dharma sangrah

भोपाल में प्रदर्शन कर रहे अतिथि शिक्षकों को पुलिस ने खदेड़ा, पुलिस पर लाठीचार्ज का आरोप

Updated: गुरुवार, 3 अक्टूबर 2024 (11:54 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश में नियमितिकरण की मांग को लेकर अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन दिन प्रतिदिन जोर पकड़ता जा रहा है। गांधी जयंती पर राजधानी भोपाल के सेंकड स्टॉप स्थित अंबेडकर मैदान में प्रदेश से बड़ी संख्या में अतिथि शिक्षक अपनी पांच सूत्रीय मांगों को लेकर इक्ठा हुए। प्रदर्शन कर रहे अतिथि शिक्षकों ने मुख्यमंत्री निवास का घेराव करने भी कोशिश की लेकिन पुलिस ने बेरिक्रेड्स लगाकर उनको रोक दिया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोक दिया था, जिसके बाद वह मौके पर ही जम गए और सरकार के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी थी।वहीं अतिथि शिक्षकों का आरोप है कि रात में पुलिस ने लाठीचार्ज कर अतिथि शिक्षकों को जबरन वहां से खदेडा।

गौरतलब है कि प्रदेश के अतिथि शिक्षक अपनी मांगों को लेकर भोपाल में प्रदर्शन कर रहे हैं। अतिथि शिक्षकों का कहना है कि गांधी जयंती अहिंसा वाला दिन था, लेकिन उनके साथ हिंसा की गई। उनका कहना है कि गांधी वादी तरीके से चल रहे आंदोलन को पुलिस ने लाठी के बल पर दबाने की कोशिश की। अतिथि शिक्षकों के प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने कड़े सुरक्षा इंतजाम किए थे। आंबेडकर पार्क के आसपास भारी संख्या में पुलिस बल मौजूद है। प्रदर्शनकारियों को आगे बढ़ने से रोकने के लिए पुलिस ने कुछ दूरी पर बैरिकेडिंग भी कर रखी है।

मध्य प्रदेश में अतिथि शिक्षक लंबे समय  नियमितीकरण की मांग पर अड़े हैं। वहीं पिछले दिनों स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह के अतिथि शिक्षकों को लेकर दिए बयान के बाद अब अतिथि शिक्षकों का प्रदर्शन तेज हो गया है। स्कूल शिक्षा मंत्री ने मीडिया से चर्चा करते हुए कहा था कि मेहमान बनकर आए हैं क्या कब्जा करेंगे. हालांकि बाद में उन्होंने अपने बयान पर सफाई भी दी थी. बुधवार को अतिथि शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री को जवाब देते हुए कहा कि 'कब्जा करने आए हैं, कब्जा करके जाएंगे।

अतिथि शिक्षक समन्वय समिति के प्रदेश अध्यक्ष सुनील सिंह परिहार ने बताया कि 10 सितंबर को तिरंगा यात्रा के बाद प्रतिनिधिमंडल से मुलाकात में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने जिन बातों पर सहमति दी थी, उस संबंध में अब तक आदेश जारी नहीं हुआ है।उन्होंने कहा कि बैठक में 10 माह के अनुबंध, स्कोर कार्ड में 10 अंक प्रतिवर्ष जोड़ने,10 वर्ष के अधिकतम सौ अंक जोड़ने, 30 प्रतिशत से कम परीक्षा परिणाम वाले करीब 12 हजार अतिथि शिक्षकों को पुनः अवसर देने सहित कई मांगों पर सहमति बनी थी। अब तक इस संबंध में कोई भी आदेश जारी नहीं किया गया है। सरकार अतिथि शिक्षकों के साथ लगातार वादाखिलाफी कर रही है। अब हम चुप बैठने वाले नहीं हैं। संगठन के प्रदेशाध्यक्ष केसी पवार ने कहा कि यदि सरकार जल्द अपना रुख स्पष्ट नहीं करती है तो हम भोपाल की सड़कों पर आमरण अनशन करेंगे।
 
लेखक के बारे में
भोपाल ब्यूरो
वेबदुनिया भोपाल ब्यूरो मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के साथ प्रदेश के विभिन्न जिलों की महत्वपूर्ण खबरों के प्रकाशन का प्रमुख केंद्र है। भोपाल ब्यूरो से प्रदेश की सियासत, अपराध, व्यापार, खेल,  धर्म-संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरें सटीकता और निष्पक्षता के साथ प्रकाशित की जाती हैं।.... और पढ़ें

Show comments

कालीघाट मंदिर में BJP CM शुभेंदु अधिकारी ने खाया Fish Bhog

BRICS Summit 2026 : PM मोदी और पुतिन की अहम मुलाकात, डिफेंस और एनर्जी सहयोग पर अहम फैसले

Electric Scooter : 1.18 लाख में 132 किमी की रेंज! Kinetic DX Plus का नया इलेक्ट्रिक स्कूटर लॉन्च, फीचर्स भी दमदार

8 लाख रुपए तक सस्ती Mahindra XEV 9S और XEV 9e, क्या BaaS में EV खरीदना फायदे का सौदा है?

अमेरिका में बड़ा चुनावी दांव: ट्रंप का ऐलान- हर वयस्क नागरिक को मिलेंगे 5000 डॉलर

सभी देखें

गुजरात में 24 घंटे खुली रहेंगी दुकानें और बिजनेस: 'गुजरात ईज ऑफ डूइंग बिजनेस बिल 2026' पास

7 साल बाद भारत आए चीन के राष्‍ट्रपति शी जिनपिंग, आज शाम पीएम मोदी के साथ होगी महा-बैठक

LIVE: भारत पहुंचे जिनपिंग, अबू धाबी के क्राउन प्रिंस से मिले पीएम मोदी

यूपी में 1600 करोड़ से अधिक की 65 परियोजनाओं से बदलेगी स्वास्थ्य सेवाओं की तस्वीर

उत्तराखंड में कांग्रेस को बड़ा झटका, पूर्व सीएम हरीश रावत ने दिया इस्तीफा

अगला लेख