हारे दिग्गजों पर कांग्रेस ने फिर जताया भरोसा, लोकसभा के रण में उतारने की तैयारी

विशेष प्रतिनिधि| Last Updated: सोमवार, 11 फ़रवरी 2019 (12:26 IST)
भोपाल। मध्यप्रदेश में में हार का सामना करने वाले दिग्गज नेताओं पर कांग्रेस लोकसभा चुनाव में एक बार फिर दांव लगाने जा रही है।
राहुल गांधी के भोपाल दौरे के दौरान लोकसभा चुनाव को लेकर हुई बैठक में पार्टी ने हारे हुए दिग्गज नेताओं को लोकसभा चुनाव की तैयारियों में जुटने की हरी झंडी दे दी है।

इसके साथ ही पार्टी ने बीजेपी छोड़ कांग्रेस में शामिल हुए पूर्व सांसद रामकृष्ण कुसमारिया को भी खजुराहो सीट से टिकट देकर चुनावी मैदान में उतार सकती है।

कुसमारिया खजुराहो से दो बार बीजेपी के टिकट पर सांसद चुने जा चुके हैं, वहीं पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय. सिंह पहले ही बीजेपी के वरिष्ठ नेता बाबूलाल गौर को भोपाल से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने का ऑफर दे चुके हैं।

हारे हुए दिग्गज पर फिर दांव : लोकसभा चुनाव में पार्टी सतना सीट से पार्टी के दिग्गज नेता अजय सिंह को टिकट देने की तैयारी में है। मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रहे विंध्य के कद्दावर नेता अजयसिंह को विधानसभा चुनाव में अपनी पारंपरिक सीट चुरहट से हार का सामना करना पड़ा था।

पार्टी अब लोकसभा चुनाव में अजय को दोबारा चुनाव मैदान में उतारने जा रही है। अजय सिंह ने सतना से लोकसभा चुनाव लड़ने की तैयारियां भी शुरू कर दी हैं। अगर बात करें सतना लोकसभा सीट के सियासी समीकरण की तो 2014 के लोकसभा चुनाव में अजय सिंह को मामलूी वोटों बीजेपी से हार का सामना करना पड़ा था।

इसके साथ ही मध्यप्रदेश कांग्रेस के कार्यकारी अध्यक्ष रामनिवास रावत जिन्हें विधानसभा चुनाव में श्योपुर से हार का सामना करना पड़ा था, इस बार पार्टी लोकसभा चुनाव में
मुरैना से लोकसभा का टिकट दे सकती है।

इसके अलावा दमोह लोकसभा सीट से पार्टी पूर्व मंत्री मुकेश नायक को टिकट देने की तैयारी में है। मुकेश नायक को विधानसभा चुनाव में हार का सामना करना पड़ा था। इसके साथ ही विधानसभा चुनाव में शिवराज के सामने बुधनी से चुनाव लड़ने वाले अरुण यादव को पार्टी खंडवा से टिकट देने की तैयारी में है।
अरुण यादव ने पिछला लोकसभा चुनाव भी खंडवा से लड़ा था, जिसमें उन्हें बीजेपी उम्मीदवार नंदकुमार सिंह चौहान से हार का सामना करना पड़ा था। इसके साथ ही कांग्रेस इस बार लोकसभा चुनाव में अपने सभी दिग्गज नेताओं को चुनावी मैदान में उतारकर बीजेपी को किसी भी सीट पर वॉकओवर देना नहीं चाह रही है।

 

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