, जानें ब्लड प्रेशर नापने का सही तरीका

स्वामी विवेकानंद पुण्यतिथि विशेष: एक ज्योति जो आज भी भारत का पथ आलोकित कर रही है

Daily Vastu Tips: घर में हर दिन खुश रहना है तो आज ही अपनाएं ये सरल वास्तु टिप्स

पुण्यतिथि विशेष: स्वामी विवेकानंद का जीवन परिचय और खास बातें

तीखा सामाजिक-आर्थिक व्यंग्य: दो जून की रोटी

अगला लेख