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मध्यप्रदेश ने वैश्विक क्षमता केंद्र के लिए अलग से बनाई नीति

Updated: शुक्रवार, 14 फ़रवरी 2025 (20:28 IST)
Madhya Pradesh News : मध्यप्रदेश ने वैश्विक क्षमता केंद्र (GCC) के लिए अलग से नीति बनाई है। इसका उद्देश्य राज्य को वैश्विक नवाचार और सहयोग के लिए एक अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करना है। इसके साथ ही मध्यप्रदेश जीसीसी नीति बनाने वाला देश का पहला राज्य बन गया है। इस नीति में आईटी, वित्त, इंजीनियरिंग, मानव संसाधन और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है। इसमें कृत्रिम मेधा (एआई) और साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। नीति का उद्देश्य 50 से अधिक जीसीसी को आकर्षित करना और 37,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करना है। 
 
राज्य सरकार के अनुसार, मध्यप्रदेश जीसीसी नीति 2025 में पूंजीगत व्यय, पेरोल (नियमित वेतनमान पर रखे जाने वाले कर्मचारी), कौशल विकास और अनुसंधान एवं विकास (आरएंडडी) के लिए प्रोत्साहनों को इसके कार्यान्वयन के लिए जिम्मेदार एक नामित नोडल एजेंसी के साथ जोड़ा गया है।
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इस नीति में आईटी, वित्त, इंजीनियरिंग, मानव संसाधन और उभरती प्रौद्योगिकियों जैसे क्षेत्रों पर ध्यान दिया गया है। इसमें कृत्रिम मेधा (एआई) और साइबर सुरक्षा पर विशेष जोर दिया गया है। नीति का उद्देश्य 50 से अधिक जीसीसी को आकर्षित करना और 37,000 से अधिक प्रत्यक्ष रोजगार सृजित करना है, जिससे मध्यप्रदेश को सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी)/सूचना प्रौद्योगिकी समर्थ सेवा (आईटीईएस), उन्नत विश्लेषण, अनुसंधान एवं विकास और डिजिटल परिवर्तन के लिए उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में स्थापित किया जा सके।
 
नोट में कहा गया है कि विदेशी निवेश को सुविधाजनक बनाने और बुनियादी ढांचे के विकास को प्रोत्साहित करके, राज्य का लक्ष्य एक ठोस परिवेश बनाना है जो वाहन, फार्मास्यूटिकल्स, लॉजिस्टिक, कपड़ा, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी और एआई और साइबर सुरक्षा जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों सहित कई उद्योगों की जरूरतों को पूरा कर सके।
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इस नीति को भोपाल में 24-25 फरवरी को होने वाले मध्यप्रदेश के द्विवार्षिक वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन से पहले पेश किया गया। इसका उद्देश्य निवेश जुटाना और राज्य की आर्थिक क्षमता को प्रदर्शित करना है। बयान में कहा गया है कि नीति को लागू करने के लिए मध्यप्रदेश राज्य इलेक्ट्रॉनिक्स विकास निगम लिमिटेड (एमपीएसईडीसी) नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा।
 
एक अलग से नीति कार्यान्वयन इकाई (पीआईयू) परियोजना अनुमोदन, प्रोत्साहन आवंटन और अनुपालन निगरानी की देखरेख करेगी ताकि निर्बाध निष्पादन और निवेशक समर्थन सुनिश्चित किया जा सके। मध्यप्रदेश जीसीसी नीति 2025 का उद्देश्य राज्य और दूसरी श्रेणी के शहरों को नवाचार और उत्कृष्टता के वैश्विक केंद्रों में बदलना है, तथा एक ऐसा परिवेश विकसित करना है जहां बहुराष्ट्रीय निगम फल-फूल सकें। (भाषा)
Edited By : Chetan Gour
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