1. खेल-संसार
  2. क्रिकेट
  3. समाचार
  4. Indian pacers may hunt down the proteas in thier own backyard

दक्षिण अफ्रीका में टेस्ट सीरीज जीतने का सुनहरा अवसर दे सकते हैं भारतीय तेज गेंदबाज

चेतेश्वर पुजारा
जोहानसबर्ग: भारतीय बल्लेबाज चेतेश्वर पुजारा बेशक फॉर्म में नहीं चल रहे हैं लेकिन उन्हें भरोसा है कि इस बार भारत के पास दक्षिण अफ़्रीका में टेस्ट सीरीज़ जीतने का सुनहरा मौक़ा है। इसके लिए उन्हें अपने तेज़ गेंदबाज़ों से सबसे ज़्यादा उम्मीदें हैं। वह मानते हैं कि भारतीय तेज़ गेंदबाज़ प्रत्येक टेस्ट में 20 विकेट लेने के क़ाबिल हैं।

अपने चौथे दक्षिण अफ्रीका दौरे पर पहुंचे पुजारा ने कहा, "दोनों ही टीमों के बीच जो बड़ा अंतर है, वे हमारे तेज़ गेंदबाज़ ही हैं। अगर आप ऑस्ट्रेलिया या फिर इंग्लैंड दौरे पर टेस्ट सीरीज़ पर नज़र डालें तो आप महसूस करेंगे कि हम एक गेंदबाज़ी यूनिट के तौर पर काफ़ी शानदार थे। मुझे पूरा भरोसा है कि दक्षिण अफ़्रीका में भी यही तस्वीर नज़र आएगी। तेज़ गेंदबाज़ ही हमारी ताक़त हैं, मुझे विश्वास है कि इन कंडीशंस का भरपूर फ़ायदा उठाते हुए हर टेस्ट में तेज़ गेंदबाज़ 20 विकेट ले सकते हैं।"

चोट की वजह से रोहित शर्मा टेस्ट सीरीज़ से बाहर हैं, लिहाज़ा उनकी जगह केएल राहुल के कंधों पर उप-कप्तानी की ज़िम्मेदारी होगी। रोहित को इससे पहले अजिंक्या रहाणे की जगह भारतीय टेस्ट टीम का उप-कप्तान बनाया गया था। इस समय रोहित बेंगलुरु स्थित राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी (एनसीए) में चोट से उबर रहे हैं।

पुजारा ने इसके अलावा कहा कि भारत के लिए एक अच्छी बात यह है कि ज़्यादातर खिलाड़ियों ने हाल ही में लाल गेंद से क्रिकेट खेली है, जो भारत के पक्ष में जा सकती है। नवंबर-दिसंबर में भारत ने न्यूज़ीलैंड की दो टेस्ट मैचों की सीरीज़ के लिए मेज़बानी की थी, जबकि हनुमा विहारी और बैक-अप ओपनर प्रियांक पांचाल भारत ए की ओर से दक्षिण अफ़्रीका दौरे पर प्रथम श्रेणी मैच खेल रहे थे। दूसरी तरफ़ मेज़बान दक्षिण अफ़्रीका ने आख़िरी बार जून में टेस्ट मैच खेला था।
उन्होंने कहा,"अच्छी बात यह है कि हमने हाल ही में दो टेस्ट मैच खेले हैं । लिहाज़ा हमारे कई खिलाड़ियों को लाल गेंद का हालिया अनुभव है, और जहां तक बात तैयारी की है तो हमारे सपोर्ट स्टाफ़ शानदार हैं। हमारे पास अभी पहले टेस्ट से पहले पांच या छह दिन और हैं, मुझे लगता है हमारे लिए पूरी तरह से तैयार होने के लिए ये पर्याप्त समय होगा। भारत के लिए दक्षिण अफ़्रीका में टेस्ट सीरीज़ जीतने का ये सबसे सुनहरा मौक़ा होगा और हम इसके लिए तैयार हैं।"

