मान गए प्रीति, सबसे ज्यादा 9 खिलाड़ी खरीदे और 18 करोड़ भी बचा लिए!

Last Updated: रविवार, 4 अप्रैल 2021 (17:38 IST)
की नीलामी से पहले पंजाब के पास पर्स मतलब राशि का अभाव नहीं था तो उन्हें कंजूसी करने की ज्यादा जरुरत नहीं थी। मोहित बर्मन, नेस वाडिया, प्रीति जिंटा और करण पॉल की टीम के पास सर्वाधिक 53 करोड़ की राशि थी।
यही नहीं जब नीलामी समाप्त हुई तब प्रीति के पर्स में सर्वाधिक 18 करोड़ की राशि बची हुई थी और वह पूरे 25 (रीटेन और खरीदे हुए) खिलाड़ियों का कोटा पूरा कर चुकी थी। यह अपने आप में होशियारी की बात है। पंजाब की टीम ने नीलामी में सर्वाधिक 9 खिलाड़ियों को खरीदा।

वहीं दूसरे नंबर पर राजस्थान रॉयल्स की टीम रही जिसने नीलामी समाप्त होने पर करीब 13 करोड़ की राशि बचा ली लेकिन एक खिलाड़ी कम यानि 24 का कोटा ही पूरा कर पाए।राजस्थान की टीम ने कुल 8 खिलाड़ियों को खरीदा।

सनराइजर्स हैदराबद के पास लगभग 7 करोड़ (6 करोड़ 95 लाख) की राशि बची थी जब नीलामी खत्म हुई, टीम ने पूरे 25 खिलाड़ियों का कोटा पूरा किया। सनराइजर्स हैदराबाद सिर्फ 3 खिलाड़ियो को ही खरीद पायी।

नीलामी खत्म होने के बाद नीता अंबानी की मुंबई इंडियन्स के पास भी पूरा 25 खिलाड़ियों का कोटा उपयोग करने के बाद 3 करोड़ 65 लाख रुपए बचे थे। मुंबई इंडियन्स की टीम ने कुल 7 खिलाड़ी खरीदे जिसमें से 1 अर्जुन तेंदुलकर थे।
कोलकाता नाइट राइडर्स के पास नीलामी खत्म होने के बाद 3 करोड़ 20 लाख रुपए बचे और उसने 25 खिलाड़ी अपने डगआउट में ले लिए थे। 10 करोड़ की राशि में भी कोलकाता नाइट राइडर्स ने 8 खिलाड़ी खरीदे।

चेन्नई सुपर किंग्स के पास भी अंत में महज 2 करोड़ 55 लाख रुपए बच गए थे। अच्छी बात यह रही कि वह अपने 25 खिलाड़ियों का कोटा पूरा कर लिया था। चेन्नई सुपर किंग्स ने 6 खिलाड़ी खरीदे जिसमें से एक चेतेश्वर पुजारा थे।
दिल्ली कैपिटल्स ने भी लगभग सारे पैसे खर्च कर दिए और 2 करोड़ 15 लाख ही पर्स में बचे। खिलाड़ियों की अधिकतम सीमा (25) दिल्ली ने भी पूरी कर ली। दिल्ली कैपिटल्स ने भी 8 खिलाड़ियों के खरीदा।

रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर ने इतना पैसा खर्च किया कि उसके पास सिर्फ 35 लाख रुपए बचे और सिर्फ 22 खिलाड़ी ही अपनी छत्री के अंदर ले सके। यानि 3 खिलाड़ियों का रिक्त स्थान बैंगलोर के पास रह गया। बैंगलोर ने नीलामी में कुल 8 खिलाड़ी खरीदे।
गौरतलब है कि इस नीलामी में उतरने से पहले फ्रैंचाइजी के पर्स की स्थिती कुछ ऐसी थी।



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