'ऐसा मौका फिर कहां मिलेगा'? दक्षिण अफ्रीका दौरे पर पूर्व कोच शास्त्री ने कहे यह शब्द

पुनः संशोधित गुरुवार, 23 दिसंबर 2021 (17:08 IST)
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मुंबई:भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच रवि शास्त्री का मानना है कि दक्षिण अफ्रीका को उसकी धरती पर हराना कभी आसान नहीं रहा लेकिन विराट कोहली की अगुवाई वाली भारतीय टीम रविवार से शुरू हो रही तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला में जीत दर्ज करने का माद्दा रखती है।

शास्त्री का कार्यकाल हाल में टी20 विश्व कप के साथ समाप्त हो गया था। उन्होंने कहा कि वह हमेशा भारतीय टीम का समर्थन जारी रखेंगे।

शास्त्री ने आगामी श्रृंखला के बारे में ‘स्टार स्पोर्ट्स’ से कहा, ‘‘भारतीय टीम के पास अपनी काबिलियत साबित करने का इससे बेहतर समय नहीं हो सकता था। विराट (कोहली) बेहतरीन कप्तान हैं और उनके पास एक प्रतिभाशाली टीम है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘दक्षिण अफ्रीका में हम अभी तक श्रृंखला नहीं जीत पाये हैं। यह याद रखना जरूरी है कि दक्षिण अफ्रीका को उसकी धरती पर हराना आसान नहीं है लेकिन हमारे पास पर्याप्त संसाधन हैं। हमेशा की तरह भारतीय टीम को मेरा पूरा समर्थन रहेगा।’’

पहला टेस्ट सेंचुरियन के सुपरस्पोर्ट पार्क में खेला जाएगा। दूसरा और तीसरा टेस्ट क्रमशः जोहानिसबर्ग और केपटाउन में खेले जाएंगे। उसके बाद तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला होगी।

भारत ने 1992 में डरबन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ अपना पहला टेस्ट मैच खेला था जबकि हाल में शास्त्री की जगह मुख्य कोच का पद संभालने वाले राहुल द्रविड़ के नेतृत्व में टीम ने 2006 में वहां अपना पहला टेस्ट जीता था।

भारतीय बल्लेबाज दक्षिण अफ्रीकी तेज गेंदबाजों से निबटने में सक्षम : पुजारा

सेंचुरियन, 23 दिसंबर (भाषा) मध्यक्रम के बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा ने कहा कि भारत का मौजूदा बल्लेबाजी क्रम दक्षिण अफ्रीका में तेज गेंदबाजों के लिये अनुकूल पिचों पर मिलने वाले मूवमेंट से निबटने में सक्षम है और उन्हें इसमें कोई संदेह नहीं कि विराट कोहली की अगुवाई वाली टीम यहां अच्छा प्रदर्शन करेगी।

पुजारा ने कहा कि हाल में विदेशों में मिली जीत से भारत का आत्मविश्वास बढ़ा है और इसका प्रभाव रविवार से शुरू होने वाली तीन टेस्ट मैचों की श्रृंखला में दिखायी देगा।

भारतीय क्रिकेट बोर्ड (बीसीसीआई) ने अपने ट्विटर हैंडल पर एक वीडियो पोस्ट किया है जिसमें पुजारा ने कहा, ‘‘जब आप विदेश दौरे पर जाते हो तो आप जानते हो कि वहां तेजी और उछाल होगी और गेंद आखिरी क्षणों में मूव करेगी। भारत से बाहर तेज गेंदबाजों का सामना करना हमेशा बड़ी चुनौती होती है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘इस टीम ने यह सीखा है और हमारे पास अधिक संतुलित बल्लेबाजी क्रम है। मुझे लगता है कि हम इससे निबटने में सक्षम होंगे। अपनी तैयारियों को देखते हुए मुझे पूरा विश्वास है कि हम अच्छा प्रदर्शन करेंगे।’’
पुजारा को लगता है कि दक्षिण अफ्रीका के खेलने के अनुभव का भी टीम को फायदा मिलेगा।

उन्होंने कहा, ‘‘अधिकतर (भारतीय) खिलाड़ी पूर्व में दक्षिण अफ्रीका में खेल चुके हैं। यह एक अनुभवी टीम है और तैयारी की दृष्टि से हम जानते हैं कि हमसे क्या उम्मीद की जाती है।’’

