सिर्फ वापसी के कारण ही नहीं है केएल राहुल पर नजरें, जिम्बाब्वे हमेशा रहा है लकी

पुनः संशोधित बुधवार, 17 अगस्त 2022 (15:26 IST)
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हरारे: जिम्बाब्वे के खिलाफ बृहस्पतिवार से शुरू हो रही तीन मैचों की वनडे श्रृंखला से पहले भारतीय कप्तान के एल राहुल के फॉर्म और फिटनेस पर सभी की नजरें होंगी।सिर्फ चोट के कारण ही पर नजरें नहीं है। दरअसल यह देश इस सलामी बल्लेबाज के लिए खासा खास रहा है। जिम्बाब्वे की धरती पर ही केएल राहुल ने साल 2016 में अपना पहला वनडे खेला था। यह वनडे और खास तब हो गया था जब वह अपने पहले वनडे में शतक लगाने वाले पहले भारतीय बन गए थे।



6 साल पहले यह रिकॉर्ड बनाने वाले केएल राहुल के लिए जिम्बाब्वे कितना भाग्यशाली है इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि इस दौरे पर शिखर धवन की जगह वह कप्तान बने हैं।
टी20 प्रारूप में भारत के शीर्ष क्रम का अभिन्न अंग माने जाने वाले राहुल इस श्रृंखला में अपनी चिर परिचित लय हासिल करने की पूरी कोशिश में होंगे। खेल हर्निया के आपरेशन के कारण राहुल दो महीने बाद टीम में लौटे हैं। उनके सामने चुनौती टी20 टीम में सलामी बल्लेबाज की भूमिका बरकरार रखने और पहली गेंद से आक्रामक बल्लेबाजी की होगी।

कोच राहुल द्रविड़ और नियमित कप्तान रोहित शर्मा की नजरें सिर्फ राहुल के रनों पर ही नहीं होगी बल्कि वे यह भी देखना चाहेंगे कि रन किस तरह से बने हैं। भारतीय टीम को एशिया कप में पाकिस्तान के खिलाफ 28 अगस्त को पहला मैच खेलना है।

हरारे स्पोटर्स क्लब पर जिम्बाब्वे ने 300 और 290 रन से अधिक के लक्ष्य का पीछा करते हुए हाल ही में बांग्लादेश को हराया है। ऐसे में राहुल, शिखर धवन, शुभमन गिल, दीपक हुड्डा और संजू सैमसन बड़ी पारियां खेलने की कोशिश में होंगे।

भारत के पास मोहम्मद सिराज, प्रसिद्ध कृष्णा, दीपक चाहर और कुलदीप यादव जैसे गेंदबाज जबकि शार्दुल ठाकुर और अक्षर पटेल जैसे हरफनमौला भी हैं।
दूसरी ओर बांग्लादेश को हराने के बाद जिम्बाब्वे की कोशिश भारत जैसी मजबूत टीम को कड़ी चुनौती देने की होगी । मेजबान को सिकंदर रजा, रेजिस चकाबवा और इनोसेंट केइया से बल्लेबाजी में अच्छे प्रदर्शन की उम्मीद होगी।

एक जमाना था जब जिम्बाब्वे के पास फ्लावर बंधु (ग्रांट और एंडी), हीथ स्ट्रीक, नील जानसंस , मरे गुडविंस और हेनरी ओलोंगा जैसे खिलाड़ी थे। पिछले दो दशक में देश की तरह जिम्बाब्वे क्रिकेट की दशा भी बेहाल रही है और इसका असर टीम के प्रदर्शन पर पड़ा।

भारतीय टीम का जिम्बाब्वे दौरा आम तौर पर मेजबान बोर्ड की आर्थिक स्थिति सुधारने की दिशा में भारत का प्रयास माना जाता रहा है। इन तीन मैचों के टीवी और डिजिटल अधिकारों से जिम्बाब्वे क्रिकेट की खासी कमाई हो जायेगी।

क्रिकेट की बात करें तो चयनकर्ताओं को बेंच स्ट्रेंथ को आजमाने का मौका मिलेगा जो 2023 में 50 ओवरों का विश्व कप खेल सकते हैं। भारत के पास इस समय इतने प्रतिभाशाली खिलाड़ी हैं कि तीनों प्रारूपों में भारत तीन अलग अलग टीमें उतार सकता है।

छह महीने बाद टीम में लौटे दीपक चाहर और धीरे धीरे लय हासिल कर रहे कुलदीप पर चयनकर्ताओं की निगाहें होंगी। आईपीएल में अच्छा प्रदर्शन करने वाले राहुल त्रिपाठी के पास भी भारतीय टीम के लिये खेलते हुए उस लय को दोहराने का मौका है।

टीमें:

भारत: के एल राहुल (कप्तान), शिखर धवन , रूतुराज गायकवाड़, शुभमन गिल, दीपक हुड्डा, राहुल त्रिपाठी, ईशान किशन, संजू सैमसन, शार्दुल ठाकुर, कुलदीप यादव, अक्षर पटेल, आवेश खान, प्रसिद्ध कृष्णा, मोहम्मद सिराज, दीपक चाहर, शाहबाज अहमद ।

जिम्बाब्वे: रेजिस चकाबवा (कप्तान), रियान बर्ल, तनाका चिवांगा, ब्राडले इवांस, ल्यूक जोंगवे, इनोसेंट केइया, टी कैतानो, क्लाइव माडांडे, वेसली एम, टी मारूमानी, जान मसारा, टोनी मुनियोंगा, रिचर्ड एंगारावा, विक्टर एन, सिकंदर रजा, मिल्टन शुम्बा, डोनाल्ड तिरिपानो ।

मैच का समय: दोपहर 12:45 से।



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