ramcharitmanas

Motivation Tips : समय की कीमत क्यों समझें?

Updated: सोमवार, 23 अगस्त 2021 (06:40 IST)
समय बड़ा बलवान होता है। समय की कीमत नहीं समझने वाले उतने ही हैं जितने समय की कीमत समझते हैं। आओ जानते हैं कि समय को क्यों महत्व देना चाहिए।
 
1. जीवन यदि 100 साल का है तो 25 वर्ष के पहले नौकरी और विवाह करना जरूरी है अन्यथा जीवन की हर बातें देर से होंगी और जीवन एक संघर्ष भी लगेगा। अपने सुनहरे भविष्य के लिए आज को दाव पर लगाओ और तब तक चैन से मत सोओ जब तक बुढापे में सुकून से सोने का इंतजाम ना कर लो। इसीलिए तो कहते हैं कि काल करे सो आज करे आज करे सो अब पल में प्रलय होएगी, बहुरि करेगा कब।
 
2. पैसा तो आता-जाता रहता है परंतु समय एक बार गया तो फिर नहीं आएगा। इसीलिए लाइफ के लिए समय का प्रबंधन अर्थात मैनेजमेंट सही तरीके से करो। समय बचेगा तो पैसा भी बचेगा और बचे हुए समय में आप वह कार्य करो जो आप खुद में कमी पाते हो। अर्थात आपमें जिस चीज की कमी है उसे दूर करो।
 
3. आपके पास 24 घंटे हैं जिसमें से 8 से 12 घंटे आप कार्य करते हैं। 12 घंटे बचे तो 2 घंटे आपके नित्यकर्म, 8 घंटे सोने में, 1 घंटा टीवी देखने में तो बस 1 घंटा ही बचा जिसमें आप क्या कर लेंगे? परिवार के साथ रहेंगे, खुद के लिए जीएंगे या कुछ नया करेंगे भविष्‍य के लिए? सोचें कि आप किस तरह समय बचाने का कार्य करके इस 1 घंटे को 2 घंटे में बदल सकते हो।
 
4. बहुत से लोग हैं जो कभी भी उठ जाते हैं और कभी भी सो जाते हैं। कभी भी खा लेते हैं और कभी भी कहीं भी घूमने निकल जाते हैं। उनके जीवन में समय का कोई प्रबंधन नहीं होता है। वे बेतरतीब भरा जीवन जीते हैं। जिसके जीवन में समय का प्रबंधन नहीं है वह बस अच्छे भविष्‍य के सपने ही देखा करता है। अत: जीवन में उठने का, पूजा करने का, खाने का, कार्य करने का सोने का और लक्ष्य को भेदने का नियम जरूर बनाएं। समय को व्यर्थ ना बहाएं क्योंकि जीवन है बहुत छोटा सा और समय है बहुत ही खोटा सा।
 
5. कई लोग हैं जो 4 घंटे कार्य करते हैं। मतलब स्मार्ट वर्क करके लाखों रुपए कमाते हैं और अपने कई घंटे भी बचा लेते हैं। परंतु कई ऐसे लोग भी हैं जो ऐसा इसीलिए नहीं कर पाते हैं क्योंकि उन्होंने अपने बचपन और टीनएज में समय की बहुत बर्बादी की और जीवन संघर्ष में लग गया। जब पढ़ना था तब पढ़ें नहीं, जब नौकरी करना थी तब नौकरी नहीं कि और जब विवाह करना था तब विवाह नहीं किया तो निश्चित ही बुढ़ापा तो कठिनाइयों में ही गुजरेगा।
लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

संस्कृत दिवस 2026: दुनिया की प्राचीन भाषा के 5 रहस्य

Rajni Raman Sharma: सृजन का एक सुनहरा सितारा अस्त हुआ

एल्गोरिथम से अपना पर्सपेक्टिव मत बनाओ: तुम्हारे लिए जो 6 है वह मेरे लिए 9 है...

आंदोलित युवा और संवाद की आवश्यकता

नेतन्याहू के लिए ब्रिटेन एक इस्लामी देश क्यों है?

अगला लेख