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मौसम अपडेट : मध्यप्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश की संभावना

Updated: मंगलवार, 27 अगस्त 2019 (01:02 IST)
भोपाल। मानसून ट्रफ के गुना से होकर गुजरने से प्रदेश के उत्तर-पूर्वी क्षेत्र पर कम दबाव का क्षेत्र सक्रिय होने के साथ ही प्रदेश के अनेक स्थानों पर तेज बारिश हो रही है।
 
मंगलवार को मौसम विभाग ने राजधानी भोपाल सहित इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर, दतिया, मुरैना, भिंड, गुना, अशोकनगर, विदिशा, सागर, रायसेन, सीहोर, होशंगाबाद, खंडवा, खरगोन में भारी बरसात होने की संभावना जताई थी और इसका प्रभाव भी नजर आ रहा है।
 
सोमवार सुबह से ही मध्यप्रदेश के कई जिलों में भारी बारिश हो रही है। पिछले 24 घंटे में खरगोन में ही 1 इंच से ज्यादा बारिश हो चुकी है। कई जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। नरसिंहपुर जिले में भी मानसून सक्रिय हो गया है। इससे कहीं बूंदाबांदी तो कहीं रिमझिम बारिश हो रही है।
 
नर्मदा का जलस्तर 953 फीट तक पहुंचा : बरगी और तवा बांध में पानी आने से होशंगाबाद में सोमवार दोपहर 12 बजे सेठानी घाट पर नर्मदा का जलस्तर 953 फीट तक पहुंच गया। यह खतरे के निशान से 11 फीट नीचे है। होशंगाबाद में पिछ्ले 24 घंटे में 53 व पचमढ़ी में 61 मिली बारिश हुई है।
 
खरगोन जिले में 1 और भीकनगांव में 2 इंच बारिश : जिले में पिछले 24 घंटे में औसत 1 इंच बारिश हुई। सबसे अधिक बारिश करीब 2 इंच बारिश भीकनगांव में हुई। भू-अभिलेख कार्यालय के अनुसार जिले में रविवार सुबह 8 बजे से सोमवार सुबह 8 बजे तक 28.2 मिमी औसत बारिश हुई। वहीं भीकनगांव में 48 मिमी, खरगोन में 38.6 मिमी, गोगावां 42 मिमी, सेगांव 16 मिमी, भगवानपुरा 32 मिमी, झिरन्या 26 मिमी, बड़वाह 8 मिमी, सनावद 12 मिमी, महेश्वर 34 मिमी, कसरावद 31 मिमी बारिश हुई।
 
खरगोन जिले में अब तक 644.8 मिमी (करीब 26 इंच) औसत बारिश हो चुकी है, ज‍बकि गत वर्ष अब तक 615.8 मिमी हुई थी। नर्मदा के जलस्तर में सोमवार को भी काफी बढ़ोतरी हुई है। महेश्वर में रविवार को नर्मदा के जलस्तर में 3 मीटर की बढ़ोतरी हुई है। सोमवार को भी जिले में हल्की बारिश का दौर जारी रहा तथा रुक-रुककर बारिश होती रही है।
 
इन जिलों में हुई रविवार को हुई भारी बारिश : मौसम विज्ञान केंद्र के मुताबिक रविवार सुबह 8.30 बजे से शाम 5.30 बजे तक सागर में 55, रतलाम में 32, मलाजखंड में 28, ग्वालियर में 25.3, पचमढ़ी में 24, खजुराहो में 22.4, बैतूल और नरसिंहपुर में 19, खंडवा में 17, जबलपुर और नौगांव में 15, गुना और धार में 13, भोपाल में 7.2 मिमी बरसात हुई थी।
 
कम दबाव का क्षेत्र बना : वरिष्ठ मौसम विज्ञानी अजय शुक्ला ने बताया कि वर्तमान में उत्तर-पूर्व मध्यप्रदेश एवं उसके आसपास एक कम दबाव का क्षेत्र बना है तथा इसके साथ ही हवा के ऊपरी भाग में चक्रवाती हवा का घेरा 1.5 किमी की ऊंचाई तक बना है। मानसून द्रोणिका (ट्रफ) अनूपगढ़, सीकर, गुना से उत्तर-पूर्व मध्यप्रदेश से पेंड्रा रोड, झारसुगुड़ा, पुरी से बंगाल की खाड़ी तक बनी हुई है।
 
सितंबर में होगी तेज बरसात : उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और गंगा के पश्चिमी बंगाल एवं उड़ीसा के समुद्र तट पर 7.6 किमी की ऊंचाई पर चक्रवाती हवा का घेरा बना है। इस सिस्टम के प्रभाव से 28 अगस्त को बंगाल की खाड़ी में एक कम दबाव का क्षेत्र बनने की संभावना है। इससे सितंबर के पहले सप्ताह में भी अच्छी बरसात होने के आसार हैं।
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