suvichar

करवा चौथ संस्मरण : जब सताया चंद्रमा ने

Updated: गुरुवार, 17 अक्टूबर 2019 (16:23 IST)
बात उन दिनों की हैं जब मेरे पतिदेव की पोस्टिंग देहरादून में थी। अक्सर होता कि करवा चौथ वाले दिन आसमान बादलों से ढंका रहता और देर रात दिखाई पड़ता। मुझे इस बात की कुछ आदत ही हो चली थी। पर सुबह से रखा व्रत शाम ढलते ही अपना असर दिखाने लगता। दिन तो पूजा की तैयारी, अपनी तैयारी और खाना बनाते निकल गया। पर शाम जब रात की चादर ओढ़ने लगी तो पेट भी बगावत पर उतरने लगा। 
 
नजरें रह रहकर आसमान पर उठती, भगवान अब तो बादलों का साया हटे और चांद अपने सौम्य रूप में दर्शन दें। पर चां द तो रुठे बैठे थे। पतिदेव, मैं और बच्चे कमरे से छत और छत से कमरे के चक्कर लगा कर हार गए पर चांद बादलों की ओट में छिपे रहें।
    
रात दस बज रहे थे। मैं छत पर गई तो दूर चांद पूरी ओजस्विता से चमक रहे थे। मैंने झट-पट पूजा की, अर्घ्य दिया और आ प्रसाद खाया। पर मजा तो दूसरे दिन का रहा, जब पता लगा कि जिस गोलाकार रोशनी को चांद समझ मैं पूज आई थी, दरअसल वो तो दूर पहाड़ी गांव में जल रहा हाई वॉट का बल्ब था। करवा चौथ बहुत आई पर ऐसी अनोखी नहीं।

लेखक के बारे में
अंजू निगम
स्वतंत्र लेखिका.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

नॉर्वे के राजा हाराल्ड पंचम का निधन, 1991 में बने थे राजा

सीआईए और रूसी एजेंसी के दो देशों में तख्तापलट के ‘सीक्रेट मिशन’ से खलबली..!

संस्कृत दिवस 2026: दुनिया की प्राचीन भाषा के 5 रहस्य

Rajni Raman Sharma: सृजन का एक सुनहरा सितारा अस्त हुआ

एल्गोरिथम से अपना पर्सपेक्टिव मत बनाओ: तुम्हारे लिए जो 6 है वह मेरे लिए 9 है...

अगला लेख