विराट कोहली का करारा शतक, भारतीय पारी 352/7 घोषित, इंग्लैंड के सामने 521 का रिकॉर्ड लक्ष्य

Last Updated: मंगलवार, 21 अगस्त 2018 (00:01 IST)
नॉटिंघम। बेहतरीन फॉर्म में चल रहे कप्तान विराट कोहली के 23वें टेस्ट शतक की बदौलत ने तीसरे टेस्ट के तीसरे दिन सोमवार को यहां को जीत के लिए रिकॉर्ड 521 रनों का लक्ष्य दिया।

कोहली ने 197 गेंदों में 10 चौकों की मदद से 103 रनों की पारी खेलने के अलावा चेतेश्वर पुजारा (72) के साथ तीसरे विकेट के लिए 113 और अजिंक्य रहाणे (29) के साथ चौथे विकेट के लिए 57 रनों की साझेदारी भी की, जिससे भारत ने 7 विकेट पर 352 रन बनाने के बाद दूसरी पारी घोषित की। हार्दिक पंड्या ने भी अंत में 52 गेंदों में 7 चौकों और 1 छक्के की मदद से नाबाद 52 रनों की पारी खेली।

इंग्लैंड ने इसके जवाब में दिन का खेल खत्म होने तक 9 ओवरों में बिना विकेट गंवाए 23 रन बनाए। कीटोन जेनिंग्स 13 जबकि एलेस्टेयर कुक 9 रन बनाकर खेल रहे हैं। मेजबान टीम अब भी लक्ष्य से 498 रन दूर है। 5 दिवसीय क्रिकेट के इतिहास में कोई टीम चौथी पारी में 451 से अधिक रन नहीं बना पाई है। यह रिकॉर्ड न्यूजीलैंड के नाम दर्ज है, जिसने मार्च 2002 में इंग्लैंड के खिलाफ क्राइस्टचर्च में 451 रन बनाए थे।

इंग्लैंड में चौथी पारी में सर्वाधिक रन का रिकॉर्ड भी न्यूजीलैंड के नाम दर्ज है, जिसने में ही मार्च 1973 में इंग्लैंड के खिलाफ 440 रन बनाए थे। इंग्लैंड की टीम स्वदेश में चौथी पारी में कभी 6 विकेट पर 369 रनों से अधिक नहीं बना सकी है। उसने यह स्कोर भारत के खिलाफ ही लंदन के द ओवल में अगस्त 2007 में बनाया था।

भारत ने दिन की शुरुआत 2 विकेट पर 124 रनों से की। नॉटिंघम में गर्म और उमसभरे दिन हालात बल्लेबाजी के लिए अनुकूल थे और कोहली तथा पुजारा ने किसी भी तरह की जल्दबाजी नहीं दिखाई। कोहली एक बार फिर अच्छी लय में दिखे जबकि पुजारा ने सुबह के सत्र में ठोस बल्लेबाजी की। भारत ने सुबह के सत्र में बिना विकेट गंवाए 70 रन जबकि दूसरे सत्र में 1 विकेट पर 76 रन जुटाकर अपनी स्थिति मजबूत की।
जेम्स एंडरसन (55 रनों पर 1 विकेट) ने सुबह के सत्र में शानदार गेंदबाजी की और बल्लेबाजों को खुलकर खेलने का मौका नहीं दिया। उन्होंने पहले घंटे में 7 ओवरों में 3 मेडन फेंकते हुए सिर्फ 7 रन दिए। क्रिस वोक्स (49 रनों पर 1 विकेट) और बेन स्टोक्स (68 रनों पर 2 विकेट) ने भी किफायती गेंदबाजी की। भारतीय बल्लेबाजों को कुछ मौके पर असमान उछाल के कारण परेशानी का सामना करना पड़ा।

एंडरसन पारी के 40वें ओवर में दुर्भाग्यशाली रहे, जब उनकी गेंद पर दूसरी स्लिप में जोस बटलर ने पुजारा का कैच टपका दिया। पुजारा इस समय 40 रन बनाकर खेल रहे थे। इंग्लैंड की चिंता उस समय और बढ़ गई, जब पारी के 44वें ओवर में विकेटकीपर जानी बेयरस्टो के बाएं हाथ की मध्यमा अंगुली में चोट लगी और उन्हें एक्स-रे के लिए ले जाना पड़ा। बटलर ने इसके बाद विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी संभाली।
पुजारा ने 147 गेंदों में अपना 18वां टेस्ट अर्द्धशतक पूरा किया, जो 6 पारियों में उनका पहला अर्द्धशतक है। कोहली ने भी 82 गेंदों में 50 रन पूरे किए। चाय के बाद भी भारतीय बल्लेबाजों ने सतर्क रवैया अपनाया। कोहली और पुजारा ने स्ट्राइक रोटेट करने के अलावा कुछ अच्छी बाउंड्री लगाई।