दक्षिण अफ़्रीका और भारत के बीच होने वाली ये सीरीज़ बायो-बबल के अंदर खेली जाएगी, हालांकि क्रिकेट साउथ अफ़्रीका (सीएसए) ने प्रोटोकॉल में कुछ ढील देने का फ़ैसला किया था, लेकिन साउथ अफ़्रीका में इस समय कोविड का नया वैरिएंट सक्रिय है जिस वजह से सीरीज़ को बायो-बबल में कराए जाने का निर्णय लिया गया है।

चेतेश्वर पुजारा जूझ रहे हैं बुरे फॉर्म से

2018-19 के ऑस्ट्रेलिया दौरे के बाद से पुजारा के बल्ले से एक भी शतक नहीं निकला है और उनकी औसत 28.61 की रही है। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड में उन्होंने कई अहम पारियां ज़रूर खेली लेकिन पूरी तरह अपनी लय प्राप्त नहीं कर पाए। इसी के कारण इस दौरान उनका स्ट्राइक रेट महज़ 36.1 का रहा है। कानपुर टेस्ट में उन्होंने क्रमशः 26 और 22 रन बनाए। मुंबई टेस्ट की पहली पारी में वह 0 पर बोल्ड हो गए थे। दूसरी पारी में ऐसा लगा था कि वह अपना फॉर्म वापस पा लेंगे लेकिन 47 रनों पर वह पवैलियन चलते बने।

दक्षिण अफ्रीका की अब तक की सबसे कमजोर टीम से भिड़ेगी टीम इंडिया

क्रिकेट विशेषज्ञों के मुताबिक यह दक्षिण अफ्रीका की भारत के खिलाफ सबसे कमजोर टीम मानी जा रही है। इस टीम में विश्वसनीयता और लय की कमी दिख रही है। टीम के बड़े नाम टेस्ट क्रिकेट को अलविदा कह चुके हैं। वहीं बल्लेबाजी में एकमात्र विश्वसनीय नाम क्विंटन डि कॉक का भी एक से कम एक टेस्ट ना खेलना पक्का हो गया है।यही कारण है कि यह दक्षिण अफ्रीका दौरा भारत का सबसे बेहतर मौका माना जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि दक्षिण अफ्रीका और भारत के बीच पहला टेस्ट सेंचुरियन में 26 से 30 दिसंबर तक खेला जाएगा, जबकि अगले दो मैच तीन से सात जनवरी और 11 से 15 जनवरी के बीच क्रमश: जोहान्सबर्ग और केप टाउन में खेले जाएंगे। टेस्ट सीरीज की समाप्ति के बाद पार्ल में 19 जनवरी से वनडे सीरीज शुरू होगी। 21 जनवरी को दूसरा मैच भी यहीं पर खेला जाएगा, जबकि तीसरी और अंतिम मैच 23 जनवरी को केप टाउन में होगा।

दक्षिण अफ्रीका की 21 सदस्यीय टीम :डीन एल्गर (कप्तान), तेम्बा बावुमा (उप कप्तान), क्विंटन डी कॉक (विकेटकीपर), कैगिसो रबादा, सरेल इरवी, बेउरन हेंड्रिक्स, जॉर्ज लिंडे, केशव महाराज, लुंगी एनगिदी, एडेन मार्करम, वियान मल्डर, एनरिक नॉर्त्जे, कीगन पीटरसन, रैसी वैन डर डुसेन, काइल वेरेन, मार्को जेन्सन, ग्लेनटन स्टरमैन, प्रेनेलन सुब्रेयन, सिसांदा मगला, रयान रिकेल्टन, डुआने ओलिवियर।
अगला लेख
वर्ल्ड चैंपियन बनने से चूके किदाम्बी श्रीकांत, बोले- इसके लिए सचमुच कड़ी मेहनत की