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मकर संक्रांति पर करना चाहिए ये 14 शुभ काम

Updated: सोमवार, 10 जनवरी 2022 (07:49 IST)
Makar Sankranti 2022: 14 जनवरी को मकर सक्रांति देश के लगभग सभी राज्यों में अलग-अलग सांस्कृतिक रूपों में मनाई जाती है। इस त्योहार का हर प्रांत में अलग-अलग महत्व है। खासकर इस त्योहार में सूर्य वंदना, पतंग उड़ाने और तिल-गुड़ खाने तथा दान-पुण्य करने का खास महत्व होता है। आओ जानते हैं कि इस दिन करना चाहिए कौनसे 14 शुभ कार्य।
 
 
1. सूर्य आराधना : इस दिन सूर्य उत्तरायण होता है। इस दिन से दिन धीरे-धीरे बड़ा होने लगता है और रातें छोटी। इस दिन सूर्य को अर्घ्य देने और उनकी पूजा करने का महत्व है।
 
2. नदी स्नान : माना जाता है कि इस दिन सूर्य अपने पुत्र शनिदेव से नाराजगी त्यागकर उनके घर गए थे इसलिए इस दिन पवित्र नदी में स्नान करने से पुण्य हजार गुना हो जाता है। इस दिन गंगासागर (पश्चिम बंगाल) में मेला भी लगता है।
 
3. दान : इस दिन तिल गुड़ या रेवड़ी का दान किया जाता है। इस दिन गरीबों को या जरूरत मंदों को दान देने से पुण्य हजार गुना हो जाता है। इस दिन घी का दान करने से करियर में सफलता मिलती है। इस दिन तिल, गुड़, कंबल, घी, वस्त्र और खिचड़ी का दान करना चाहिए।
 
4. गाय को चारा डालना : इस दिन विशेष तौर पर गायों को हरा चारा खिलाया जाता है।
 
5. पतंग महोत्सव : यह पर्व 'पतंग महोत्सव' के नाम से भी जाना जाता है। पतंग उड़ाने के पीछे मुख्य कारण है कुछ घंटे सूर्य के प्रकाश में बिताना। 
 
6. धूप सेंकना : यह समय सर्दी का होता है और इस मौसम में सुबह का सूर्य प्रकाश शरीर के लिए स्वास्थवर्द्धक और त्वचा व हड्डियों के लिए अत्यंत लाभदायक होता है। अत: उत्सव के साथ ही सेहत का भी लाभ मिलता है।
 
7. तिल गुड़ खाना : सर्दी के मौसम में वातावरण का तापमान बहुत कम होने के कारण शरीर में रोग और बीमारियां जल्दी लगती हैं इसलिए इस दिन गुड़ और तिल से बने मिष्ठान्न या पकवान बनाए, खाए और बांटे जाते हैं। इनमें गर्मी पैदा करने वाले तत्वों के साथ ही शरीर के लिए लाभदायक पोषक पदार्थ भी होते हैं। 
Sankranti
8. खिचड़ी का भोग : उत्तर भारत में इस दिन खिचड़ी का भोग लगाया जाता है और गुड़-तिल, रेवड़ी, गजक का प्रसाद भी बांटा जाता है।
 
9. खेत-अनाज पूजा : इस दिन से वसंत ऋतु की भी शुरुआत होती है और यह पर्व संपूर्ण अखंड भारत में फसलों के आगमन की खुशी के रूप में मनाया जाता है। खरीफ की फसलें कट चुकी होती हैं और खेतों में रबी की फसलें लहलहा रही होती हैं। खेत में सरसों के फूल मनमोहक लगते हैं। 
 
10. विष्णु लक्ष्मी पूजा : इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और आराधना करने के भी महत्व है। इस दिन उनकी माता लक्ष्मी के साथ पूजा करने से कृपा प्राप्त होती है। 
 
11. शनिदेव की पूजा : इस दिन तिल और तेल से शनिदेव की पूजा करने से उनकी कृपा प्राप्त होती है।
 
12. तर्पण : इस दिन पितरों के निमित्त और पितरों के देव अर्यमा के निमित्त तर्पण करना भी शुभ होता है। 
 
13. नया कार्य : मकर संक्रांति के दिन से कोई नया कार्य प्रारंभ कर सकते हैं। 
 
14. झाड़ू खरीदें : घर में नया झाड़ू खरीद कर लाएं, इससे मां लक्ष्मी की कृपा बनी रहेगी। 

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