मप्र सरकार बेच रही है किसानों से खरीदा प्याज

इंदौर| पुनः संशोधित शनिवार, 23 जुलाई 2016 (19:16 IST)
इंदौर। किसानों से खरीदे गए करीब 9.5 लाख टन प्याज को शनिवार से बेचना शुरू करते हुए मध्यप्रदेश सरकार ने उम्मीद जताई कि इसमें से 90 प्रतिशत खेप अगले दो हफ्ते में बिक जाएगी।
प्रदेश के मुख्य सचिव एंटोनी डीसा ने कहा, हमने मुख्यमंत्री के निर्देश पर किसानों से खरीदे गए प्याज की आज से चार रुपए प्रति किलोग्राम की दर से बिक्री शुरू कर दी है। 
 
डीसा ने कहा, हमें उम्मीद है कि इसमें से 90 प्रतिशत प्याज अगले दो हफ्ते में बिक जाएगी। उन्होंने बताया, अच्छी गुणवत्त्ता की जो प्याज बचेगी, हम उसे भंडारित कर लेंगे। इस प्याज की बिक्री सितंबर में की जाएगी।
 
उन्होंने बताया कि प्याज की कीमतें थोक बाजार में लुढ़कने के बाद किसानों को घाटे से बचाने के लिए प्रदेश सरकार ने चार जून से 30 जून के बीच किसानों से छह रुपए प्रति किलोग्राम की दर पर 1,04,000 टन प्याज की खरीद की थी। यह खरीद मध्यप्रदेश राज्य सहकारी विपणन संघ (मार्कफेड) के जरिए कराई  गई  थी और इस प्याज की बिक्री का जिम्मा भी इसी एजेंसी को दिया गया है।
 
मार्कफेड के महाप्रबंधक (खरीद) योगेश जोशी ने बताया कि खराब प्याज की छंटाई के बाद प्रदेश सरकार के पास करीब 9.5 लाख टन प्याज खुले बाजार में बिक्री के लिए उपलब्ध है। छह अगस्त तक चलने वाली इस बिक्री के लिए राज्यभर में 659 केंद्र बनाए गए हैं।
 
उन्होंने बताया कि किसानों से खरीदे गए प्याज की नीलामी के लिए प्रदेश सरकार ने दो बार टेंडर जारी किए थे। दोनों दफा नीलामी प्रक्रिया में 60 पैसे से लेकर तीन रुपए 16 पैसे तक की बोलियां लगाई गई थीं। 
 
जोशी ने बताया, हमने तय किया है कि जिन लोगों ने तीन रुपए या इससे ज्यादा कीमत की बोली लगाई, उन्हें प्याज बेच दिया जाए। हालांकि इस मूल्य वर्ग की बोली लगाने वालों ने कुल 100 टन प्याज ही खरीदने की इच्छा जताई है। 
 
सूबे में प्याज की बम्पर पैदावार के बाद मई में थोक मंडियों में इस सब्जी के भाव इस कदर गिर गए थे कि किसानों के लिए खेती की लागत निकालना भी मुश्किल हो रहा था। इस स्थिति से नाराज किसानों ने विरोधस्वरूप सड़क पर प्याज फेंकने शुरू कर दिए थे। इन घटनाओं के बाद प्रदेश सरकार ने पहल करते हुए किसानों से प्याज खरीदा था। (भाषा)



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