मोदी का करिश्मा : उत्तर और पश्चिम भारत में भी गेरूआ ही गेरूआ

Last Updated: शुक्रवार, 24 मई 2019 (00:14 IST)
नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी ने में जीत का ऐसा बनाया है कि आने वाले समय में उसे तोड़ पाना अभी तो असंभव-सा ही नजर आ रहा है। देश के इस हिस्से में कुछ राज्यों में मतों में उसकी हिस्सेदारी 50 फीसदी से भी ऊपर चली गई है। इसी के साथ पार्टी 2014 के आम चुनाव में हासिल 282 सीटों के आंकड़े को पार करती नजर आ रही है।
'राष्ट्रवाद' और 'विकास' के नारे के साथ बुलंद होते प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के करिश्माई व्यक्तित्व ने कुछ ऐसा करिश्मा किया कि देश की हिन्दी पट्टी कहलाने वाले इलाके में अधिकतर लोकसभा सीटों पर गेरूआ परचम लहरा गया। मोदी के नेतृत्व और भाजपा के संगठनात्मक प्रबंधन की रणनीति ने समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी के मजबूत नजर आ रहे गठबंधन को तिनके की तरह हवा में उड़ा दिया।
आंकड़े इस बात की गवाही दे रहे हैं कि भाजपा ने मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़, राजस्थान, गुजरात और हरियाणा जैसे कई राज्यों में अपने मत प्रतिशत में भी इजाफा किया है। इन राज्यों में उसकी वोट हिस्सेदारी 50 फीसदी से भी अधिक रही है, जो कि भारतीय चुनावी इतिहास में किसी चमत्कार से कम नहीं है। मतों की गिनती अभी जारी है और देशभर में 300 से अधिक सीटों पर भाजपा आगे चल रही है।

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने चुनाव से पहले ही दावा किया था कि उत्तरप्रदेश में सपा-बसपा गठबंधन की हार निश्चित करने के लिए पार्टी 50 फीसदी से अधिक वोट हासिल करेगी और नतीजे बताते हैं कि उनका यह दावा सच साबित हुआ है। निर्वाचन आयोग के ताजा आंकड़ों के अनुसार इस राज्य में भगवा पार्टी ने 49 फीसदी से अधिक वोट हासिल किए हैं। उत्तरप्रदेश में भाजपा 60 सीटों पर आगे चल रही है।
राजस्थान और गुजरात में भी भाजपा अपनी 2014 की जीत को दोहराती नजर आ रही है। यहां पार्टी क्रमश: सभी 25 और 26 सीटों पर बढ़त बनाए हुए है। मध्यप्रदेश में तो वह 29 में से 28 सीटों पर आगे चल रही है। छत्तीसगढ़ की 11 में से 9 सीटों पर पार्टी बढ़त लिए हुए है।

बिहार में भाजपा ने नीतीश कुमार के जनता दल (यू) से गठबंधन कायम करने के लिए अपनी मजबूत संभावनाओं वाली सीटों का बलिदान किया और यहां भी वह 16 सीटों पर आगे चल रही है। उसने कुल 17 सीटों पर अपने उम्मीदवार खड़े किए थे। बिहार में वह 2014 में 31 में से 22 सीटें जीती थी।
महाराष्ट्र में भाजपा 25 में से 23 सीटों पर जीत हासिल करती नजर आ रही है, बाकी 23 सीटों पर उसकी सहयोगी पार्टी शिवसेना ने अपने उम्मीदवार मैदान में उतारे थे। हरियाणा में भी भाजपा ने 10 में से 9 सीटों पर शानदार प्रदर्शन किया है। पिछले आम चुनाव में यहां उसने 7 सीटें जीती थीं।

भाजपा शासित कुछ राज्यों में सत्ताविरोधी लहर या स्थानीय उम्मीदवारों का प्रभाव नहीं होने के बावजूद जनता ने मोदी के नेतृत्व में भरोसा जताया है। झारखंड में भाजपा ने 13 सीटों पर चुनाव लड़ा था और वह 11 पर जीत हासिल करती नजर आ रही है। यहां उसने 49 फीसदी से अधिक वोट हासिल किया है।
दिल्ली, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे राज्यों में भाजपा 2014 की ही तरह सभी 16 सीटों पर फिर से कब्जा जमाती दिख रही है। राष्ट्रीय राजधानी में भाजपा की वोट हिस्सेदारी 56 फीसदी से अधिक और 2 पहाड़ी राज्यों में 60 फीसदी से अधिक रही है। (भाषा)

 

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