Team India के चौथे नंबर के बल्लेबाज की खोज को श्रेयस अय्यर ने किया खत्म

पुनः संशोधित शनिवार, 21 दिसंबर 2019 (18:39 IST)
कटक। भारतीय क्रिकेट टीम के अर्द्धशतक धारी ने शनिवार को कहा कि कैरियर के शुरुआती दौर में मैं अपने खेल के प्रति इतना जिम्मेदार नहीं था, लेकिन अब अपने खेल को बखूबी समझने लगा हुं।

भारतीय क्रिकेट टीम में लंबे समय से चल रही के की को अय्यर समाप्त करते चले जा रहे हैं। वेस्टइंडीज के खिलाफ उन्होंने पहले दो वनडे में अर्द्धशतक ठोके हैं।

उन्होंने तीसरे वनडे की पूर्व संध्या पर कहा, ‘यह परिपक्वता और जिम्मेदारी से आता है। प्रथम श्रेणी कैरियर के दौर में मैं आक्रामक था और कभी जिम्मेदारी नहीं लेता था।’
उन्होंने कहा, ‘बाद में मुझे लगा कि उच्चतम स्तर पर खेलने के बाद परिपक्वता जरूरी है। मैं स्ट्रोक्स भी लगा सकता हूं और 1 रन भी ले सकता हूं। मैं अपने खेल को बखूबी समझता हूं और उसके अनुसार खेलता हूं।’

2018 सत्र के बीच में गौतम गंभीर ने दिल्ली टीम की कप्तानी छोड़ दी थी जिसके बाद अय्यर को कप्तान बनाया गया। पिछले सत्र में दिल्ली कैपिटल्स टीम के ढांचे में बदलाव हुआ लेकिन अय्यर कप्तान बने रहे। दिल्ली पिछले सत्र में तीसरे स्थान पर रही।

अय्यर ने वेस्टइंडीज के खिलाफ पहले मैच में 88 गेंद में 70 रन की धीमी पारी के बारे में कहा, ‘टीम की जरूरत के हिसाब से खेलना पड़ता है और मैने वही किया। टीम को उस समय बड़े शॉट्स की जरूरत नहीं थी। सिर्फ एक बड़ी साझेदारी चाहिए थी।’ तीन दिन बाद पांचवें नंबर पर उतरकर उन्होंने 32 गेंद में 53 रन बनाए।

उन्होंने कहा, ‘पिछले वनडे में मैं पांचवें नंबर पर उतरा। मैं हालात के अनुरूप खेलता हूं और मुझे पता है कि मैं धीमा भी खेल सकता हूं और आक्रामक भी।’

यह पूछने पर कि क्या दिल्ली कैपिटल्स के मेंटर रिकी पोंटिंग की इस बदलाव में अहम भूमिका रही, उन्होंने हां में जवाब दिया। उन्होंने कहा, ‘रिकी पोंटिंग काफी सकारात्मक इंसान है। वह हर खिलाड़ी का सहयोग करते हैं और सभी को समान दर्जा देते हैं। उनकी मानव प्रबंधन की क्षमता कमाल की है।’


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