मध्यप्रदेश में कांग्रेस कमलनाथ तो भाजपा मोदी के चेहरे पर लड़ेगी लोकसभा चुनाव

विकास सिंह| पुनः संशोधित सोमवार, 11 मार्च 2019 (14:38 IST)
भोपाल। लोकसभा चुनाव की तारीखों के एलान होने के साथ अब में अब पार्टियों की व्यूह रचना तैयार होने लगी है। भाजपा और दोनों एक दूसरे को घेरने के लिए रणनीति बनाने में जुट गए हैं। कांग्रेस सरकार के 75 दिन के कामकाज को मोदी सरकार के पांच साल के कामकाज से बेहतर बताकर चुनावी मैदान में ले जाने की तैयारी में है।
खुद मुख्यमंत्री कमलनाथ कहते हैं कि जनता एक तरफ उनकी सरकार के 75 दिन के कामकाज को तो दूसरी ओर मोदी सरकार के पांच साल और मध्यप्रदेश में भाजपा के 15 साल के कामकाज को देखकर लोकसभा चुनाव मे फैसला करेगी। कांग्रेस लोकसभा चुनाव के लिए मध्यप्रदेश में अपना पूरा चुनाव प्रचार कमलनाथ सरकार की उपलब्धियों पर केंद्रित करने का प्लान बना रही है। मंत्रियों को अलग-अलग लोकसभा सीटों की जिम्मेदारी सौंपकर सरकार के कामकाज को लोगों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी दी गई है।
इसके साथ पार्टी ‘कम समय में काम दिखाया, हमने अपना वचन निभाया’ और ‘जो कहते हैं, वो करते हैं, ऐसे हैं हमारे कमलनाथ’ के नारों के साथ चुनावी मैदान में जाने की तैयारी कर रही है।



मोदी के चेहरे पर चुनावी मैदान में भाजपा : मध्यप्रदेश में भाजपा एक बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चेहरे के सहारे चुनावी मैदान में है। भाजपा पूरे प्रदेश में प्रचार अभियान की ऐसी रणनीति तैयार कर रही है, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अधिक से अधिक सभा हो सकें। तारीखों के एलान से पहले मोदी ने धार में पार्टी की विजय संकल्प रैली के जरिए चुनावी अभियान का शंखनाद कर भी दिया है।
वहीं, भाजपा के चुनाव प्रचार में पार्टी के बैनर और पोस्टर में नरेंद्र मोदी का चेहरा ही दिखाई दे रहा है। पार्टी ने अपने संकल्प पत्र के लिए लोगों से सुझाव मांगने के लिए जो प्रचार रथ रवाना किए थे, उसमें नरेंद्र मोदी की तस्वीर ही थी। इससे साफ है कि भाजपा के पूरे चुनाव प्रचार अभियान की धुरी नरेंद्र मोदी के इर्द-गिर्द घूमेगी।

मध्यप्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान कहते हैं कि जनता चाहती है कि मोदी फिर से देश के प्रधानमंत्री बनें। इसलिए पार्टी मोदी के चेहरे को सामने रखकर एक बार फिर चुनावी मैदान में है और पार्टी को लोकसभा चुनाव में मध्यप्रदेश में ऐतिहासिक सफलता मिलेगी। इसके साथ हीं उन्हें पूरा विश्वास है कि देश में भाजपा को पिछली बार से अधिक सीटें मिलेंगी।

वहीं वरिष्ठ पत्रकार डॉक्टर राकेश पाठक इसे दोनों ही दलों की अपनी अलग-अलग चुनावी रणनीति बताते हैं। पाठक कहते हैं कि कांग्रेस चाहती है कि लोकसभा चुनाव में मध्यप्रदेश में राष्ट्रीय मुद्दे जैसे एयर स्ट्राइक पर ज्यादा बात न होकर राज्य सरकार की किसानों की कर्जमाफी जैसी उपलब्धियों पर अधिक बात हो, जिसका लाभ कांग्रेस को चुनाव में मिल सके। इसलिए कांग्रेस एक रणनीति के तहत मुख्यमंत्री कमलनाथ के चेहरे को आगे कर चुनावी मैदान में है। पाठक कहते हैं कि हाल के ही विधानसभा चुनाव में हार का सामना करने वाली भाजपा के चुनावी रणनीतिकार ये चाहते हैं कि एक बार फिर मध्यप्रदेश का पूरा चुनाव प्रचार मोदी के इर्द-गिर्द ही सिमटा रहे, जिसका लाभ पार्टी को चुनाव में मिल सके।



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