Hanuman Chalisa

ख्वाब को ख्वाब ही रहने दे..........

रीमा दीवान चड्ढा
घड़ी के कांटे वहीं थे 8 :15 पर.....पर समय में फर्क था.....दिन ने अंगड़ाई ली थी.....लोगों ने अपने चाय के खाली प्याले मेज़ पर रखे ही थे कि अचानक एक आकाशवाणी हुई....फिल्मी तरीके से हवा में नहीं......सच में .....टी.वी.और रेडियो पर......घोषणा की गई कि आज दोपहर 12 बजे के बाद एक विशेष किरण पूरे देश में आएगी और हर एक व्यक्ति के मन की फिल्म उसके सामने होगी ठीक X-Ray की फिल्म की तरह.....हर व्यक्ति के मन पर कितना कलुष है उसकी सही पहचान के लिए यह किरण एक साथ सब तरफ प्रक्षेपित की जाएगी........


लोगों ने घोषणा सुनी और उन्होंने सांप सूंघ लिया हो जैसे.....किसी को काटो तो खून नहीं....हर एक के चेहरे सफेद पड़ गए थे....किसी को इस घोषणा में दाल में काला सा कुछ नज़र नहीं आ रहा था। सब समझ गये थे कि अब जहां सांच को आंच नहीं वहीं सौ सुनार की पर एक लुहार की होकर रहेगी......बॉस की असलियत सारे कर्मचारियों के सामने होगी ,नेताओं की फिल्म के रंग की कल्पना मात्र से उनके चेहरों का रंग उड़ गया था...उद्योगपति अपने आपको इस किरण से बचाने के लिए विदेश पलायन कर नौ दो ग्यारह होने की कोशिश ही कर रहे थे.....शिक्षक अपने स्कूल के ट्रस्टी और मालिक की फिल्म की कल्पना मात्र से जहां परेशान थे वहीं बच्चों को कोई भय नहीं था.....गांव ,देहात ,कस्बों और छोटे शहरों में लोग पहले की तरह बेफिक्र थे....पर बड़े शहरों में हर व्यक्ति परेशान था.....इस X-Ray जैसी फिल्म का मतलब था आईने में मन की तस्वीर......यानि की काले मन वालों की काली फिल्म......घर ,परिवार ,दफ्तर ,दुकान ,बाज़ार ,स्कूल ,मॉल हो या सड़क हर जगह अफरा तफरी मच गई. ..लोग मुँह छुपा कर भागने लगे .....दौड़ने लगे.....हर व्यक्ति आतंकित था....मेरे मन का कलुष देख कौन मुझे अपनाएगा.....दोस्त ,यार ,संगी ,साथी सब मुझे छोड़ जाएंगे .....बहुत थोड़े से लोग शांत और संयत थे वे जानते थे अपने मन की बात.....जहां उजियारा भरपूर था.....कलुष का नाम तक न था....पर बाकि लोगों का सच दुनिया के सामने आने ही वाला था.....उस दृश्य की कोई कल्पना भी नहीं करना चाहता था ......जब नौकरानी और मालकिन एक दूसरे के मन की x-ray फिल्म लिए आमने सामने खड़ी होंगी......सास और बहू इस कल्पना से ही पानी पानी हो गईं कि हम अपना मुंह एक दूसरे के कैसे दिखाएंगे.......मालिक अपने नौकरों से मुंह छुपाकर दौड़ने लगे.....कई नौकरों की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गई......बड़े बड़े सभ्य मुखड़े कैसे काले काले धब्बे बन गए.......सुंदर महिलाओं के मुखड़ों के सारे राज आज सामने खुलने वाले थे.....12 बजने को चंद ही घड़ियां शेष थी .देश सांसें रोक कर उस दिव्य किरण से बचकर भाग रहा था........कोई इधर कोई उधर .....सबको अपने मन के कलुष का अंदाजा था इसलिए हर एक के चेहरे पर हवाईयां उड़ रही थीं ........ये गिरा वो मरा ,ये सबके सब डूब मरे.....वो फांसी पर चढ़ गया ,जाने सारी दुर्भावना किस रूप में सामने आए...... हम फिर जी भी पाएं कि नहीं...........नहीं......नहीं...........नहीं............नहीं की एक ज़ोरदार आवाज़ .........और मैंने देखा ये एक ख्वाब था जो मेरे देखने ,मेरे सोचने ,मेरे सोचने सच होने के पहले टूट गया था.................आहा........मैंने चैन की सांस ली थी ........अरी ओ विशेष किरण.........तू माफ कर दे इन बंदों को..........रहने दे मुखौटों में .......चेहरे ना उघाड़ ,मन का कलुष मन में रहने दे...........मत धो काला मन............दुनिया को ,देश को ऐसे ही रहने दे .........जैसा चल रहा है चलने दे ..........कुछ बातों को ढांक कर रहने दे..........इस ख्वाब को ख्वाब ही रहने दे..........


Show comments

सभी देखें

घर पर BP चेक करते समय न करें ये गलतियां, जानें ब्लड प्रेशर नापने का सही तरीका

Health Benefits of Banana: कच्चे और पके केले में कौन कौनसे विटामिन होते हैं?

Monsoon Special Recipes: मानसून की 5 बेहतरीन रेसिपीज, देखते ही मुंह में आ जाएगा पानी

घर की 'एनर्जी' बदल देंगी ये खास धूप, जानें किस धुएं में छिपा है क्या राज

Diabetes Control Tips: बिना दवा के भी कंट्रोल हो सकती है शुगर! आजमाएं ये 10 जादुई और बेहद आसान घरेलू उपाय

सभी देखें

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

Monsoon Health Tips: बारिश के मौसम के लिए जानें खास 7 डाइट प्लान और इम्युनिटी बढ़ाने वाले घरेलू उपाय

बाल कविता: अकड़म बकड़म

Monsoon Health Tips: बारिश में फिट कैसे रहें?

Vastu Shastra: वास्तु के ये 10 नियम बदल सकते हैं घर का माहौल, बनी रहेगी सुख-समृद्धि

अगला लेख