हिमाचल प्रदेश की इन 5 जगहों पर बारिश में घूमना पड़ सकता है भारी

Last Updated: सोमवार, 18 जुलाई 2022 (16:10 IST)
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Himachal : भारत का हिमालयीन राज्य बहुत ही सुंदर प्रदेश है। यहां पर ऊंचे ऊंचे पहाड़ों के साथ लंबे लंबे वृक्ष भी देखने को मिलेंगे। यहां पर भारी बर्फबारी वाले भी कई स्थानों को भी देखा जा सकता है। हिमाचल भारत का उत्तरी राज्य है जहां देखने लायक सैकड़ों टूरिज्म स्पॉट है, लेकिन मानसून या कहें कि बारिश के मौसम में यहां की कुछ जगहों पर जाना खतरा है। आओ जानते हैं 5 ऐसी ही जगहों की जानकारी।

हिमाचल में मानसून में तीन खतरे बढ़ जाते हैं- बादल फटना, भूस्खलन और सड़क हादसा।

1. धर्मशाला : कांगड़ा से 17 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है धर्मशाला। यहां की बर्फ से ढके धौलाधार पर्वत श्रृंखला को देखना बेहद खास है। यह शहर अलग-अलग ऊंचाई के साथ ऊपरी और निचले डिवीजनों में बांटा गया है। इसके निचले हिस्से में धर्मशाला शहर और ऊपरी डिवीजन को मैकलोडगंज के नाम से जाना जाता है। हालांकि यहां पर बारिश के मौसम में घूमना किसी खतरे से कम नहीं। यहां करीब 130mm वर्षा होती है जिसके चलते लैंडस्लाइड का खतरा भी बढ़ जाता है।

2. डलहौजी : डलहौजी हिमाचल प्रदेश का खूबसूरत हिल स्टेशन है। यहां की दूरी चंडीगढ़ से 239 किमी, कुल्लू से 214 किमी और शिमला से 332 किमी है। चंबा यहां से 192 किलोमीटर दूर है। यहां दर्जनों ऐसे स्थल है जो मन को सुकून देने वाले हैं। जैसे डलहौजी से ढाई किमी दूर खजीयार झील है, जिसका आकार बेहद आकर्षक तश्तरीनुमा है। इसे देखना बहुत ही अद्भुत है। हालांकि यहां ऊंचे नीचे पहाड़, घुमावदार और फिसलन भरे रास्ते आपको परेशान कर सकते हैं। साथ ही यहां पर लैंडस्लाइड का खतरा बना रहता है।
3. कुल्लू और मनाली : शिमला से मनाली लगभग 275 किलोमीटर दूर है। चारों ओर से पहाड़ों से घिरे मनाली को देखकर रोमांच और रोमांस का अनुभव होता है। एडवेंचरस के शौकिन लोगों के लिए यह बेहतरीन स्पॉट है। यहां आप ट्रैकिंग, स्कीइंग और राफ्टिंग का मजा ले सकते हैं। लेकिन मानसून में यह जगह खतरों वाली हो जाती है। कई बार बर्फ के कारण और बाढ़ के कारण रास्ते बंद हो जाता हैं। लैंडस्लाइड का खतरा भी बना रहता है।
4. : शिमला से करीब 235 किमी दूर किन्नौर घूमने भी हजारों लोग आते हैं। यहां की मुश्‍किल भरी सड़के और सुहाना मौसम सभी को लुभाता है लेकिन बारिश में यही मौसम और सड़के जानलेवा बन जाती है। बारिश के मौसम में सड़क के किनारे हमेशा लैंडस्लाइड की खबरे आती रहती है। यदि आप गए तो हो सकता है कि आप फंस जाएं।
5. चंबा : उत्तराखंड के मसूरी से मात्र 13 घंटे की दूरी पर बसा है चंबा। यह टिहरी, मसूरी, उत्तरकाशी जाने वाले रास्तों के बीच में पड़ता है। पंजाब के अमृतसार शहर से ट्रेन द्वारा आप यहां जा सकते हैं। चंबा की सीढ़ीनुमा सड़कें और ऊंचे-ऊंचे वृक्षों से लदी घुमावदार घाटियां, झुरमुटों में छुपे छोटे-छोटे घर आपके मन को मोह लेंगे, लेकिन बारिश में यहां न जाएं। यहां पर लैंडस्लाइड के खतरे के साथ ही खतरनाक सड़कों पर हादसों का सफर माना जाता है।



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