Hanuman Chalisa

व्यंग्य कथा : इतने लोग हड़ताल नहीं इंकलाब करते है

एम.एम.चन्द्रा
भाई! गाड़ी की सर्विस करानी है। 
सर! अभी तो 9 भी नहीं बजे और पुलिस को देखकर आपको क्या लगता है? क्या आज कोई काम हो पाएगा ? सर यदि आप अपनी गाड़ी को बचाना चाहते हो तो आज यहां से गाड़ी ले जाओ और किसी ओर दिन सर्विस करा लेना।

भाई! ये पुलिस वाले हड़ताल कराने के लिए नहीं है, बल्कि हड़ताल को रोकने के लिए है। क्या आप अपने दोस्तों और दुश्मनों की पहचान नहीं कर सकते? फिर भी आप चिंता मत करो। यहां हड़ताल का कुछ भी फर्क नहीं पड़ेगा। यदि कोई फर्क पड़ना होता तो एक दिन पहले ही सूचना मिल जाती और आप आज छुट्टी पर होते या हड़ताल पर।
 
अच्छा सर! पूरी खबर तो जैसे आपके पास ही है।
हां भाई! ..यह हड़ताल आप-हम जैसे दिहाड़ी मजदूरों की नहीं है वरन उन मजदूरों की हड़ताल है जो सरकारी नौकरी करते हैं या संगठित हैं।
अच्छा सर ! मैं तो समझा था कि हम भी मजदूर हैं.... ओह हम ठहरे असंगठित क्षेत्र में काम करने वाले मजदूर।
 
लेकिन सर! उनकी मांग तो संगठित-असंगठित दोनों क्षेत्र लिए है।
हां भाई ! है न ...पहले से ज्यादा मजदूरी मिलनी चाहिए...... यदि ये हमारी आवाज उठाते, तो क्या हमें पता नहीं चलता। यदि ये लोग हमारी आवाज उठा रहे तो बाकी जनता इनके साथ क्यों नहीं है?
सर! जनता सब जानती है कब...क्या करना है?
 
लेकिन सर ! फिर यह देश के पैमाने पर देश की सबसे बड़ी हड़ताल देश के प्रमुख केंद्रीय श्रमिक संगठन हड़ताल पर क्यों है? फिर कैसे राष्ट्रव्यापी हड़ताल में 15 करोड़ कर्मचारियों के शामिल होने का दावा किया जा रहा है? और फिर किस सरकार ने किस ट्रेड यूनियन की मांगों पर सहमति जताई थी ?
 
भाई सरकार की बातें सरकार जाने और यूनियन की बातें यूनियन जाने, हम आपको क्या? लेकिन इतना पता है भाई ! सरकार अभी बची रह गई सरकारी संपत्ति को ओने पौने दामों पर देशी-विदेशी कंपनियों को बेचना चाहती है...और यूनियन अपनी हिफाजत के लिए कुछ न कुछ तो करेगी ही। अच्छा यह बताओ कि दिल्ली में तुम काम करते हो, तनख्वाह मिलती है मात्र आठ हजार रुपए। क्या यह सब तुम्हारी तनख्वाह के बारे में नहीं जानते है? भले मानस! सब को पता है... सरकार को पता है! यूनियन को पता है! बस हमको ही नहीं पता कि यह हड़ताल आम मजदूरों के लिए है, हमारी सेलरी बढ़ाने के लिए है और हम मुर्ख हैं जो अपनी सेलरी नहीं बढ़वाना चाहते? कैसा कलियुग है, कैसा जमाना आ गया है भाई?
 
क्या तुम्हारी कंपनी में यूनियन है?.....नहीं! क्या बना सकते हो?.... नहीं!
भाई मालिक बनाने ही नहीं देगा... सरकार ही मालिक है और मालिक ही सरकार है... वो तो कभी भी निकाल सकता है। किसी को भी भरती कर सकता है। हमें तो हमेशा डर लगा रहता है, कब नौकरी चली जाए, हड़ताल के बारे में तो क्या छुट्टी के बारे में भी सोचने से डर लगता है।
 
