सम्बंधित जानकारी
- यूक्रेन से लौटे MBBS स्टूडेंट्स का खतरे में भविष्य, भारत के मेडिकल कॉलेजों में नहीं मिलेगा एडमिशन, PM मोदी से गुहार
- मजहबी कट्टरता और हिंसा के खतरों के बीच सबसे बड़े संगठन ‘आरएसएस’ को क्या करना चाहिए
- राष्ट्रपति की शाही बग्घी की कहानी, जिसे भारत ने पाकिस्तान से टॉस में जीता था
- भारत में एक्टिव मरीजों की संख्या 1.50 लाख पार, 3 दिन से आ रहे हैं 21,000 से ज्यादा मामले
- पहले वनडे में भारत ने वेस्टइंडीज को अंतिम ओवर में दी 3 रनों से मात
इंडीज के खिलाफ दूसरे वनडे में मध्यक्रम की गुत्थी सुलझाना चाहेगा यंगिस्तान
पोर्ट ऑफ स्पेन: भारतीय टीम रविवार को जब दूसरे वनडे में वेस्टइंडीज से भिड़ेगी तो कार्यवाहक कप्तान शिखर धवन फिर दूसरी कतार में खड़े खिलाड़ियों से शानदार प्रदर्शन की उम्मीद करेंगे ताकि तीन मैचों की श्रृंखला उनके नाम हो जाये।
भारतीय टीम ने पहला वनडे तीन रन से जीता था और एक और जीत से भारत कैरेबियाई सरजमीं पर लगातार दूसरी वनडे श्रृंखला जीत लेगा।
भारतीय टीम ने शुक्रवार को पहले वनडे में हर विभाग में अच्छा प्रदर्शन किया और तीन मैचों की श्रृंखला में 1-0 से बढ़त बनायी जिसमें धवन और वापसी करने वाले शुभमन गिल के बीच आक्रामक सलामी साझेदारी तथा मोहम्मद सिराज का अनुभवी मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति में गेंदबाजी आक्रमण की सुघड़ता से अगुआई करना शामिल हैं।
गिल 19 से ज्यादा महीने के समय बाद वनडे टीम में वापसी कर रहे हैं और उन्होंने मौके का पूरा फायदा उठाकर 64 रन से अपने करियर की सर्वश्रेष्ठ पारी खेली।
रूतुराज गायकवाड़ और ईशान किशन पर तरजीह देकर चुने गये गिल जब क्वींस पार्क ओवल की पिच पर बल्लेबाजी कर रहे थे तो यह काफी आसान दिख रही थी जबकि ज्यादातर खिलाड़ी इस पर जूझते दिख रहे थे।पूरी पारी के दौरान उन्होंने जितनी गेंद खेलीं, उतने ही रन जुटाये और छह बाउंड्री के अलावा दो छक्के भी लगाये। पर उनकी पारी का अंत रन आउट से हुआ।
अब गिल पर निर्भर करता है कि वह शानदार शुरूआत को बड़ी पारियों में बदल पाते हैं या नहीं। और वह टीम में अपना स्थान पक्का करने के लिये निश्चित रूप से ऐसा करना चाहेंगे।
धवन ने भी दूसरे जोड़ीदार की भूमिका बेहतरीन ढंग से निभायी, उन्होंने और गिल ने 106 गेंद में 119 रन की साझेदारी बनायी। लेकिन सीनियर बल्लेबाज अपने 18वें शतक से चूक गया।
श्रेयस अय्यर ने भी अर्धशतक जमाकर फॉर्म में वापसी की जिससे भारतीय टीम में शीर्ष तीन खिलाड़ियों ने परफेक्ट शुरूआत दिलायी। लेकिन मध्यक्रम के लड़खड़ाने से भारतीय टीम सात विकेट पर 308 रन ही बना सकी जबकि एक समय वह 350 रन से आगे पहुंचने की ओर बढ़ रही थी।
मध्यक्रम में संजू सैमसन एक बार फिर इस स्तर पर मिले मौके का इस्तेमाल करने में विफल रहे, उन्होंने 18 गेंद में 12 रन बनाये।केरल के इस विकेटकीपर ने हालांकि बल्ले की नाकामी की कमी डेथ ओवर में एक शानदार बाउंड्री बचाकर पूरी की जिसकी बदौलत भारतीय टीम मैच की अंतिम गेंद पर जीतने में सफल रही। इस ओवर में मोहम्मद सिराज 15 रन का बचाव कर रहे थे।
