Hanuman Chalisa

मध्यप्रदेश में चुनावी फिजा से गायब व्यापमं का मुद्दा, कांग्रेस नहीं कर पाई चुनावी शोर

Updated: सोमवार, 19 नवंबर 2018 (12:02 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के लिए पिछले 15 सालों में सबसे बड़ी चुनौती साबित होने वाला व्यापमं का मुद्दा इस बार चुनावी फिजा से लगभग गायब सा है। व्यापमं घोटाले को लेकर शिवराज सरकार को घेरने वाली कांग्रेस इस बार शिवराज सरकार पर वैसी हमलावर नहीं है, जितनी 2013 के विधानसभा चुनाव में थी।


भले ही कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी अपने हर भाषण में व्यापमं घोटाले को लेकर शिवराज सरकार को घेरते हो, लेकिन कांग्रेस ने चुनावी साल में व्यापमं को लेकर कोई बड़ा विरोध प्रदर्शन नहीं किया। ये हालात तब हैं जब व्यापमं का मुख्य आरोपी जगदीश सागर खुद बसपा के टिकट पर चुनावी मैदान में है, वहीं व्यापमं को लेकर लगातार गिरफ्तारी की खबरें सामने आ रही हैं।

ऐसा नहीं है कि कांग्रेस ने चुनाव से पहले व्यापमं के मुद्दे को उठाने की कोशिश नहीं की हो। चुनाव से ठीक पहले कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह की ओर से भोपाल की जिला कोर्ट में एक केस दायर किया गया जिसकी पैरवी के लिए दिल्ली से कांग्रेस के बड़े नेता और वकील कपिल सिब्बल भोपाल आए। कांग्रेस ने व्यापमं केस में सबूतों से छेड़छाड़ का आरोप लगाते हुए कोर्ट के सामने दस्तावेज भी पेश किए, लेकिन कांग्रेस को ये दांव उल्टा पड़ गया।

कोर्ट के आदेश पर भोपाल के श्यामला हिल्स थाने में कांग्रेस के तीन बड़े नेताओं दिग्विजय, कमलनाथ और सिंधिया के खिलाफ मामला दर्ज हो गया। इसके बाद कांग्रेस व्यापमं को लेकर बैकफुट पर आ गई वहीं कांग्रेस ने व्यापमं से जुड़े लोगों से भी चुनाव के समय किनारा कर लिया है।

व्यापमं घोटाले को सबके सामने लाने वाले रतलाम के पूर्व विधायक पारस सकलेचा और व्यापमं आंदोलन के सबसे बड़े व्हिसल ब्लोअर और इंदौर पांच से टिकट के दावेदार आनंद राय को पार्टी ने टिकट न देकर उनके विधायक बनने की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। व्यापमं को लेकर कांग्रेस इस बार चुनाव में कितनी गफलत में रही है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कांग्रेस ने व्यापमं मामले के आरोपी और शिवराज सरकार में मंत्री का दर्जा प्राप्त गुलाब सिंह किरार को पहले तो इंदौर में राहुल गांधी के सामने कांग्रेस में शामिल कर लिया, लेकिन जब पार्टी के इस फैसले की चौतफा आलोचना होने लगी तो पार्टी ने आनन-फानन में गुलाब सिंह किरार से पल्ला झाड़ लिया।

गुलाब सिंह किरार को लेकर चुनाव से पहले पार्टी की खूब किरकिरी भी हुई। राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो जिस व्यापमं को लेकर मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को अपने सियासी जीवन की सबसे बड़ी चुनौती का सामना करना पड़ा था उस व्यापमं को लेकर कांग्रेस सही तरीके से न तो पिछले चुनाव में सरकार को घेर पाई और न ही इस बार के चुनावों में व्यापमं को चुनावी मुद्दा बना पाई।

कांग्रेस नेताओं के व्यापमं को लेकर जिस तरह के तेवर पहले थे वैसे इस चुनाव में नहीं दिख रहे हैं। न तो पार्टी के स्थानीय नेता व्यापमं को लेकर सरकार पर हमलावर हैं और न ही दिल्ली से भोपाल आकर डेरा डालने वाले पार्टी के बड़े नेता व्यापमं को लेकर सरकार पर हमलावर हो रहे हैं। ऐसे में लग तो यही रहा है कि व्यापमं अब न तो मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान और न ही भाजपा के लिए कोई चुनौती है।
लेखक के बारे में
विशेष प्रतिनिधि
राजनीतिक, सामाजिक एवं समसामयिक मुद्दों पर देश के अलग-अलग हिस्सों से वेबदुनिया के विशेष प्रतिनिधियों की टीम प्रकाशन के लिए कंटेंट प्रेषित करती है। .... और पढ़ें

Show comments

आरक्षण विरोधी आंदोलन पर पूर्ण प्रतिबंध क्यों? हाईकोर्ट ने लगाई दिल्ली पुलिस को फटकार, जानिए क्या है पूरा मामला

पहले 10 लाख जमा किए, IDA ने फिर मांगे 4 लाख रुपए, राहुल गांधी के इंदौर में आयोजन में फिर अड़चन

Hyundai BAYON India : नए SUV का डिजाइन आया सामने, H-Edge लाइटिंग ने खींचा ध्यान; जानें क्या-क्या हुआ कन्फर्म

Samsung Galaxy A18 4G लॉन्च, 50MP कैमरा और 5000mAh बैटरी के साथ आया फोन; जानें कीमत और फीचर्स

Suzuki e-Access खरीदें या नहीं? आराम, बैटरी और रेंज में दमदार, क्या कुछ कमियां भी हैं

सभी देखें

PM मोदी के 76वें जन्मदिन पर UP में दीपोत्सव जैसा माहौल, सीतापुर में मोदी-योगी की आकृति तो मेरठ में 'आशीर्वाद का दीया' बना आकर्षण

बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन और सीएम डॉ. मोहन यादव ने की सेवा-संकल्प अभियान की शुरुआत, स्वामित्व अधिकार योजना के तहत 50 लाख संपत्तियों की होगी फ्री रजिस्ट्री

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर जगमगाया मध्यप्रदेश, शिप्रा तट-महाकाल महालोक में एक साथ जलाए गए 33.27 लाख दीये, बना वर्ल्ड रिकॉर्ड

UPI विवाद पर हंसराज विश्वकर्मा का राहुल गांधी-अखिलेश पर निशाना , बोले- दोनों के बीच सांठगांठ

अंबेडकरनगर में 1100 बीघा जमीन पर आकार ले रहा इंडस्ट्रियल कॉरिडोर, पराली से बनेगी बायो गैस

अगला लेख