भाई! यह एक दिन की हड़ताल है। सरकार को भी पता है, फिर सरकार इनकी बातें क्यों मानेगी? इन्होंने अनिश्चित हड़ताल क्यों नहीं की..... जैसे गाजियाबाद, उत्तराखंड, फरीदाबाद, उड़ीसा, नॉएडा आदि जगह पर वाले पिछले कई सालों से हड़ताल कर रहे है। उनकी मांगे तो आज तक नहीं मानी गई। न ही उनके लिए कोई हड़ताल करने आया...न जाने कितने किसान मर रहे हैं... उनके लिए तो कोई नहीं आया।
 
सर मुझे लगता है आप संघटन की शक्ति को नहीं पहचान पाते... देखो आज सिर्फ मजदूरों की ही बात, हर चैनल पर हो रही है... हर अखबार की खबर है यह हड़ताल। भाई गौर से देखो! मजदूरों के पक्ष में माहौल बनाया जा रहा है या उनको देश का दुश्मन दिखाया जा रहा है। इनकी हेडलाइन है..... हड़ताल से आम आदमी परेशान ...... हजारों करोड़ों का नुकसान ... इलाज न मिलने से वो मरा, वो गिरा।
 
सर मुझे तो लगता है कि आंदोलन के खिलाफ है। यह हड़ताल सिर्फ वेतन बढ़ाने की हड़ताल नहीं बल्कि बेहतर वेतन के साथ साथ सरकार की नई श्रमिक और निवेश नीतियों के विरोध में यह कदम माना जाना चाहिए।
 
भाई ! सरकारी वेतन भत्तों की लड़ाई है यह सब। मजदूरों की लड़ाई तो किसान मजदूर ही नहीं टीचर, डाक्टर, बुनकर, सब मिलकर लड़ते हैं। जनता साथ देती है .. हड़ताल निश्चित नहीं होती... जीने मरने तक लड़ने की बातें होती है... महिलाएं और बच्चे शामिल होते हैं।
 
देखो न भाई ! जब तक हमने हड़ताल पर बात की,  तब तक हड़ताल समाप्त भी हो गई और इसका नतीजा भी निकल गया। अब बात समझ में आई कि 15 करोड़ लोग एक साथ यदि हड़ताल करे तो शायद दुनिया की कोई भी सरकार एक दिन से ज्यादा नहीं चल सकती। कुछ दिन पहले ही विदेशों में होने वाली हड़ताल के बारे में पूरी दुनिया जानती है। वहां तो 10 बीस लाख लोगों ने मिलकर हड़ताल की, सरकारें हिल गई और रात ही रात में नई सरकार बन गई। भारत में जिस दिन 15 करोड़ तो छोड़ो, 5 करोड़ भी लोग भी मजदूर के पक्ष में खड़े हो जाएंगे उस दिन हड़ताल नहीं इंकलाब होगा। इत्ते लोग कभी हड़ताल नहीं करते इंकलाब करते हैं। भाई फिर मिलेंगे.... लो आपकी गाड़ी की सर्विस भी हो गई।
Show comments

सभी देखें

Monsoon Glow Secrets: उमस भरे मौसम में भी चेहरे पर रहेगा पार्लर जैसा निखार, नोट कर लें ये नेचुरल स्किन केयर टिप्स

बारिश के मौसम में चाय के साथ बनाएं ये 5 परफेक्ट कॉम्बिनेशन वाले क्रिस्पी स्नैक्स, हर कोई करेगा तारीफ

घर पर BP चेक करते समय न करें ये गलतियां, जानें ब्लड प्रेशर नापने का सही तरीका

Monsoon Special Recipes: मानसून की 5 बेहतरीन रेसिपीज, देखते ही मुंह में आ जाएगा पानी

BP Control Tips: हाई ब्लडप्रेशर कम करने के घरेलू उपाय

सभी देखें

ये हमारी कहानी नहीं हैं, हमारी कहानी कुछ और है, जिसे हमें खोजना है

हाथों और आंखों में छिपे हैं लिवर की बीमारी के संकेत! भूलकर भी न करें इन्हें नजरअंदाज

सारे जहां से अच्छा हिंदोस्ता (फिर इंदौर) हमारा

Banyan Tree Benefits: शीघ्रपतन और वीर्य के पतलेपन से हैं परेशान? आयुर्वेद में छिपा है बरगद के फल और दूध का यह पारंपरिक नुस्खा

World Emoji Day 2026: विश्व इमोजी दिवस: कब और क्यों मनाया जाता है? जानें इतिहास और रोचक तथ्य

अगला लेख