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व्यवस्था का ही ‘व्यवस्था’ की ज़रूरत से उठता यक़ीन!

रविवार,जुलाई 12, 2020
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ऑनलाइन शिक्षा पर हर कहीं जबरदस्त असमंजस के बीच अपने-अपने तर्कों और सुझावों का राग अलापा जा रहा है!
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एक पोल में तुर्की में युनेस्‍को द्वारा वर्ल्‍ड हैर‍िटेज में शाम‍लि किए जा चुके हाग‍िया सोफि‍या म्‍यूज‍ियम को मस्‍जिद में बदलने के लि‍ए सहमत‍ि मि‍ली है। लेकिन
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हिंदू धर्म में सावन के पवित्र महीने का बहुत ही विशेष महत्व है। सावन शुरू होते ही चारों तरफ सबकुछ हरा भरा दिखायी देता है। इस महीने में सुहागिन महिलाएं हरे रंग का परिधान और चूड़ियां पहनती हैं और सज संवरकर भगवान शिव का दर्शन करने जाती हैं।
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मनुष्य का आकार एक निश्चित क्रम में होता है। जीव के जीवन में गति होती है। जीव के जीवन में स्पंदन होता है। प्रकृति सनातन है। बिना स्पंदन के जीवन की कोई गति नहीं। गतिहीन व्यक्ति समाज को आकार नहीं दे सकता। गतिशील व्यक्ति ही समाज को तात्कालिक रूप से आकार ...
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एनकाउंटर को सही कहते हैं तो अपनी खुद की बनाई व्यवस्था पर प्रश्न चिन्ह लगाने होते हैं, जिसने बरसों से न्याय में देरी की वो त्रासदियां रची हैं कि न्याय एक भ्रम लगने लगा है।
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भारत और चीन के बीच सीमा विवाद को लेकर पिछले 2 महीने से जारी तनाव फिलहाल तो जैसे-तैसे खत्म हो गया है, लेकिन इस बात की कोई गारंटी नहीं कि यह विवाद फिर से पैदा नहीं होगा। अतीत के अनुभव भी बताते हैं और भारत-चीन संबंधों पर नजर रखने वाले अंतरराष्ट्रीय ...
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जैसे यह दुनि‍या गिद्धों और चीड़ियाओं का कोई खेल हो।
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प्रतिवर्ष 11 जुलाई को पूरे विश्व में जनसंख्या दिवस मनाया जाता है। इस दिन विश्व जनसंख्या दिवस मनाने की शुरुआत 1989 में, संयुक्त राष्ट्र विकास कार्यक्रम की संचालक परिषद द्वारा हुई थी।
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मैंने तेरे लिए ही सात रंग के सपने बुने, सपने सुरीले सपने
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प्रधानमंत्री ने इस वर्ष चीन के राष्ट्रपति जिनपिंग को उनके जन्मदिवस पर शुभकामना का संदेश नहीं भेजा। भेजना भी नहीं चाहिए था। जिनपिंग ने भी कोई उम्मीद नहीं रखी होगी। देश की जनता ने भी इस सबको लेकर कोई ध्यान नहीं दिया। कूटनीतिक क्षेत्रों ने ध्यान दिया ...
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यकीनन विकास दुबे प्रकरण सिस्टम, इण्टीलेजेन्स और अपराधियों के जबरदस्त ताने-बाने के साइबर युग का वो नया उदाहरण बनेगा
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फि‍ल्‍मों की कहानि‍यों से लेकर अपराध की हकीकत की दुनि‍या में क्र‍िमिनल्‍स की मांओं ने अपने-अपने लि‍हाज से खुद को परि‍भाषि‍त कि‍या है।
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राजा का बाजा बजाना यह सदियों से कई मनुष्यों का मनपसंद काम है। जब तक राजा की सत्ता कायम है, प्रजा के अधिकांश प्राणप्रण से दिन-रात उठते-बैठते राजा का बाजा बजाते रहते हैं। कोई सुने, न सुने, कोई कहे, न कहे, राजा सामने हो, न हो, बाजा बजाना बंद ही नहीं ...
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हनुत सिंह ने अपनी पूरी जिंदगी में आर्मी जो सीखा था वो सबकुछ इस युद्धाभ्‍यास में झौंक दिया था।
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सोशल मीडिया वास्तविक में कितना सोशल है कहा नहीं जा सकता। बहुत-सी अच्छाइयों के बावजूद इसमें कई सारे ऐसे लोगों का जमावड़ा है, जो उनकी मानसिक दिवालियेपन
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अब हम एक ऐसे भारत में हैं, जि‍सका जि‍क्र पूरी दुनि‍या में कई वजहों से हो रहा है।
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उन सभी की पीठ एवं कमर तोड़ने से कतराएंगे नहीं जो भारत की ओर कुदृष्टि डालने का दुस्साहस कर रहे हैं।
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दुनिया के देशों में नागरिक अपने राष्ट्रपतियों, प्रधानमंत्रियों और अन्य नायकों को विभिन्न रूपों में देखकर कैसी प्रतिक्रियाएं अंदर से महसूस करते हैं उसका कोई प्रामाणिक सर्वेक्षण और विश्लेषण प्रकट होना अभी बाक़ी है। नागरिक इस बारे में या तो सोच ही नहीं ...
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एक रजवाड़े से जुड़ी वास्तविक घटना है। एक मजदूर ने तत्कालीन राजा को टेनिस खेलते हुए देखा और सगर्व अपने मित्र को बतलाया कि उसने राजा को देखा है। दूसरे दिन क्लब में बुलाकर चोरी-छिपे उसे भी राजा के दर्शन करवा दिए। उनकी बातचीत एक रिटायर्ड प्रिंसीपल ने ...
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