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  4. Minister Mahendra Singh Sisodia opened a front against the Chief Secretary
Written By Author विकास सिंह
Last Updated: शनिवार, 3 सितम्बर 2022 (13:31 IST)

शिवराज के खास अफसर CS इकबाल सिंह बैंस के खिलाफ सिंधिया के करीबी मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने खोला मोर्चा

भोपाल। मध्यप्रदेश की सियासत में अफसरशाही को लेकर बड़ा बवाल मच गया है। शिवराज सरकार में सीनियर मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने सीधे सरकार के मुख्य सचिव के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। महेंद्र सिंह सिसोदिया ने राज्य मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैस को निरंकुश करार दिया है। गौर करने वाली बात यह है कि महेंद्र सिंह सिसोदिया कांग्रेस से भाजपा में आए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के काफी करीबी है और सिंधिया के साथ ही भाजपा में शामिल हुए थे।  
 
मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस निरकुंश-शिवराज सरकार में पंचायत और ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने कहा कि मुख्य सचिव इकबाल सिंह जैसा अधिकारी जिसके बारे में मेरे पास शब्द नहीं हैं, प्रशासन निरंकुश है और उसका आधार मैं मुख्य सचिव को ही मानता हूं। मेरी नाराजगी हर उस व्यक्ति से है जो पार्टी और संगठन के साथ नहीं है और डुप्लीकेसी से काम करता है। महेंद्र सिंह सिसोदिया ने कहा कि मुख्य सचिव और अधिकारी उनका फोन नहीं उठाते है। 
 
शिवपुरी SP के खिलाफ सिंधिया को चिट्ठी-इतना ही नहीं महेंद्र सिंह सिसोदिया ने अपने प्रभार वाले जिले शिवपुरी के एसपी राजेश चंदेल की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी जाहिर की है। सिसोदिया ने शिवपुरी जिले में थाना प्रभारियों के तबादलों में उनकी रजामंदी नहीं लिए जाने पर नाराजगी जाहिर की और इस नाराजगी को लेकर कलेक्टर को एक चिट्ठी भी लिखी। 
मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया अपनी ही सरकार की कार्यप्रणाली से किस कदर खफा है इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि कलेक्टर को लिखे पत्र की प्रतिलिपी उन्होंने मुख्यसचिव, मुख्यमंत्री ऑफिस भेजने की जगह केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया के निज सचिव को भेजी है।
 
सिसोदिया की नराजगी के सियासी मयाने?- शिवराज सरकार में सीनियर मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया के सीधे मुख्य सचिव के खिलाफ नाराजगी जताने बाद प्रदेश की सियासत गर्मा गई है। महेंद्र सिंह सिसोदिया ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान के करीबी और प्रदेश के मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस को निरकुंश करार देने से पूरी ब्यूरोक्रेसी कठघरे में आकर खड़ी हो गई है।

गौरतलब है कि इकबाल सिंह बैंस का नवंबर में रिटायर हो रहे है और मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान बैंस को एक्सटेंशन के लेकर केंद्र सरकार को पत्र लिख चुके है। ऐसे में सिंधिया गुट के मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया के मुख्य सचिव के खिलाफ मोर्चा खोलने के कई सियासी मायने भी तलाशे जा रहे है। 
 
गौरतलब है कि शिवपुरी ज्योतिरादित्य सिंधिया के प्रभाव वाला क्षेत्र है और माना जाता है कि सिंधिया के कोटे से मंत्री बने महेंद्र सिंह सिसोदिया को शिवपुरी जिले का प्रभारी मंत्री भी सिंधिया के दखल के बाद बनाया गया था। ऐसे में प्रभारी मंत्री की शिकायत के कई सियासी मयाने है। 

वहीं कांग्रेस के सीनियर नेता और पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने तंज कसते हुए कहा कि प्रदेश में ब्यूरोक्रेसी का राज हो चुका है और मुख्यमंत्री का ब्यूरोक्रेसी पर कोई नियंत्रण नहीं है। इसका सबसे बड़ा प्रमाण है कि महेंद्र सिंह सिसोदिया को सिंधिया की शरण लेनी पड़ रही है।  

हलांकि मुख्य सचिव इकबाल सिंह बैंस के खिलाफ मोर्चा खोलने वाले पंचायत एवं ग्रामीण विकास मंत्री महेंद्र सिंह सिसोदिया ने मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान की तारीफ करते हुए कहा कि प्रदेश वासियों का सौभाग्य है कि हम सबको शिवराज सिंह चौहान जैसे सीएम मिले हैं वो सदा सीएम बने रहें ऐसी कामना है।