कोहली अपनी इस पारी के दौरान इंग्लैंड में टेस्ट श्रृंखला में 400 या इससे अधिक रन बनाने वाले भारत के 6ठे बल्लेबाज बने। उनसे पहले राहुल द्रविड़ और सचिन तेंदुलकर (दोनों 2-2 बार) के अलावा मोहम्मद अजहरुद्दीन, सुनील गावस्कर और मुरली विजय यह उपलब्धि हासिल कर चुके हैं।

क्रीज पर जमे विराट के साथी चेतेश्वर पुजारा एक बार फिर ऑफ साइड से बाहर की गेंद से छेड़छाड़ की कोशिश में पैवेलियन लौटे। उन्होंने स्टोक्स की गेंद पर पहली स्लिप में कुक को कैच थमाया। पुजारा ने पिछली 16 प्रथम श्रेणी पारियों में पहले अर्द्धशतक के दौरान 208 गेंदों का सामना करते हुए 9 चौके मारे।

पारी के 76वें ओवर में स्टोक्स की गेंद के कोहली की जांघ में लगकर 4 रन के लिए जाने के साथ भारत की बढ़त 400 रन के पार पहुंची। कोहली को इसके बाद रहाणे के रूप में उम्दा जोड़ीदार मिला जिनके साथ पहली पारी में उन्होंने शतकीय साझेदारी की थी। इंग्लैंड ने 80 ओवर के बाद नई गेंद ली। कोहली एंडरसन पर चौके के साथ 90 रन के पार पहुंचे।
चाय के तुरंत बाद कोहली भाग्यशाली रहे, जब एंडरसन की गेंद ने कोहली के बल्ले का किनारा लिया लेकिन गली में खड़े जेनिंग्स ने कैच टपका दिया और गेंद 4 रन के लिए चली गई, जिससे कोहली 97 रनों पर पहुंचे। अगली गेंद ने फिर कोहली के बल्ले का किनारा लिया लेकिन इस बार पहली स्लिप में खड़े कुक के हाथों तक नहीं पहुंची।

ब्रॉड के पारी के अगले ओवर में गेंद फिर कोहली के बल्ले का किनारा लेकर तीसरी स्लिप के करीब से 4 रन के लिए चली गई जिससे भारतीय कप्तान ने 191 गेंदों में श्रृंखला का अपना दूसरा शतक पूरा किया। वोक्स ने 1 ओवर बाद कोहली को पगबाधा करके उनकी पारी का अंत किया। कोहली ने डीआरएस का सहारा लिया लेकिन 'अंपायर्स कॉल' आने के कारण उन्हें पैवेलियन लौटना पड़ा।
विराट
एशिया के बाहर सर्वाधिक शतक जड़ने वाले चौथे बल्लेबाज :
विराट कोहली ने
अपने टेस्ट जीवन का 23वां शतक जमाया। कोहली एशिया से बाहर शतक लगाने के मामले में
भारत के चौथे बल्लेबाज बन गए हैं। उनसे पहले सचिन तेंदुलकर ने 18, सुनील गावस्कर ने 15,
राहुल द्रविड़ ने 14 और विराट कोहली ने 11 शतक एशिया से बाहर जाकर लगाए हैं।

एंडरसन ने अगले ओवर में पदार्पण कर रहे ऋषभ पंत (1) को स्लिप में कुक के हाथों कैच कराया। पंड्या ने इसके बाद तेजी से रन बटोरे। उन्होंने एंडरसन पर 2 चौकों के साथ खाता खोला। रहाणे ने स्टोक्स पर चौके के साथ 101वें ओवर में भारत का स्कोर 300 रन के पार पहुंचाया। रहाणे भी आदिल राशिद (3 विकेट पर 101 रन) की सीधी गेंद को चूककर बोल्ड हुए। पंड्या ने इस लेग स्पिनर पर लगातार 2 चौके जड़ने के बाद छक्के के साथ भारत की बढ़त को 500 रन के पार पहुंचाया।
पंड्या ने राशिद पर चौके और 1 रन के साथ 50 गेंदों में अर्द्धशतक पूरा किया। राशिद ने अगली
गेंद पर मोहम्मद शमी (3) को पैवेलियन भेजा। इस ओवर के खत्म होने के बाद कोहली ने 7 विकेट 352 रनों पर भारत की दूसरी पारी घोषित कर दी।




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