संबोधन (त्रैमासिक)

Sambodhan
WD
साहित्यिक त्रैमासिक पत्रिका

अप्रैल-जून 2007

संपादक
कमर मेवाड़ी


कार्यालय

त्रैमासिक, चाँदपोल, काँकरोली-313324
जिला- राजसमंद, राजस्थान फोन- 02952-223221
मो.- 09829161342

अपनी बात
कमलेश्वर को आखिरी सलाम

संदर्भ
स्वयंप्रकाश पर केंद्रित अंक जनवरी-मार्च 2007
चकाचौंध में एक किरण- डॉ. असगर वजाहत
एक महत्वपूर्ण पत्रिका - डॉ. दुर्गाप्रसाद अग्रवाल पत्र- कुशेश्वर

पंजाबी कविता अमरजीत कौंके की पाँच कविताएँ

प्रसंगवश
अलविदा कमलेश्वर -स्वयंप्रकाश
साक्षात्कार - हेतु भारद्वाज से डॉ. रमेश रावत की बातचीत
कहानी- बूचड़खाना - सुभाषचंद्र कुशवाहा
विचार- इतिहास, विचारधारा और संस्कृति- श्रीनिवास शर्मा कविता- अशोक आंद्रे की‍ तीन कविताएँ
आईना - असभ्यताओं का संघर्ष - मुक्ति श्रीवास्तव
मूल्यांकन - रंगभूमि : दलित नायकत्व की पहली अभिव्यक्ति - डॉ. श्रीभगवानसिंह
कविता - भारत में बुश - हरीश करमचंदाणी
उपन्यास अंश - एक कमजोर आदमी का सपना - अनवर सुहैल
गजल - राम मेश्राम की एक गजल संस्मरण - स्वामी वाहिद काजमी और हिमालयी यादें - सैनी अशेष

लघुकथा
अहमियत - प्रतापसिंह सोढ़ी
समाज सेवा और सम्मान- नदीम अहमद 'नदीम'
विचारधारा : संजय पुरोहित
रास्ते का काँटा- अशफाक् कादरी
मुखौटा - डॉ. श्याम मनोहर व्यास
कविता - पहाड़ - सुरेश सैन 'निशांत'बहस - स्मृति पुरस्कारों का मायाजाल - डॉ. रूपसिंह चंदेल
कविता- प्रेम : पाँच कविताएँ - राहुल झा

समीक्षा
नवाचार के क्रम में यथाकाल - डौ. राजेश चौधरी
'शब्द शिल्पियों के सान्निध्य में' से गुजरते हुए - रामनिहाल गुंजन
अमेरिका के वास्तव का अंकन - डॉ. मलय पानेरी
संबोधन के सहयात्री - त्रिलोकसिंह ठकुरेला - उम्मेद के. त्रिपास
आवरण - डौ. श्रीनिवासन अय्यर, उदयपुर
रेखांकन- डौ. जहाँगीर कुरैशी, डीडवाना

मूल्य - एक प्रति 15/- रु.



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