पाटीदार समाज का बड़ा ऐलान! मुख्यमंत्री के आने पर ही होगी मंदसौर में किसानों की अंत्येष्टि

Last Updated: बुधवार, 7 जून 2017 (00:17 IST)
नीमच। में में पुलिस फायरिंग के दौरान ने पूरे देश में तहलका मचा दिया है। इस घटना को लेकर जहां एक ओर किसानों में आक्रोश है, वहीं दूसरी ने भी बड़ा ऐलान कर डाला है। संभावना है कि पटेल आरक्षण आंदोलन के नेता भी मंदसौर पहुंच रहे हैं।
पाटीदार समाज बुधवार को तब तक मृतक किसानों की अंत्येष्टि नहीं होने देगा, जब तक खुद मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान यहां नहीं आ जाते। संभावना यह भी है कि पटेल आरक्षण आंदोलन के नेता हार्दिक पटेल भी मंदसौर पहुंच रहे हैं। मध्‍यप्रदेश पाटीदार समाज के प्रदेश अध्‍यक्ष महेन्‍द्र पाटीदार ने भी उक्त घटना की कड़ी निंदा की है। उन्होंने कहा आंदोलनरत किसानों पर भीषण गोलीबारी की खबर विचलित कर देने वाला समाचार है।

उन्होंने कहा कि मंगलवार को मंदसौर जिले के पिपलियामंडी बाही पार्श्वनाथ चौराहा पर पुलिस ने बर्बरतापूर्वक गोली चलाकर हमारे पाटीदार समाज के पांच किसान कन्हैयालाल पाटीदार निवासी चिलोद पिपलिया, बब्‍लू पाटीदार निवासी टकरावद, चैनाराम पाटीदार निवासी नयाखेडा, अभिषेक पाटीदार बरखेडापंथ और सत्यनारायण पाटीदार बरखेडापंथ की दर्दनाक हत्या कर दी। अभी कई किसान घायल हैं जो अस्पताल में जिन्दगी और मौत के बीच झूल रहे हैं, जहां उनकी हालत चिंताजनक है।

पाटीदार ने कहा कि उक्त शहीद किसान भाइयों के लिए मप्र पाटीदार समाज अश्रुपूरित श्रद्धासुमन अर्पित करता है। उक्त हत्याकांड पर गृहमंत्री भूपेन्द्र सिंह द्वारा दिया गया वक्तव्य कि किसानों की हत्या असामाजिक तत्वों द्वारा की गई, जो निंदनीय है। मप्र पाटीदार समाज गोलीकांड की व गृहमंत्री की निन्दा करते हुए भर्त्सना करता है।

पाटीदार ने कहा कि मध्‍यप्रदेश पाटीदार संगठन के सभी सदस्यों व पदाधिकारियों और समाजजन से मप्र पाटीदार समाज की अपील है कि इस गोलीकांड के विरोध में प्रत्येक तहसील व जिला मुख्यालय पर ज्ञापन देकर दोषी पुलिसकर्मियों पर हत्या की धाराएं दर्ज हों, पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा मिले व किसानों की मांगें तत्काल मानीं जाए।

साथ ही मप्र पाटीदार समाज भी 7 जून को सम्पूर्ण मप्र बंद का आव्हान करता है। सभी प्रदेशवासी सहयोग करें। पाटीदार ने यह भी बताया कि वे खुद 7 जून को मंदसौर पहुंच रहे हैं और जब तक मुख्यमंत्री स्वयं आकर शहीद किसानों को श्रद्धांजलि नही देते हैं, तब तक अंत्येष्टि नहीं की जाएगी। मंदसौर जिले के समस्त आंदोलनकारी किसानों के फोन ब्लॉक कर दिए गए हैं, इंटरनेट सेवा भी रोक दी है।




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