सख्त मनाही के बावजूद दर्शक ग्रीन पार्क में धड़ल्ले से ला रहे हैं टिफिन और बोटल, सुरक्षा इंतजाम पर उठे सवाल

पुनः संशोधित सोमवार, 29 नवंबर 2021 (12:28 IST)
कानपुर: के ग्रीनपार्क स्टेडियम पर भारत और न्यूजीलैंड के बीच खेले जा रहे पहले टेस्ट मैच के दौरान दर्शक दीर्घाओं में न सिर्फ कोविड प्रोटोकाल की धज्जियां खुलेआम उड़ाई जा रही है बल्कि नियमों को दरकिनार कर दर्शकों को टिफिन बाक्स और पानी की बोतलों के साथ बगैर मास्क प्रवेश दिया जा रहा है।

रविवार को ग्रीनपार्क की सभी दर्शक दीर्घायें पूरी तरह भरी थीं। प्रवेश द्वार पर लंबी कतारों में लगे दर्शकों में से अधिकांश के चेहरे पर मास्क नदारद था जबकि कई अपने कंधों पर बैग टांगे हुये थे। प्रवेश के समय तैनात कर्मी दर्शकों की जेब में पड़े सिक्कों को अंदर नहीं ले जाने दे रहे थे मगर दूसरी ओर बैग के अंदर पड़े सामान पर उनकी कोई नजर नहीं थी और न हीं थर्मल स्कैनिंग और सेनेटाइजर वगैरह के कोई इंतजाम थे।

ग्रीनपार्क पर दर्शक उड़ा रहे हैं घर की बनी पूरी सब्जी की दावत

दर्शक दीर्घा में गंदगी का आलम इस कदर दिखा कि चलना फिरना दूभर था। जगह जगह पड़े चिप्स के रैपर,काेल्ड ड्रिंक्स के गिलास माहौल को असहज बना रहे थे। स्टैंड पर कई दर्शक घर से लाई स्टील के टिफिन में लाये खाद्य पदार्थो को मजे से खा रहे थे और पानी की बोतल से गला तर कर रहे थे। नियमो का पालन कराने के जिम्मेदार यूपीसीए के अधिकारी सारा दिन जिला प्रशासन के आला अधिकारियों और निकट संबंधियों के स्वागत सत्कार में व्यस्त थे जबकि पुलिसकर्मी मजे से मैच का मजा ले रहे थे।

बोतल,टिफिन और अन्य सामान ले जाने की मनाही

यहां गौर करने वाली बात है कि सुरक्षा कारणों से दर्शक दीर्घा में बोतल,टिफिन और अन्य सामान ले जाने की पूरी तरह मनाही है। इस प्रवेश द्वार पर इक्का दुक्का पुलिसकर्मी के अलावा निजी कंपनी के कर्मचारी और सुरक्षा गार्ड तैनात किये गये है जो बैग अथवा उसमें रखे सामान के बजाय सिक्कों को न ले जाने पर तरजीह दे रहे हैं और न ही मेटल डिक्टेटर से दर्शकों की चेकिंग की जा रही है जिसे सुरक्षा में एक बड़ी चूक माना जा सकता है।

दर्शक दीर्घाओं में सामाजिक दूरी को कोई अनुपालन नहीं किया गया जबकि मास्क वगैरह तो दूर की बात थी। लोगबाग सेल्फी लेने में मशगूल दिखायी पड़े। शौचालय गंदगी से बजबजा रहे थे। यहां तक कि डायरेक्टर पवेलियन के प्रवेश द्वार के पास मैच शुरू होने के बाद भी गंदगी को साफ नहीं किया गया था और उसे तिरपाल से ढक दिया गया था।

गौरतलब है कि टेस्ट मैच शुरू होने से पहले जिला प्रशासन ने नियमों की एक सूची प्रकाशित की थी जिसके अनुसार लोगों को बगैर मास्क प्रवेश नहीं दिया जायेगा। दर्शक कोई भी सामान के साथ स्टैंड पर प्रवेश नहीं कर सकेंगे। दर्शकों को सामाजिक दूरी का पालन करना होगा मगर ये सभी कानून कागजी साबित हुये। इस कृत्य के गवाह टीवी प्रसारण के जरिये देश दुनिया के करोडों लोग बने।

गौरतलब है कि दर्शकों को स्टेडियम में मैच के दौरान तथाकथित सामग्री ले जाने पर पाबंदी इस कारण लगाई जाती है ताकि दर्शक स्वेदेशी या फिर विदेशी खिलाड़ी की ओर इसे अपने गुस्से का जरिया ना बना ले।

वह मैदान में इन वस्तुओं को फैंककर खिलाड़ी को चोटिल कर सकते है। इससे ना केवल मैच के नतीजे पर फर्क पड़ सकता है लेकिन विश्व क्रिकेट में भारत की छवि भी धूमिल हो सकती है।



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