biodatamaker

Motivation Story : एक बंदर ने सिखाया कि जमाने के साथ बदलो

Updated: सोमवार, 8 फ़रवरी 2021 (15:40 IST)
ओशो रजनीश ने कई बार यह कहानी अपने प्रवचनों में सुनाई है। एक बार की बात है एक टोपी बेचने वाला अपने गांव से कस्बे में टोपी बेचने जाता था तो रास्ते में वह एक वृक्ष के नीचे रुककर खाना खाता और सुस्ताता था। एक बार वह जिस वृक्ष के नीचे सुस्ता रहा था उस वृक्ष के उपर कई सारे बंदर बैठे थे। उसके आराम करने के दौरान एक-एक करके बंदर वृक्षों से नीचे उतरे और सभी ने टोपी बेचने वाले की एक-एक टोपी पहन ली और पुन: वृक्ष पर चढ़ गए।
 
 
जब उस टोपी वाले की नींद खुली तो उसने देखा की मेरी सारी टोपी बंदरों ने पहन ली और वे सभी वृक्ष पर चढ़ गए हैं। वह यह देखकर चिंतित हो गया और बहुत देर सोचने के बाद उसे एक युक्ति समझ में आई। उसने अपनी टोपी अपने सिर पर से निकालकर नीचे फेंक दी। यह देखकर सभी बंदरों ने भी ऐसा ही किया और तब उस टोपी वाले ने सभी टोपियां बंटोरी और अपने काम पर चला गया। 
 
बहुत सालों बाद जब वह टोपी वाला बूढ़ा हो गया तो यह कार्य उसका लड़का करने लगा। पहली बार जब लड़का कस्बे में टोपी बेचने जा रहा था तो उस टोपी वाले ने अपने अनुभव सुनाए और कहा कि रास्ते में बहुत उत्पाती बंदर रहते हैं। यदि बंदर तुम्हारी टोपी ले उड़े तो तुम अपनी टोपी निकालकर नीचे फेंक देना। बंदर तो नकलची होते हैं तुझे तेरी टोपियां वापस मिल जाएंगी। 
 
बेटे ने बाप की सीख याद रखी। वह भी कस्बे में टोपी बेचने निकला। बाप की तरह उसने भी वृक्ष ने नीचे भोजन किया और भोजन करने के बाद आराम किया। कुछ देर के लिए झपकी लग गई तो उस वृक्ष पर बैठे सारे बंदर नीचे उतरे और वे सभी एक-एक टोपी पहनकर उपर चढ़ गए।
 
कुछ देर बाद टोपी बेचने वाले उस बेटे की नींद खुली तो उसने देखा की उसकी सारी टोपियां बंदर पहनकर मजे से पेड़ पर बैठे हैं। वह सोचने लगा की अब क्या करूं, तभी उसे अपने पिता की दी हुई सीख याद आई और उसने अपने सिर पर से टोपी निकाली और नीचे फेंक दी। यह देखकर एक बंदर जिसके पास टोपी नहीं थी वह तुरंत नीचे कूदा और वह उस टोपी को उठा ले गया और टोपी पहनते हुए बोला- तेरे बाप ने तुझे जरूर सिखाया होगा लेकिन हमारे बाप दादा भी हमें कुछ सीखा कर गए हैं। 
 
इस कहानी से यह शिक्षा मिलती है कि कभी-कभी अनुभव काम नहीं आता या पुराने लोग जो कहकर गए हैं वह कोई पत्‍थर की लकीर नहीं है, क्योंकि जमाना रोज बदल रहा है तो जमाने के साथ आपको भी बदलना ही होगा। हर बार पुराने तरीके या नुस्खे काम नहीं।
लेखक के बारे में
अनिरुद्ध जोशी
पत्रकारिता के क्षेत्र में 26 वर्षों से साहित्य, धर्म, योग, ज्योतिष, करंट अफेयर्स और अन्य विषयों पर लिख रहे हैं। वर्तमान में विश्‍व के पहले हिंदी पोर्टल वेबदुनिया में सह-संपादक के पद पर कार्यरत हैं। दर्शनशास्त्र एवं ज्योतिष: मास्टर डिग्री (Gold Medalist), पत्रकारिता: डिप्लोमा। योग, धर्म और ज्योतिष में विशेषज्ञता।.... और पढ़ें

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

रोजाना अपनाएं ये 10 जादुई आदतें, बीमारियों से रहेंगे कोसों दूर और चेहरे पर आएगा गजब का ग्लो

डॉ अंजना चक्रपाणि मिश्र की दो नवीन कृतियों 'मन अनहद नाद' और 'अनकहे से संवाद' का भव्य विमोचन

राष्ट्र निर्माता शिक्षक का सम्मान एक ही दिन क्यों?

बच्चों के मन को सबल और एकाग्र करने का आनापान ध्यान शिविर

जन नेता कामरेड होमी एफ दाजी - शताब्दी पर जयजगत!

अगला लेख