suvichar

Mother's Day Poem : मां, फूलों में खुशबू का वास है

Updated: शुक्रवार, 8 मई 2020 (15:26 IST)
- स्व. ओम व्यास 'ओम'
 
मां, मां-मां संवेदना है, भावना है अहसास है
मां, मां जीवन के फूलों में खुशबू का वास है।
 
मां, मां रोते हुए बच्चों का खुशनुमा पलना है,
मां, मां मरूथल में नदी या मीठा सा झरना है।
 
मां, मां लोरी है, गीत है, प्यारी सी थाप है,
मां, मां पूजा की थाली है, मंत्रों का जाप है।
 
मां, मां आंखों का सिसकता हुआ किनारा है,
मां, मां गालों पर पप्पी है, ममता की धारा है।
 
मां, मां झुलसते दिलों में कोयल की बोली है,
मां, मां मेहंदी है, कुमकुम है, सिंदूर है, रोली है।
 
मां, मां कलम है, दवात है, स्याही है,
मां, मां परमात्मा की स्वयं एक गवाही है।
 
मां, मां त्याग है, तपस्या है, सेवा है,
मां, मां फूंक से ठंडा किया हुआ कलेवा है।
 
मां, मां अनुष्ठान है, साधना है, जीवन का हवन है,
मां, मां जिंदगी के मोहल्ले में आत्मा का भवन है।
 
मां, मां चूड़ी वाले हाथों के मजबूत कंधों का नाम है,
मां, मां काशी है, काबा है और चारों धाम है।
 
मां, मां चिंता है, याद है, हिचकी है,
मां, मां बच्चों की चोट पर सिसकी है।
 
मां, मां चुल्हा-धुंआ-रोटी और हाथों का छाला है,
मां, मां जंदगी की कड़वाहट में अमृत का प्याला है।
 
मां, मां पृथ्वी है, जगत है, धूरी है,
मां बिना इस सृष्टि की कल्पना अधूरी है।
 
तो मां की ये कथा अनादि है, ये अध्याय नहीं है...
....और मां का जीवन में कोई पर्याय नहीं है।
 
तो मां का महत्व दुनिया में कम हो नहीं सकता,
और मां जैसा दुनिया में कुछ हो नहीं सकता।
 
और मां जैसा दुनिया में कुछ हो नहीं सकता,
तो मैं कला की ये पंक्तियाँ मां के नाम करता हूं,
और दुनिया की सभी माताओं को प्रणाम करता हूं। 

Show comments

सभी देखें

मच्छर के काटने से खुजली क्यों होती है? जानें वैज्ञानिक कारण और उपचार

Health Tips: बॉड़ी में शुगर कम होने पर क्या-क्या परेशानियां होती हैं, जानें काम की बातें

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

समय रहते अगर हो जाए लक्षणों की पहचान, तो कैंसर जैसे रोगों का उपचार भी संभव

सभी देखें

ब्रिक्स से दूरी बांग्लादेश को पड़ेगी भारी, तारिक रहमान के सम्मेलन में शामिल होने पर संशय

15 अगस्त विशेष: शहीदों के सपनों का भारत नारों से नहीं, हमारे चरित्र और कर्म से बनेगा

जब उम्मीद थक जाए, तब साहस काम आता है

असली पनीर और Analog Paneer में क्या है फर्क? खरीदने से पहले ऐसे करें पहचान

लोकतंत्र की पहली पाठशाला: छात्रसंघ चुनावों की वापसी क्यों जरूरी? जानें युवाओं की बड़ी जिम्मेदारी

अगला लेख