WTC फाइनल से पहले की गई यह गलती इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज में नहीं दोहराना चाहता भारत

Last Updated: शुक्रवार, 25 जून 2021 (22:05 IST)
साउथम्पटन: भारतीय टीम प्रबंधन न्यूजीलैंड के खिलाफ यहां बुधवार को विश्व टेस्ट चैंपियनशिप (डब्ल्यूटीसी) फाइनल में हार के बाद अब के खिलाफ आगामी चार अगस्त से शुरू होने वाली टेस्ट सीरीज से पहले दो या कम से कम एक प्रथम श्रेणी कराने के लिए उत्सुक है।
न्यूजीलैंड से विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप फाइनल हारने वाली भारतीय टीम को एक भी अभ्यास मैच नहीं मिला जबकि न्यूजीलैंड की टीम ने इंग्लैंड से दो टेस्ट मैचों की श्रृंखला खेली थी।
वहीं भारतीय टीम की बात करें तो विश्व टेस्ट चैंपियनशिप से पहले भारतीय टीम ने कोई अभ्यास मैच नहीं खेला था, सिर्फ 2-3 इंट्रा स्कॉड मैच खेले। इस तैयारी का असर टेस्ट के अंतिम दिन दिखा जब न्यूजीलैंड पर पूरी तरह भारी रही।

भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) के अधिकारियों ने सीरीज से पहले अभ्यास मैच के आग्रह की पुष्टि की है। बोर्ड के एक पदाधिकारी ने गुरुवार रात को बताया कि बीसीसीआई सचिव जय शाह भारतीय टीम के प्रतिस्पर्धी अभ्यास मैच के आग्रह पर इंग्लैंड एंड वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ईसीबी) के अध्यक्ष इयान व्हाटमोर और मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) टॉम हैरिसन से बात करेंगे। समझा जाता है कि इस संबंध में पहले ही ईसीबी को एक औपचारिक अनुरोध दिया जा चुका है। एक या दो दिन में बीसीसीआई के सचिव के ईसीबी अधिकारियों से बातचीत के बाद चीजों को अंतिम रूप दिया जाएगा।
उल्लेखनीय है कि दौरे की प्रारंभिक योजना भारतीय टीम के भारत की ए टीम से खेलने की थी। नॉर्थम्प्टनशायर और लीसेस्टरशायर में दो प्रथम श्रेणी अभ्यास मैच खेले जाने थे, लेकिन ब्रिटेन में मौजूदा कोरोना स्थिति और यात्रा प्रतिबंधों को देखते हुए इस योजना को अब ठंडे बस्ते में डाल दिया गया है और इसके बजाय डरहम में एक शिविर लगाया गया है।

भारतीय कप्तान विराट कोहली ने इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज के लिए टीम की तैयारी के बारे में पूछे जाने पर कहा, “यह हम पर निर्भर नहीं करता है। हम यकीनन प्रथम श्रेणी अभ्यास मैच चाहते थे, जो मुझे लगता है कि हमें नहीं दिए गए हैं। मुझे नहीं पता कि इसके क्या कारण हैं, लेकिन हां, इसके अलावा मुझे लगता है कि पहले टेस्ट के लिए तैयार होने के लिए हमारी तैयारी का समय पर्याप्त होगा।'

बोर्ड के एक सूत्र ने बताया ,‘‘ भारत ए टीम का भी दौरा उसी समय होना है। भारत और भारत ए के बीच दो आधिकारिक प्रथम श्रेणी मैच होने थे लेकिन ईसीबी से बातचीत के बाद वे मैच रद्द कर दिये गए।’’

समझा जाता है कि काउंटी क्लब या इंग्लैंड लायंस के खिलाफ प्रथम श्रेणी अभ्यास मैचों की कमी का कारण ईसीबी द्वारा लागू कोरोना प्रोटोकॉल हैं। भारतीय टीम के डरहम पहुंचने के बाद उसे बायो-बबल में शामिल किया जाएगा। वहीं इंग्लैंड के खिलाफ टेस्ट सीरीज से पहले भारत की स्थिति कुछ नई नहीं है। वह इस गर्मी इंग्लैंड का दौरा कर रही अन्य तीन टीमों के समान स्थिति में हैं।

इंग्लैंड के खिलाफ अपनी श्रृंखला से पहले न्यूजीलैंड के पास कोई अभ्यास मैच नहीं था, जबकि श्रीलंका और पाकिस्तान अपनी सीमित ओवर श्रृंखला की तैयारी के लिए काउंटी क्लबों से नहीं खेलेंगे। इतना ही नहीं इंग्लैंड ने भी सर्दियों के दौरान श्रीलंका और भारत के दौरे पर प्रथम श्रेणी टीमों के खिलाफ कोई अभ्यास मैच नहीं खेला था। उनका एकमात्र अभ्यास मैच श्रीलंका में एक इंट्रा-स्क्वाड मैच था।
समझा जाता है कि काउंटी टीमों या लायंस के खिलाफ अभ्यास मैचों की कमी इंग्लैंड बोर्ड द्वारा लगाया गया कोविड प्रोटोकॉल है। भारतीय टीम जब डरहम में जमा होगी तो उसे बायो सुरक्षित बबल तक सीमित कर दिया जाएगा। टीम को अन्य लोगों के आसपास घूमने की अनुमति देना बायो बबल का उल्लंघन होगा। बायो बबल में घुसने वाले को प्रतिबंधित आइसोलेशन और टेस्टिंग से गुजरना होगा।

भारतीय टीम को अब तीन सप्ताह का ब्रेक मिला है। टीम 14 जुलाई को फिर नॉटिंघम में एकत्र होगी और चार अगस्त से टेस्ट श्रृंखला खेली जायेगी।



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