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मकर संक्रांति के दिन ही असरकारी है सूर्य का यह खखोल्क मंत्र

Updated: बुधवार, 11 जनवरी 2017 (13:48 IST)
प्रस्तुत मंत्र सूर्य का दिव्य और चमत्कारी मंत्र है। इस मंत्र को मकर संक्रांति के दिन पढ़ने से हर तरह के कार्य सिद्ध होते हैं। विशेषकर संतान प्राप्ति और रोजगार के लिए इस मंत्र का आश्चर्यजनक प्रभाव देखा गया है। 
 


 
'ॐ नमः खखोल्काय
 
भगवान सूर्य अपने सारथि 'अरुण" से इस मंत्र के विषय में कहते हैं- हे खगश्रेष्ठ। मेरे मंडल के विषय में सुनो। मेरा कल्याणमय मंडल "खखोल्क" नाम से विद्वानों के ज्ञान मंडल में और तीनों लोकों में विख्यात है। यह तीनों देवों एवं तीनों गुणों से परे एवं सर्वज्ञ है। यह सर्वशक्तिमान है। "ॐ" इस एकाक्षर मंत्र में यह मंडल अवस्थित है। जैसे घोर संसार-सागर अनादि है वैसे ही "खखोल्क" भी अनादि है और संसार-सागर का शोधक है।
 
जैसे व्याधियों की औषधि होती है वैसे ही यह मंत्र संसार-सागर के लिए औषधि है। मोक्ष चाहने वालों के लिए मुक्ति का साधन और सभी अर्थो का साधक है। खखोल्क नाम का यह मंत्र सदैव उच्चारण और स्मरण करने योग्य है। जिसके हृदय में "ॐ नमः खखोल्काय" मंत्र स्थित है उसी ने सब कुछ पढ़ा है सुना है और अनुष्ठित किया है, ऐसा समझना चाहिए।   ।
 
मनीषियों ने इस खखोल्क मंत्र को "मार्तण्ड" के नाम से प्रतिष्ठापित किया है। इस मंत्र के प्रति श्रद्धानत् होने पर पुण्य प्राप्त होता है। 
भविष्य पुराण, (ब्रह्म पर्व) अध्याय 187

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