शिवराज बने ब्लॉगर

रवींद्र व्यास| Last Updated: बुधवार, 1 अक्टूबर 2014 (19:47 IST)
ब्लॉग की ताकत जगजाहिर है। यह प्रचार-प्रसार से लेकर वैचारिक प्रतिरोध का सशक्त माध्यम बन गया है। इसीलिए ब्लॉग की ताकत ने मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान को भी आकर्षित किया है। वे अठारह अप्रैल से बाकायदा बन गए हैं।

अपनी पहली उन्होंने एक धाँसू शीर्षक से लगाई है। शीर्षक है- स्वर्णिम मध्यप्रदेश की योजना। कहने की जरूरत नहीं कि वे मुख्यमंत्री के रूप में अपनी दूसरी पारी में अपने मुख्यमंत्रित्वकाल की उपलब्धियाँ गिनाएँगे और अपनी पार्टी की नीतियों, कार्यक्रमों और कामों की चर्चा करेंगे। वे पार्टी के प्रचार के लिए ब्लॉग का इस्तेमाल करेंगे।

चौहान का यह ब्लॉग है- http&//blog.shivrajsinghchouhan.in यह वर्डप्रेस पर बनाया गया है और वे अपना ब्लॉग हिन्दी में लिखेंगे। पहली पोस्ट में उन्होंने लिखा है कि- दूसरी बार मुख्यमंत्री का कार्यभार संभालते ही मैंने अपनी सात प्राथमिकताएँ आपके समक्ष रखी जिनमें अधोसंरचना विकास, निवेश वृद्घि, कृषि को लाभप्रद बनाना, शिक्षा और स्वास्थ्य बेहतर होना, महिला सशक्तीकरण, बेहतर सुरक्षा कानून और व्यवस्था, सुशासन और संसाधन विकास शामिल है।
उनकी पहली पोस्ट पर अब तक भी कई कमेंट्स आ चुके हैं। इनमें मुख्यमंत्री को ब्लॉगर बनने की बधाई दी गई है और उनसे अपेक्षा की गई है कि वे प्रदेश को अराजकता और भ्रष्टाचार से बचाएँगे, हर क्षेत्र में विकास करेंगे।

वे अपनी पहली ही पोस्ट में स्वीकार करते हैं कि भ्रष्टाचार पूरी व्यवस्था के लिए नासूर बन चुका है और इसे एक झटके में समाप्त करना किसी के लिए संभव नहीं है, परंतु मैं विश्वास दिलाना चाहता हूँ कि चरणबद्घ तरीके से इसको जड़ से समाप्त करने के लिए मैं कृतसंकल्प हूँ। आशा की जाना चाहिए कि मुख्यमंत्री इस ब्लॉग को अपने, सरकार और पार्टी का मुखपत्र होने से बचाएँगे।



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