कोहली के लौटने से भारतीय लाइन-अप होगा कमजोर, चयन पर निर्भर करेगा श्रृंखला का भाग्य : इयान चैपल

पुनः संशोधित रविवार, 22 नवंबर 2020 (15:31 IST)
सिडनी। महान क्रिकेटर इयान चैपल का मानना है कि अगले महीने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच पहले टेस्ट के बाद विराट कोहली के लौटने से प्रतिद्वंद्वी टीम के लाइन-अप में बड़ी कमी आएगी जिससे चयन दुविधा पैदा होगी लेकिन श्रृंखला किस दिशा में जाएगी, अंत में फैसला इससे ही होगा।
कोहली में 17 से 21 दिसंबर तक खेले जाने वाले पहले टेस्ट के बाद अपने पहले बच्चे के जन्म के लिए लौट जाएंगे। 77 वर्ष के चैपल को लगता है कि युवा भारतीय बल्लेबाजों के लिए अपना कौशल दिखाने का यह बेहतरीन मौका होगा।

चैपल ने ‘ईएसपीएनक्रिकइंफो डॉट कॉम’ में अपने कॉलम में लिखा, यह भारतीय बल्लेबाजी क्रम में काफी बड़ी कमी ला देगा और साथ ही यह उनके प्रतिभाशाली खिलाड़ियों में से एक के लिए खुद के कौशल को दिखाने का मौका प्रदान करेगा।

उन्होंने कहा, अभी तक रोमांचक भिड़ंत का आकार ले रहे मुकाबले में अब एक और मोड़ आ गया है और वह है अहम चयन फैसले। नतीजे का स्तर नीचे भी आ सकता है जो निर्भर करेगा कि कौन सबसे निर्भीक चयनकर्ता है। उचित चयन करने की महत्ता पर जोर देते हुए चैपल ने ऑस्ट्रेलियाई सलामी जोड़ी के लिए डेविड वार्नर के साथ जो बर्न्स की जगह विल पुकोवस्की को तरजीह दी।

उनके विचार ऑस्ट्रेलियाई कोच जस्टिन लैंगर से अलग हैं जिन्होंने बर्न्स का समर्थन किया जो फार्म में नहीं हैं। चैपल ने कहा कि चयन हमेशा मौजूदा फार्म के आधार पर होना चाहिए। उन्होंने कहा, डेविड वार्नर के साथ सलामी जोड़ीदार के लिए मैं जो बर्न्स और उभरते हुए स्टार विल पुकोवस्की के बीच में से ऑस्ट्रेलियाई कोच की पसंद को लेकर परेशान था।

पूर्व ऑस्ट्रेलियाई कप्तान ने कहा, आपको भागीदारी की अहमियत को लेकर अधिक अंदाजा नहीं लगाना चाहिए। बर्न्स का पिछली गर्मियों में प्रदर्शन 32 के औसत के साथ दो अर्धशतकों से कुल 256 रन बनाना था। यह टेस्ट खिलाड़ी के लिए औसत से निचला प्रदर्शन है। उन्होंने कहा, वहीं पुकोवस्की ने शील्ड स्तर पर छह शतक लगाए जिसमें से तीन दोहरे शतक थे और इसमें से दो दोहरे शतक इस सत्र में लगे।

वहीं चैपल को लगता है कि कोविड-19 महामारी के दौर में तैयारियों की बात की जाए तो इसमें भारत आगे है। उन्होंने कहा, इन गर्मियों में महामारी के कारण बिगड़े हुए ऑस्ट्रेलियाई क्रिकेट कार्यक्रम से भारत को पिछले दौरे में मिली जीत को दोहराने की मुहिम में फायदा मिलेगा।(भाषा)



और भी पढ़ें :