भाजपा विधायक प्रीतम लोधी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने लगाई फटकार, IPS अफसर से मांगी माफी
IPS अफसर को धमकाने और बेटे के थार से सरेराह पांच लोगों को रौंदने के मामले में पार्टी की किरकिरी कराने वाले भाजपा विधायक प्रीतम लोधी को मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने जमकर फटकार लगाई है। पार्टी नेतृत्व से फटकार के बाद भाजपा विधायक प्रीतम लोधी के तेवर नरम पड़ गए है और पुलिस अधिकारी को धमकी देने के मामले में सार्वजनिक रूप से माफी मांग ली है।
प्रीतम लोधी के नरम पड़े तेवर- पार्टी से नोटिस मिलने के बाद गुरुवार को मुख्यमंत्री निवास पहुंचे मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल की सख्त फटकार के बाद लोधी के तेवर ठंडे पड़ गए हैं। प्रीतम लोधी ने माफी मांगने के साथ ही मुख्यमंत्री से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग भी की है। उन्होंने अपनी तीन पीढ़ियों का नाता भाजपा से बताते हुए पार्टी के प्रति अपनी निष्ठा दोहराई है। मीडया से बातचीत में प्रीतम लोधी ने कहा कि पार्टी के सामने मैंने अपना पक्ष रखा है। मैंने उस समय आवेश में आकर अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया, इसके लिए मैं खेद प्रकट करता हूं।
प्रीतम लोधी ने कहा कि पार्टी के सामने भी मैंने अपनी गलती स्वीकार कर खेद व्यक्त किया है। उन्होने कहा कि मैंने मुख्यमंत्री जी और अध्यक्ष जी के सामने अपना पक्ष रखा है, साथ ही ये मांग की है कि इस मामले की जांच कमेटी बनाकर जांच की जाए। उन्होंने बताया कि पुलिस द्वारा उनके बेटे का जूलुस निकालने से आहत होकर उन्होंने गुस्से में वह बयान दिया था। वहीं पार्टी आलाकमान ने उन्हें सख्त हिदायत दी है कि वे अनुशासन में रहें और अपनी भाषा पर नियंत्रण रखें। इससे पहले भाजपा विधायक प्रीतम लोधी को भाजपा ने नोटिस देकर जवाब मांगा था।
क्या है पूरा मामला?-शिवपुरी जिले के करैरा में विगत दिनों सरेराह पांच लोगों को सड़क पर रौंदने वाले अपने बेटे के बचाव में भाजपा विधायक प्रीतम लोधी ने करैरा एसडीओपी आयुष जाखड़ को सीधी धमकी दी थी। भाजपा विधायक ने अभद्र टिप्पणी करते हुए कहा था कि क्या करेरा तुम्हारे डैडी का है। मेरा बेटा करेरा आएगा चुनाव भी लड़ेगा तेरे डैडी में दम हो तो रोक लेना। हमारा इतिहास भी देख लेना अपनी औकात में रहो अपने दायरे में रहो।
इसके साथ ही भाजपा विधायक प्रीतम लोधी कहते हैं कि एसडीओपी करैरा ने जो बात कही,वो मेरे गले नहीं उतर रही। वो कहता है यहां दिख मत जाना। मैं एसडीओपी से कहना चाहता हूं, क्या तेरे डैडी की है करैरा। वैसे तो मैं कहता नहीं हूं, लेकिन अब मैं कहना चाहता हूं, वो आएगा भी करेरा और चुनाव भी लड़ेगा। तेरे डैडी में दम हो तो रोक लेना। इसके साथ ही उन्होंने आगे कहा कि मैं कहना चाहता हूं एसडीओपी महोदय से हमारा इतिहास भी देख लेना अगर ये हमारे खिलाफ गलत इल्जाम,गलत दबाव, गलत तरीके से पड़ताल करोगे तो हम सहन नहीं करेंगे।इसका जवाब भी देंगे। मैं ऐसे अधिकारी को कहना चाहता हूं, अपनी औकात में रहो अपने दायरे में रहो, अगर झूठे आरोप लगाए, दबाव बनाया या पक्षपात किया, तो हम बर्दाश्त नहीं करेंगे और करारा जवाब देंगे. विधायक ने इस पूरे मामले को कांग्रेस की तरह बढ़ा-चढ़ाकर पेश किया गया बताया, जबकि हकीकत कुछ और कहानी कहती है।
क्या है पूरा मामला?- शिवपुरी जिले के करैरा में गत 16 अप्रैल की सुबह करीब 7:30 बजे भाजपा विधायक प्रीतम सिंह लोधी के बेटे दिनेश लोधी ने अपनी थार गाड़ी से बाइक से जा रहे संजय परिहार,आशीष और अंशुल को टक्कर मार दी थी। इतना ही नहीं सत्ता के नशे में चूरे विधायक के बेटे ने सड़क पर पैदल जा रही सीता वर्मा और पूजा सोनी को रौंद डाला था। इस हादसे में पांचों लोग गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सत्ता के नशे में चूरे विधायक के बेटे से जब पुलिस ने हादसे का कारण पूछा तो उसने कहा का हॉर्न बजाया, सायरन दिया, लोग नहीं हटे तो गाड़ी आगे बढ़ा दी।
हादसे के बाद भाजपा विधायक ने पहले तो सोशल मीडिया पर पोस्ट लिखकर कहा कि एक विधायक के लिए उसका बेटा या परिवार नहीं, जनता सर्वोपरि होती है। करेरा में पीड़ितों को न्याय दिलाना पुलिस प्रशासन की जिम्मेदारी है। वहीं अब जब पुलिस ने अपनी कार्रवाई आगे बढ़ाई तो भाजपा विधायक ने उलटे पुलिसकर्मियों को ही धमकी दे डाली।
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भोपाल ब्यूरो
वेबदुनिया भोपाल ब्यूरो मध्यप्रदेश की राजधानी भोपाल के साथ प्रदेश के विभिन्न जिलों की महत्वपूर्ण खबरों के प्रकाशन का प्रमुख केंद्र है। भोपाल ब्यूरो से प्रदेश की सियासत, अपराध, व्यापार, खेल, धर्म-संस्कृति और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी खबरें सटीकता और निष्पक्षता के साथ प्रकाशित की जाती हैं।....
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