biodatamaker

आजादी के बाद यहां पहली बार बजे दलित की शादी में बैंड बाजे

Updated: मंगलवार, 25 अप्रैल 2017 (22:38 IST)
आगर मालवा (मप्र)। मध्यप्रदेश के आगर मालवा जिले के माना गांव में आजादी के बाद पहली बार दलित समाज के एक युगल की शादी में रविवार की रात को बैंड बाजे के साथ धूमधाम से बारात निकाली गई, लेकिन इसके लिए सरकार को सशस्त्र पुलिसबल तैनात करनी पड़ी।
 
गौरतलब है कि जिला मुख्यालय से लगभग 40 किलोमीटर दूर सुसनेर तहसील अंतर्गत इस गांव में आजादी के बाद से लेकर आज तक कभी भी दलित समाज के विवाह कार्यक्रम में बैंड बाजे एवं ढोल-ढमाके नहीं बज पाए थे, जबकि 2000 आबादी वाले इस गांव में लगभग 55 दलित परिवार निवास करते हैं।
 
सब डिवीजनल मजिस्ट्रेट (एसडीएम) जीएस डावर ने मंगलवार को बताया, चन्दर मेघवाल निवासी माना ने मुझे एक आवेदन दिया था कि उसकी पुत्री ममता का विवाह राजगढ़ के दिनेश के साथ तय हुआ है और 23 अप्रैल 2017 को वर पक्ष बारात लेकर माना आने वाला है, लेकिन गांव के दबंगों ने उसे चेतावनी दी है कि गांव में बारात बिना बैंड बाजे के निकलनी चाहिए, क्योंकि आजादी के बाद से लेकर आज तक कोई भी दलित परिवार गांव में विवाह में बैंड बाजे नहीं बजा पाया है और ना ही किसी प्रकार की सजावट-रोशनी कर पाया है।
 
डावर ने कहा, चन्दर मेघवाल ने कहा कि उसको डर है कि उसकी पुत्री के विवाह में कोई अनहोनी न हो, इसलिए मदद की गुहार लगाई। उन्होंने कहा, इस शिकायत पर मैंने तत्काल सुसनेर अनुविभागीय अधिकारी पुलिस, तहसीलदार एवं सुसनेर पुलिस थाना प्रभारी के साथ मीटिंग की और गांव में दलित परिवार के विवाह समारोह को सुरक्षित और साआनंद संपन्न करने के लिए त्वरित कार्रवाई करते हुए बड़ी संख्या में पुलिसबल तैनात कर दिया।
 
एसडीएम डावर ने बताया कि रविवार को निर्धारित समय पर ममता की बारात गांव में आई और बैंड बाजे के साथ बारात चन्दर मेघवाल के घर पहुंची और धूमधाम से ममता का विवाह दिनेश के साथ संपन्न हुआ। उन्होंने कहा, शादी के दौरान सवर्ण जाति के किसी भी व्यक्ति ने बारात में बैंड बजाने पर आपत्ति नहीं जताई। उन्होंने कहा कि इस दौरान सुसनेर के वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी तीन थानों के पुलिसबल के साथ पूरी मुस्तैदी के साथ वहां पर मौजूद रहे।
 
डावर ने बताया कि प्रशासनिक अधिकारियों की त्वरित और सख्त कार्रवाई के चलते दलित परिवार की दुल्हन पुत्री ममता बैंड बाजे के साथ हंसी-खुशी सुरक्षित अपने ससुराल विदा हो गई। उन्होंने कहा कि मेघवाल ने किसी व्यक्ति के खिलाफ शिकायत नहीं की थी। मेघवाल ने आवेदन में किसी व्यक्ति का नाम नहीं लिखा है। शादी समारोह ठीक उसी तरह से संपन्न हो गया, जैसे शिकायतकर्ता ने उम्मीद की थी। (भाषा) 
Show comments

SIM Card Rules: 9 से ज्यादा SIM रखने वालों पर कसेगा शिकंजा, 23 अगस्त से लागू होगा नया नियम; जानें क्या बदलेगा

Sajjan Kumar Death: 1984 सिख विरोधी दंगों में उम्रकैद काट रहे पूर्व कांग्रेस सांसद सज्जन कुमार का निधन, 80 साल की उम्र में ली अंतिम सांस

SBI ने करोड़ों की Bulk FD पर घटाई ब्याज दरें, 15 अगस्त से लागू हुए नए रेट; वरिष्ठ नागरिकों को भी झटका

महाकाल मंदिर में 1000 से ज्यादा जूतों के ढेर में खो गया जूता, ChatGPT ने चुटकियों में खोज निकाला

Belonging: राजनीति, प्‍यार और निजी जिंदगी तक, गांधी परिवार में हुईं हत्‍याओं के बाद कैसे बदल गई सोनिया गांधी की जिंदगी

सभी देखें

आधी रात शिफा अस्पताल पहुंचे इमरान खान, 6 डॉक्टरों ने की जांच; फिर अडियाला जेल भेजे गए

इसराइली मंत्री के "टारगेट किलिंग" वाले बयान पर उबाल

राज्यपालों के कार्यकाल पर क्या कहता है भारत का संविधान

Top News 21 August: चीनी के दाम से अमेरिका के कर्ज तक, इमरान खान और शशि थरूर समेत पढ़ें दिन की 5 बड़ी खबरें

Sugar Price : चीनी के दाम क्यों बढ़ रहे हैं? 15 दिन में ₹20 महंगी हुई, सरकार ने उठाया बड़ा कदम, जानें आपके लिए क्या बदलेगा

अगला लेख