Rohit Sharma ने माना धुरंधर धोनी का अहसान, खोला सर्वश्रेष्ठ कप्तान बनने का राज

पुनः संशोधित सोमवार, 3 फ़रवरी 2020 (18:47 IST)
नई दिल्ली। के आक्रामक सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा (Rohit Sharma) का मानना है कि महेंद्र सिंह धोनी की दबाव में धैर्य बरकरार रखने की क्षमता ने उन्हें भारत का सबसे सफल और युवाओं के लिए आदर्श बनने में मदद की।

एम एस धोनी की अगुआई में भारत ने 2007 में पहला टी20 विश्व कप जीतने के बाद 2011 में मुंबई में श्रीलंका को फाइनल में हराकर 50 ओवर का विश्व कप जीता। उनकी अगुआई में चेन्नई सुपरकिंग्स ने इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) में 3 खिताब जीते।

दक्षिण अफ्रीका में टी20 विश्व कप के दौरान धोनी की अगुआई में पदार्पण करने वाले रोहित ने अपने पूर्व कप्तान की जमकर तारीफ की।

रोहित ने चैट शो ‘कर्ली टेल्स’ में कहा, ‘पूरे भारत को पता है कि महेंद्र सिंह धोनी इसी तरह के है। इसके कारण ही उन्हें मैदान पर इतने अच्छे फैसले करने में मदद मिलती है और अब आप देख सकते हैं कि वह सबसे सफल है, उन्होंने आईसीसी ट्रॉफी जीती हैं और कई खिताब भी।’

उन्होंने कहा, ‘भारत ने जिन कप्तानों को देखा उसमें वह सर्वश्रेष्ठ है। इसके पीछे कारण है और इसका कारण यह है कि वह दबाव के हालात में धैर्य नहीं खोते।’

रोहित ने कहा कि जब धोनी कप्तान थे तो वह युवा और अनुभवहीन गेंदबाजों का काफी अच्छी तरह इस्तेमाल करते थे और उनसे सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करवाते थे।
दायें हाथ के इस बल्लेबाज ने कहा, ‘मैंने काफी बार देखा है कि जब युवा गेंदबाज दबाव में आता है तो वह उसके साथ कैसे काम करता है, वह उसके पास जाता है और उसकी गर्दन और कंधों पर हाथ रखता है और उससे बात करता है कि क्या करने की जरूरत है और क्या नहीं।’

उन्होंने कहा, ‘जब टीम का एक सीनियर खिलाड़ी युवा खिलाड़ी के साथ इस तरह का बर्ताव करता है तो बेशक उसे आत्मविश्वास मिलता है और वह टीम के लिए योगदान देना चाहता है।’

बीसीसीआई के केंद्रीय अनुबंधित खिलाड़ियों की सूची से हाल में बाहर हुए धोनी ने पिछले साल 50 ओवर के विश्व कप के बाद से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट नहीं खेला है। उनके 29 मार्च से शुरू हो रही इंडियन प्रीमियर लीग 2020 (2020) में खेलने की उम्मीद है।


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