पुजारा ने कहा, ‘‘अधिकतर टीमें अपनी घरेलू परिस्थितियों में अच्छा प्रदर्शन करती हैं और दक्षिण अफ्रीकी टीम भी अपवाद नहीं है। उनके पास सर्वश्रेष्ठ गेंदबाजी आक्रमण है और सर्वश्रेष्ठ तेज गेंदबाजों में से एक का सामना करना हमेशा चुनौतीपूर्ण रहा है।’’

भारत ने साल की शुरुआत में चार मैचों की श्रृंखला में आस्ट्रेलिया को 2-1 से हराकर बॉर्डर-गावस्कर ट्रॉफी बरकरार रखी थी। इसके बाद उसने इंग्लैंड के खिलाफ उसकी धरती पर चार मैचों में 2-1 से बढ़त बना रखी थी। कोविड-19 संक्रमण के कारण इस श्रृंखला का पांचवां टेस्ट नहीं हो पाया था।

पुजारा ने कहा, ‘‘इंग्लैंड और आस्ट्रेलिया में अच्छा प्रदर्शन करने से इस टीम के आत्मविश्वास में बड़ा अंतर आएगा। इससे टीम को भरोसा हो गया है हम विदेशों में जीत सकते हैं, हम किसी भी परिस्थिति में जीत सकते हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘और जिस तरह से हमारी गेंदबाजी और बल्लेबाजी है उसे देखते हुए मुझे पूरा विश्वास है कि हम दक्षिण अफ्रीका में श्रृंखला जीतने में सक्षम हैं।’’

पुजारा 2020 से निरंतर एक जैसा प्रदर्शन नहीं कर पाये हैं। उन्होंने अपना आखिरी शतक जनवरी 2019 में आस्ट्रेलिया में लगाया था। पिछली 10 पारियों में उन्होंने दो अर्धशतक लगाये लेकिन वह जानते हैं कि दक्षिण अफ्रीकी परिस्थितियों में कैसे बल्लेबाजी करनी होगी।

उन्होंने कहा, ‘‘जब मैं 2011 में यहां आया था तो डेल स्टेन और मोर्ने मोर्कल अपने चरम पर थे। मैं 2013 और 2017 में भी यहां के दौरे पर आया और इसलिए जानता हूं कि यहां कैसे बल्लेबाजी करनी है।’’

दक्षिण अफ्रीका की अब तक की सबसे कमजोर टीम से भिड़ेगी टीम इंडिया

क्रिकेट विशेषज्ञों के मुताबिक यह दक्षिण अफ्रीका की भारत के खिलाफ सबसे कमजोर टीम मानी जा रही है। इस टीम में विश्वसनीयता और लय की कमी दिख रही है। टीम के बड़े नाम टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं। अपनी तेजी के लिए मशहूर एनरिच नोर्त्जे चोटिल होकर टेस्ट सीरीज से बाहर हो गए हैं, वहीं बल्लेबाजी में एकमात्र विश्वसनीय नाम क्विंटन डि कॉक का भी एक से कम एक टेस्ट ना खेलना पक्का हो गया है।यही कारण है कि यह दक्षिण अफ्रीका दौरा भारत का सबसे बेहतर मौका माना जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि दक्षिण अफ्रीका और भारत के बीच पहला टेस्ट सेंचुरियन में 26 से 30 दिसंबर तक खेला जाएगा, जबकि अगले दो मैच तीन से सात जनवरी और 11 से 15 जनवरी के बीच क्रमश: जोहान्सबर्ग और केप टाउन में खेले जाएंगे। टेस्ट सीरीज की समाप्ति के बाद पार्ल में 19 जनवरी से वनडे सीरीज शुरू होगी। 21 जनवरी को दूसरा मैच भी यहीं पर खेला जाएगा, जबकि तीसरी और अंतिम मैच 23 जनवरी को केप टाउन में होगा।

दक्षिण अफ्रीका की 20 सदस्यीय टीम :डीन एल्गर (कप्तान), तेम्बा बावुमा (उप कप्तान), क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), कैगिसो रबादा, सरेल इरवी, बेउरन हेंड्रिक्स, जॉर्ज लिंडे, केशव महाराज, लुंगी एनगिदी, एडेन मार्करम, वियान मल्डर, कीगन पीटरसन, रैसी वैन डर डुसेन, काइल वेरेन, मार्को जेन्सन, ग्लेनटन स्टरमैन, प्रेनेलन सुब्रेयन, सिसांदा मगला, रयान रिकेल्टन, डुआने ओलिवियर।



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