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पढ़ें बच्चों के साथ 'वन टू वन' टाइम बिताने के 4 फायदे

Published: बुधवार, 16 मई 2018 (16:06 IST)
बच्चों के साथ गुणवतापूर्ण समय बिताना उनकी सही तरह से परवरिश, विकास व खुशी के लिए बेहद जरूरी है। जरूरी नहीं है कि आप बच्चों के साथ ज्यादा लंबा ही समय बिताएं। जरूरी ये है कि आप जो भी समय उनके साथ बिताते हैं, वह क्वॉलिटी टाइम होना चाहिए। हमारा उनके साथ समय बिताने से उन्हें यह एहसास होता है कि हम उनकी परवाह करते हैं और उनसे प्यार करते हैं।
 
अपने सभी बच्चों के साथ अलग-अलग समय व्यतीत करना बहुत जरूरी होता है और जब आप नियमित रूप से ऐसा करेंगे तो आपका अपने बच्चे से रिश्ता कहीं ज्यादा मजबूत होगा, वहीं बच्चे को भी इससे बहुत फायदे होते हैं। आइए जानते हैं वे 4 फायदे, जो आपके बच्चों के साथ 'वन टू वन' टाइम बिताने से उन्हें होते हैं...
 
1. वे अकेले में आपसे खुलकर बात कर पाएंगे 
 
यदि आपके घर में 2-3 बच्चे हैं या आपके एक से अधिक बच्चे हैं तो रोज न सही, लेकिन 2-3 दिनों में सभी बच्चों के साथ अकेले में अलग-अलग कुछ समय बिताएं। हर बच्चे का स्वभाव अलग-अलग होता है। कुछ बच्चे ज्यादा मिलनसार होते हैं, ऐसे में वे बच्चे ही पूरा समय आपसे बातें करेंगे। लेकिन जो बच्चे थोड़े शर्मीले व अंतरमुखी स्वभाव के होंगे, वे दूसरे बच्चों से दबे हुए रहेंगे और आपसे खुल नहीं पाएंगे। ऐसे में आपको तो लगेगा कि आप तो समय दे रहे हैं, फिर बच्चे आपसे खुलकर सबकुछ क्यों नहीं बताते।
 
2. उन्हें लगेगा कि आप उन्हें अटेंशन दे रहे हैं
 
बच्चों में बड़ों का ध्यान अपनी ओर आकर्षित करने की प्रवृत्ति होती है। जब वे समुह में होते हैं तो कुछ बच्चे अपनी योग्यता, काबिलियत व मासूमयित से स्वत: ही दूसरों को अपनी तरफ आकर्षित कर लेते हैं। लेकिन वे बच्चे जो दिखने में भी सामान्य होते हैं, अक्सर हम बड़े भी उनकी तुलना में ऐसे बच्चों को ही पहली नजर में ज्यादा अटेंशन देते हैं, जो हमें क्यूट लगते हैं। ऐसे में उनके साथ 'वन टू वन' टाइम बिताने से उन्हें लगेगा कि आप उन पर भी ध्यान दे रहे हैं।
 
3. उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा
 
बच्चों के साथ 'वन टू वन' टाइम बिताने से वे आपसे दोस्ती कर पाएंगे व आप भी उन्हें बेहतर जान पाएंगे। समूह में वे एक-दूसरे की देखादेखी करने की कोशिश करते हैं व कई बार कुछ बच्चे यह सोचकर नहीं बोलते कि उन्हें लगता है कि वे कुछ ऐसा न बोल दें कि उनके भाई-बहन व दोस्त उन पर हंस दें। ये बच्चों के लिए बहुत बड़ी और शर्म की बात हो जाती है। 'वन टू वन' टाइम बिताने से वे बिना डरे आपसे बात कर पाएंगे। उन्हें किसी से अपनी तुलना का डर नहीं होगा।
 
4. उनका आप पर भरोसा बढ़ेगा
 
यदि आप बच्चों के साथ नियमित 'वन टू वन' टाइम बिताएंगे तो उनका आप पर विश्वास बढ़ेगा। जब भी उनसे कोई गलती होगी या उन्हें कोई उलझन होगी तो उन्हें पता होगा कि आप अकेले में उनकी बात सुनने के लिए उपलब्ध होंगे।

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