पत्नी के मायके से नहीं लौटने पर तोड़ दी बजरंग बली की मूर्ति

पुनः संशोधित रविवार, 26 जून 2016 (17:40 IST)
इंदौर। प्राचीन मंदिर में बजरंग बली की मूर्ति तोड़े जाने के बाद यहां में फैले तनाव के बीच पुलिस ने रविवार को 37 वर्षीय एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया। पुलिस का दावा है कि मानसिक रूप से परेशान इस व्यक्ति ने कथित तौर पर इसलिए गुस्से में मूर्ति तोड़ दी, क्योंकि बजरंग बली से प्रार्थना किए जाने के बावजूद उसकी बीवी मायके से नहीं लौटी।
शहर पुलिस अधीक्षक शशिकांत कनकने ने बताया कि पालदा क्षेत्र के प्राचीन खेड़ापति हनुमान मंदिर में बजरंग बली की मूर्ति तोड़ने के आरोप में मनोज बंजारा (37) को गिरफ्तार किया गया है। कनकने ने कहा कि बंजारा मानसिक रूप से थोड़ा परेशान है। उसकी पत्नी किसी बात पर उससे रूठकर करीब 4 महीने पहले मायके चली गई थी।
 
बंजारा का कहना है कि जब तमाम प्रयासों के बाद भी वह अपनी पत्नी को घर लौटने के लिए मना नहीं सका तो वह बजरंग बली की शरण में गया। उसने बजरंग बली से प्रार्थना की कि वह कोई चमत्कार दिखाकर उसकी पत्नी को मायके से घर भिजवा दें। 
 
कनकने ने कहा कि बंजारा के मुताबिक जब इस प्रार्थना के बावजूद उसकी पत्नी घर नहीं लौटी तो उसने गुस्से में आकर शनिवार को रात बजरंग बली की मूर्ति तोड़ दी। मामले में विस्तृत जांच की जा रही है। बहरहाल, इस मामले में पुलिस का दावा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के गले नहीं उतर रहा है।
 
संघ के धर्म जागरण विभाग की एक स्थानीय इकाई के संयोजक विनोद मिश्रा ने कहा कि हमें संदेह है कि पुलिस ने इस मामले में अपनी खाल बचाने के लिए कहानी गढ़कर बंजारा को गिरफ्तार किया है। हमारी मांग है कि इस मामले की उच्चस्तरीय जांच की जाए। 
 
प्राचीन मंदिर में बजरंग बली की मूर्ति तोड़े जाने के बाद पालदा क्षेत्र में रविवार सुबह तनाव की स्थिति बन गई और इसके मद्देनजर वहां एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात किया गया। इस घटना से आक्रोशित कई श्रद्धालु हिन्दू संगठनों के नेताओं के साथ मंदिर पहुंचे और चेतावनी दी कि बजरंग बली की मूर्ति तोड़े जाने के मामले का अगर जल्द खुलासा नहीं किया गया तो वे पुलिस के खिलाफ आंदोलन करेंगे। (भाषा)



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