इंग्लैंड टीम के तेजतर्रार तेज गेंदबाज जोफ्रा आर्चर दूसरे टेस्ट से बाहर

Last Updated: शुक्रवार, 12 फ़रवरी 2021 (14:34 IST)
चेन्नई: के अपनी कोहनी में दर्द के कारण इंजेक्शन लेने के बाद भारत के खिलाफ शनिवार से शुरू होने वाले दूसरे क्रिकेट टेस्ट मैच में नहीं खेलेंगे।
इंग्लैंड पहला टेस्ट 227 रनों से जीतने के बाद चार मैचों की सीरीज में 1-0 से आगे चल रहा है। इंग्लैंड की इस जीत में आर्चर की महत्वपूर्ण भूमिका रही। आर्चर अपनी दाहिनी कोहनी में दर्द की शिकायत के बाद गुरुवार को अभ्यास नहीं कर पाये और फिर उन्हें दर्द निवारक इंजेक्शन लेनी पड़ी।

इंग्लैंड एवं वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) को विश्वास है कि यह माामला ज्यादा गंभीर नहीं है और आर्चर 24 फरवरी से अहमदाबाद में शुरू हो रहे तीसरे टेस्ट में खेलने के लिए पुरी तरह से स्वस्थ हो जाएंगे। आर्चर को करीब एक वर्ष पहलेे इसी कोहनी में स्ट्रेस फ्रैक्चर हुआ था।
ईसीबी ने कहा, “यह मामला पहले की चोट से संबंधित नहीं है।”ईसीबी ने बयान जारी कर कहा, “उम्मीद है कि इलाज से स्थिति जल्द ही सामान्य हो जाएगी और यह खिलाड़ी अहमदाबाद में तीसरे टेस्ट मैच में वापसी कर पाएगा। ”

गौरतलब है कि जोफ्रा आर्चर अपनी छवि के मुताबिक पहले टेस्ट में प्रदर्शन नहीं कर पाए थे। पहली पारी में उन्होंने भारतीय सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा और शुभमन गिल को जरुर आउट किया था लेकिन पूरे टेस्ट में वह 98 रन देकर कुल 3 विकेट ले पाए थे।

जोफ्रा आर्चर का तीसरा विकेट जसप्रीत बुमराह का था जिसको लेकर इंग्लैंड 227 रनों से पहला टेस्ट जीत गया था। पहले टेस्ट के बाद यह माना जा रहा था कि एंडरसन को विश्राम देकर उनकी जगह को खेलाया जाएगा लेकिन आर्चर के बाहर होने के बाद लगता है कि एंडरसन और ब्रॉड दोनों साथ खेल सकते हैं। आर्चर की जगह को लाया जा सकता है। लेकिन स्टोन ने अपना एकमात्र टेस्ट 2019 में आयरलैंड के खिलाफ खेला था तो उनको भारतीय बल्लेबाजी के सामने रखने का जोखिम जो रूट शायद ही लें।


अपने तीखे बाउंसरो के लिए मशहूर जोफ्रा आर्चर को इंग्लैंड की टीम अहमदाबाद के सरदार पटेल स्टेडियम में खेले जाने वाले तीसरे टेस्ट के लिए सुरक्षित रखने का मन बना रही है। चेन्नई में उनका फीका प्रदर्शन रहा तो दूसरे में सुधार की गुंजाइश नहीं के बराबर है।

वहीं गुलाबी गेंद एसजी गेंद से स्विंग ज्यादा होती है। शाम के वक्त तो जोफ्रा और भी घातक हो सकते हैं। इस कारण आर्चर को अहमदाबाद में खिलाना इंग्लैंड के लिए ज्यादा फायदेमंद होगा। यह भी हो सकता है कि आर्चर की चोट इंग्लैंड के लिए फायदा लेकर आए और जो काम एंडरसन ने पहले में किया वो ब्रॉड दूसरे में कर दे।



और भी पढ़ें :