रविवार को सूर्यकुमार यादव, सैमसन, दीपक हुड्डा और अक्षर पटेल अच्छा योगदान देना चाहेंगे।धवन ने चोटिल रविंद्र जडेजा की अनुपस्थिति में एक हैरानी भरा फैसला किया, उन्होंने पहले 20 ओवर में विशेषज्ञ युजवेंद्र चहल से पहले कामचलाऊ स्पिनर दीपक हुड्डा से गेंदबाजी करायी।चहल कोई विकेट नहीं झटक सके लेकिन वह भारतीयों के लिये सबसे किफायती (4.40) गेंदबाज रहे, उन्होंने पांच ओवर में बिना विकेट झटके 22 रन दिये।(भाषा)
भारतीय टीम ने पहला वनडे तीन रन से जीता था और एक और जीत से भारत कैरेबियाई सरजमीं पर लगातार दूसरी वनडे श्रृंखला जीत लेगा।
भारतीय टीम ने शुक्रवार को पहले वनडे में हर विभाग में अच्छा प्रदर्शन किया और तीन मैचों की श्रृंखला में 1-0 से बढ़त बनायी जिसमें धवन और वापसी करने वाले शुभमन गिल के बीच आक्रामक सलामी साझेदारी तथा मोहम्मद सिराज का अनुभवी मोहम्मद शमी और जसप्रीत बुमराह की अनुपस्थिति में गेंदबाजी आक्रमण की सुघड़ता से अगुआई करना शामिल हैं।
रूतुराज गायकवाड़ और ईशान किशन पर तरजीह देकर चुने गये गिल जब क्वींस पार्क ओवल की पिच पर बल्लेबाजी कर रहे थे तो यह काफी आसान दिख रही थी जबकि ज्यादातर खिलाड़ी इस पर जूझते दिख रहे थे।पूरी पारी के दौरान उन्होंने जितनी गेंद खेलीं, उतने ही रन जुटाये और छह बाउंड्री के अलावा दो छक्के भी लगाये। पर उनकी पारी का अंत रन आउट से हुआ।
अब गिल पर निर्भर करता है कि वह शानदार शुरूआत को बड़ी पारियों में बदल पाते हैं या नहीं। और वह टीम में अपना स्थान पक्का करने के लिये निश्चित रूप से ऐसा करना चाहेंगे।
धवन ने भी दूसरे जोड़ीदार की भूमिका बेहतरीन ढंग से निभायी, उन्होंने और गिल ने 106 गेंद में 119 रन की साझेदारी बनायी। लेकिन सीनियर बल्लेबाज अपने 18वें शतक से चूक गया।
श्रेयस अय्यर ने भी अर्धशतक जमाकर फॉर्म में वापसी की जिससे भारतीय टीम में शीर्ष तीन खिलाड़ियों ने परफेक्ट शुरूआत दिलायी। लेकिन मध्यक्रम के लड़खड़ाने से भारतीय टीम सात विकेट पर 308 रन ही बना सकी जबकि एक समय वह 350 रन से आगे पहुंचने की ओर बढ़ रही थी।
मध्यक्रम में संजू सैमसन एक बार फिर इस स्तर पर मिले मौके का इस्तेमाल करने में विफल रहे, उन्होंने 18 गेंद में 12 रन बनाये।केरल के इस विकेटकीपर ने हालांकि बल्ले की नाकामी की कमी डेथ ओवर में एक शानदार बाउंड्री बचाकर पूरी की जिसकी बदौलत भारतीय टीम मैच की अंतिम गेंद पर जीतने में सफल रही। इस ओवर में मोहम्मद सिराज 15 रन का बचाव कर रहे थे।
रविवार को सूर्यकुमार यादव, सैमसन, दीपक हुड्डा और अक्षर पटेल अच्छा योगदान देना चाहेंगे।धवन ने चोटिल रविंद्र जडेजा की अनुपस्थिति में एक हैरानी भरा फैसला किया, उन्होंने पहले 20 ओवर में विशेषज्ञ युजवेंद्र चहल से पहले कामचलाऊ स्पिनर दीपक हुड्डा से गेंदबाजी करायी।चहल कोई विकेट नहीं झटक सके लेकिन वह भारतीयों के लिये सबसे किफायती (4.40) गेंदबाज रहे, उन्होंने पांच ओवर में बिना विकेट झटके 22 रन दिये।(भाषा)
